संदेश

अगस्त, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

भूकम्प (ज़लज़ला)

चित्र
               भूकम्प (ज़लज़ला) सूरे ज़िलज़लाह  आयत संख्या 1 “ इज़ा ज़ुलज़लाती अर्ज़ ज़िलज़लाह ” जब ज़मीन ज़ोरों से हिला दी जाएगी । कुरान मजीद हर दौर (सब ज़माने/ वक़्त/ युग ) के लिए है भूकम्प या ज़लज़ला के बारे मे जैसा कुरान हकीम मे उल्लेख किया गया है वैसा कहीं और नहीं है पिछले दौर मे भूकम्प आए होंगे हाल मे भी भूकंप आते है और आने वाले समय मे भी भूकम्प आएंगे लेकिन जिस दौर के भूकम्प का जिक्र किया जा रहा है उस के बारे मे आगे आयत बता रही है कि ज़मीन खज़ाने (लफ़्ज़ अखरज़ात का जिक्र किया जिसका अर्थ है खर्च होने वाली चीजे का निकलना जैसे कोयला गैस पेट्रोल डीज़ल सोना कोबाल्ट आदि) उगल देगी । उस वक़्त के ज़मीन के ज़ोरों से हिला देने का जिक्र किया गया है । ज़मीन के हिलाने का ज़िक्र जो किया गया है उसमे यह नहीं कहा गया है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त के हुक्म से भूकम्प आएगा मलाएका या जिन्न  के कारण आएगा या आदमी के द्वारा बनाए गये असलहे के कारण होगी इन सब से भूकम्प या जलजला आ सकता है लेकिन सच्ची किताब ने आने वाले वक़्त मे जो जिक्र किया है उसे आज की दुनिया मे समझा जा सकता है पहले के...

भारतीयों का मानसिक विभाजन

चित्र
भारतीयों का मानसिक विभाजन इण्डिया मे लोग विभाजित हो गये है यह विभाजन कई प्रकार के है :- 1. समान नागरिक संहिता को बनाने मे होने वाले कानून के विरोध और समर्थन मे मानसिक विभाजन हो चुका है । 2. धर्मांतरण के मुद्दे के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 3. हिजाब को लागू करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 4. सामूहिक रूप से मुस्लिमों ईसाई के कत्ल के समर्थन और उसके विरोध मे । 5. मुस्लिम नामों के हटाने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 6. सविधान के अनुच्छेद 370 हटाने के पक्ष मे और विरोध मे । 7. नमाज़ पढ़ने और उसका विरोध करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 8. कुर्बानी को रोकने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 9. F.C.R.A. को अक्लीयतों (अल्पसंख्यक/मनॉरटी) को निर्गत न करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 10. मुस्लिमों को आरक्षण देने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 11. सामाजिक न्याय की बात करने को तुष्टीकरण (appeasement) का नाम देने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 12. पुरानी पेंशन के लागू करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 13. बजरंग दल , विश्व हिन्दू परिषद ,शिव सेना ,क्षत्रिय सेना , आरएसएस और अन्य संगठनों के आत...