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जुलाई, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

न्याय से उठता विश्वास

भारत के मुख्य न्यायाधीश का यह कहना ज्ञापन के स्थान पर याचिका दाखिल करे और कानून के अनुसार न्याय दिया जायेगा, पहली बात मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के दुरुपयोग और करोड़ों लोगों के वोटर लिस्ट से बाहर किया गया है, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग विपक्ष कर रहा है। सवाल पैदा होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अगर मुकदमा न्यायालय में दाखिल कर भी लिया जाए और मुकदमे को स्वीकार कर लिया जाए तो इसका परिणाम होगा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन का खात्मा और नियमानुसार कोर्ट का फ़ैसला होगा कि संसद में बना कानून के अनुसार मुख्य चुनाव आयोग के ऊपर पद में रहते हुवे और सेवा निवृत होने के बाद मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है दूसरी बात जब जज न्याय करने के स्थान पर सुझाव देने लगे और अपराधी को दंडित करने के बजाय पीड़ित को सुझाव दें कि इस बार नाम कट गया है वोटर लिस्ट से तो क्या हुआ अगले बार वोट डाल देना लेकिन इस बार अगर नाम कट गया तो अगले बार वोटर लिस्ट में नाम क्यों आएगा यह बताने वाला कोई नहीं है इसलिए लोग न्यायपालिका से न्याय के मामले मे ना उम्मीद होते चले जा रहे हैं और सरकार के मंशा के अनुसार का...

मुआविया बाग़ी

हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहों अलैह व आले वसल्लम ने हज़रत अम्मार इब्ने यासिर के बारे मे महत्वपूर्ण पेशीनगोई (बशारत) दी “ अम्मार इब्ने यासिर का कत्ल एक बाग़ी गिरोह करेगा और वह बाग़ी गिरोह जहन्नमी होगा “  यहाँ पर अम्मार इब्ने यासिर को कत्ल करने वाले को बताया जा रहा है कि कत्ल करने वाला गिरोह (समूह/group )पूरा गिरोह ही बाग़ी है गिरोह के किसी एक फर्द (व्यक्ति )को नहीं कहा गया और न उस अफ़राद को केवल कहा गया जो अम्मार का कत्ल करेगा बल्कि बशारत ये दी गयी है कि पूरा गिरोह बाग़ी है और जहन्नमी है ।   आइए देखते है हज़रत अम्मार इब्ने यासिर को कब कत्ल किया जाता है और अम्मार किसके साथ है । हज़रत अम्मार को सिफ़फीन नामक जगह पर होने वाली जंग जो हज़रत अली अलैहिस सलातों वससलाम और मुआविया के दरमियान हुई थी इस जंग मे हज़रत अम्मार को शहीद किया गया था और अम्मार मौला अली की ओर से लड़ रहे थे ।   पहला और महत्वपूर्ण सवाल है कि हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहों अलैह व आले वसल्लम की पेशीनगोई के अनुसार अम्मार को बाग़ी गिरोह कत्ल करेगा । हज़रत अली अलैहिस सलाम जब ज़ाहिरी मसनद खिलाफत पर नमूदार हुए तो ...

शरियत बडी है या संविधान

किसी एन्कर ने पूछा शरियत बडी है या संविधान मेरे ख्याल से और मुसलमान होने के नाते शरियत बडी है उसका सबसे बडी दलील यह है कि शरियत अल्लाह का बनाया कानून है जबकि संविधान इन्सानो के द्वारा बनाया गया है शरीयत की देफा के लिए संविधान की अनुच्छेद 25 से 30 मे अधिकार दिया गया है