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Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

जम्मू और कश्मीर का विभाजन और उसके लाभ: 3

जम्मू और कश्मीर के बहुसंख्यक को अपना बताना समझाना और दूसरी ओर पाकिस्तान की दावेदारी जिसमे जम्मू और कश्मीर के हिन्दू राजा के विलय को चुनौटी दी जा रही थी कि जम्मू कश्मीर की जनता भारत के साथ नहीं मिलना चाहती जबकि भारत का कहना है कि उसके यहाँ जो चुनाव कराये गए है उससे जम्मू कश्मीर की जनता ने भारत मे मिलने की पुष्टि की गयी जबकि पाकिस्तान द्वारा जनमत कराने की मांग को विश्व भर मे उठाया गया, प्रारम्भ मे जो सुविधाए जम्मू कश्मीर को दी गयी थी उसमे वहाँ के लोगो की भावनाए को भारत के साथ जोड़ने की थी लेकिन उनकी इस भावनाए मे शेख अब्दुल्लाह को भी देखा गया जो सालो सलाखों के पीछे रखे गए और अधिकतर समय गवर्नर रुल के अन्तर्गत जम्मू कश्मीर मे रखा गया। जम्मू कश्मीर मे अब तक जितने भी गवर्नर बनाये गए है जो निम्न प्रकार है: 1. महाराजा करन सिंह 17 नवम्बर 1952 से 30 मार्च 1965 तक सदरे रियासत रहे है। 30 मार्च 1965 से 15 मई 1967 तक गवर्नर रहे 2. भगवान सहाय I.C.S.- 15 मई 1967 से 3 जुलाई 1973 तक गवर्नर रहे। 3. एल.के.झा -I.C.S.- 3 जुलाई 1973 से 22 फ़रवरी 1981 4. बी.के.नेहरू I.C.S.- 22 फ़रवरी 1981 से 26 अप्रैल 1984 5. जगम...