Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

आरक्षण

आरक्षण की ज्वलंत मुद्दा है जी के समर्थन में करोड़ों लोग हैं और इसके विरोध में भी करोड़ों लोग हैं समाज में जो कुलीन वर्ग कुलीन वर्ग है या उच्च जाति के लोग हैं वह आरक्षण का विरोध हमेशा से करते रहे हैं उनके अपने तर्क तरह तरह के हैं आरक्षण का समर्थन करने वाले लोगों के समर्थन करने के अपने तरीके तर्क हैं हिंदुओं के कुल्लू कुलीन वर्ग की कुलीन वर्ग की संस्था आर एस एस के प्रमुखों के द्वारा अनेकों बार आरक्षण के विरोध में तर्क दिया गया और उसे खत्म करने की दलील दी गई लेकिन कोई भी सरकार हो वह एक बहुत बड़े वोट बैंक को क्रोधित करके कोप भाजन नहीं बनना चाहती थी लेकिन इसके साथ ही भारत सरकार ने आरक्षण पर कुठाराघात करने के लिए एक स्वर्णा आरक्षण 10 परसेंट की व्यवस्था की गई दूसरे एक अन्य बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया गया जिसे निजी करण कहते हैं निजी करण के माध्यम से भी आरक्षण को समाप्त किया जा सकता है निजी संस्थाओं में आरक्षण के प्रावधान प्रधान लागू नहीं है जो लागू है वह सरकारी संस्थाओं में है इस प्रकार भारत सरकार ने बिना संसद में बहस कराए आरक्षण पर बड़ा कुठाराघात किया और स्वर्ण वर्ग के लोगों इस माध्यम से भी तुष्टीकरण करने का प्रयास किया गया आरक्षण वर्ग के वोट प्राप्त करके भी जो जो कुठाराघात लगाया है वह आरक्षण प्राप्त करने वाले भी नहीं समझ सके

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