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Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

खलीफा

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खलीफा का शाब्दिक अर्थ प्रतिनिधि, स्थानापन्न, नायब कहते है खलीफा उसे कहते है जो किसी की दी हुई मालिकाना मे उसके दिए हुए अधिकारों का प्रयोग उसके आदेशानुसार करे । खलीफा स्वामी और मालिक नहीं होता उसका काम केवल मालिक के आदेशों का पालन करना और उसकी इच्छा को पूरा करना होता है। अल्लाह ने अपना खलीफा तकर्रूर (नियुक्त )करने के लिए क़ुरान मजीद का सूरा बकरा आयत 30 मे इरशाद फरमाया है कि “इन्नी ज़ाएरतुन फिल खलीफा” मै ज़मीन मे खलीफा तकर्रूर करने वाला हूँ “ फरिश्तों ने कहा “क्या उस मे तू उसे तकर्रूर करेगा जो उसमे फसाद पैदा करेगा और खून खराबा करेगा हम तेरी तारीफ के साथ तसबीह व तकदीस करते रहते है अल्लाह ने इरशाद फरमाया कि मै वो जानता हूँ जो तुम नहीं जानते । और उसने आदम को सारे नाम सिखाए फिर उनको फरिश्तों के सामने पेश किया, और कहा : तुम मुझे इनके नाम बताओ यदि तुम सच्चे हो । फ़रिश्ते बोले ! पाक है ! हमे तो बस उतना ही इल्म है जितना इल्म तूने हमे दिया है । निसन्देह तू ही इल्म वाला और हिकमत वाला है । कहा : या आदम ! तुम इनको इनके नाम बताओ , जब उस ने उन्हे उनके नाम बताये तो उसने कहा : क्य...