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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

                                                                   हस्बुनाह किताबउल्लाह अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अप...

मौत का सौदागर : 1

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वोट लेने के खातिर श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री गुजरात नरेन्द्र दामोदर मोदी को मौत का सौदागर कहा गया,दोषियों के लिए special investigation team अर्थात S.I.T.का गठन किया गया जिसका नतीजा ढाक के तीन पात या white elephant साबित हुआ , गोधरा कांड के बाद मुस्लिम कुश फसादात मे तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा दी गयी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की क्रिया की प्रतिक्रिया हो रही है दूसरे शब्दो मे कहा जाए तो घटना को जायज़ ठहराया गया अब सवाल यह पैदा हुआ की राज्य का प्रमुख ही जब उसे जायज़ ठहरा रहा हो तो उसे इन फसादात को रोकने मे क्या दिलचस्पी होगी इस तरह मुस्लिम नरसंहार को रोकने की कोशिश न करने पर तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेई द्वारा राज्य धर्म का पालन करने की नसीहत गुजरात सरकार को दी गयी मगर उनके जीते जी किसी ने ये सवाल नहीं पूछा कि अगर तत्कालीन गुजरात सरकार ने राज्य धर्म का पालन नहीं किया तो केन्द्र मे सत्तासीन सरकार ने भी राज्य धर्म का पालन नहीं किया आइये जानते है इन सब बातों के होते हुए क्या दोषियों को सज़ा दी जा सकती थी या नहीं इसके लिए हमे संविधान के अनुच्छेद 361 का अध्...