Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

भारतीय राजनीति और चुरवे नेता

भारत में अब तक सैकड़ों घोटाले हो चुके हैं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय में कृष्णा मेनन द्वारा जीप घोटाला, बोफोर्स घोटाला वक्फ संपत्ति घोटाला ना जाने कितने घोटाले अब तक हो चुके हैं मगर अब तक इन सब बातों को नजरअंदाज कर दिया गया या जांच बैठाई गई अब भारतीय जनता पार्टी के द्वारा अपने विरोधियों के प्रति जिस तरीके का इस्तेमाल किया गया है वाह वह तरीका इंतेहाई गल़ीज़ , उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री के ऊपर टो चोरी का इल्जाम लगाया गया किसी तरह उत्तर प्रदेश के मंत्री के ऊपर बकरी चोरी भैंस चोरी व किताब चोरी का इल्जाम लगाया गया बल्कि उसके ऊपर एफ आई आर दर्ज कराई गई इन चोरियों को किसी भी रूप में देखा जाए मगर जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति मैं बात उठेगी तब हमें यह मालूम होगी भारतीय राजनीति में नेता किताब चोर बकरी चोर भैंस चोर टोटी चोर भ्रष्ट संसद में सवाल उठाने पर पैसे लेने वाले माफियाओं से संबंध रखने वाले कातिल खूनी दंगे करवाने वाले टैक्स के द्वारा अर्जित रकम को खुर्द बुर्द करने वाले हैं इस तरह जो इल्जाम विपक्षी पार्टी पर लगाएं गए है और लगाए जा रहे है उससें भारत की छवि न केवल भारत मे बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी गिर रही है जब भी बात उठेगी तो यह कहा जाएगा भारत में मुख्यमंत्री टोटी चोर और मंत्री बकरी चोर किताब चोर आदि होते हैं

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