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दिसंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

USS जार्ज वाशिंगटन पर ईरान का हमला

 USS जार्ज वाशिंगटन पर हमला हो गया ऐसा हमला ईरान ने किया जिसकी हिम्मत न रूस कर सका न चीन कर सका, ईरान के दानिश्वर लोगो ने अमेरिका और उसके लोगों को अच्छी तरह समझा और जाना और इस बात का अध्ययन भी किया गया जिसमे अरब और यूरोप के देशों द्वारा पूर्व में की गई कार्यवाही को देखा। अब पिछले सालों को देखे तो अमेरिका मुस्लिम देशों के खिलाफ काम एक लम्बे समय से करता आ रहा है। सन 1998 में भारत और पाकिस्तान के परमाणु बम के परीक्षण के बाद विश्व का दृश्य लगातार बदलता जा रहा था। सन 1999में कारगिल युद्ध और सन 2000 में हिजबुल्लाह के द्वारा लेबनान की ज़मीन को इसराइल से वापस लेना इसके साथ 2001 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद अफगानिस्तान पर अमेरिका नाटो के साथ मिलकर हमला कर दिया गया और उसी वक़्त समय और सन पर ध्यान दे जब सन 2002 में गुजरात में मुस्लिम नरसंहार किया जा रहा था समय पर गौर करे सन 2003 में इराक़ पर हमला किया। सन 2006 में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच जबरदस्त जंग होती है और इसराइल को इस जंग में जो शिकस्त मिली। उसके बाद अमेरिका और साथी देशों ने फौजी तैयारी शुरू की जिसका नतीजा नज़र आया सन 2011 में जिस...

withdraw of france

Some countries like France and other withdrew from the american led coalition against the yaman ansarullah. This withdraw is not to help the Yemen ansarullah or Iran. Very dangerous situation happened in Europe because of Russia and Ukraine war. Now Russian are backing the Iran houthi Hezbollah and other Iraqi resistance. It is certain that Russia will come in this middle east war. War will be envitable. Russian are ready to nuclear war and warning has been given. Those countries are giving logistics support to Ukraine will come into nuclear attack. So withdraw from coalition is a wisdom of that country not the woe of houthi iran Hezbollah nor fear of that.

आतंकी इस्राइल की करतूत

आतंकी इस्राइल और यहूदी इस्राइली ने रुस को तबाह और बर्बाद करने के लिये अमेरिका और नाटो के साथ मिलकर साज़िश रची और घातक हथियार अमेरिका के साथ आतंकी इस्राइल ने भी आपुर्ति की, इस के बाद रुस के president ने आतंकी इस्राइल का वो हश्र कराया है कि दुनिया देख रही है यही मुकद्दर अमेरिका ब्रिटेन और फ़्रान्स का होना है ! आतंकी यहूदी इस्राइली की मदद करने शैतानी ताक़ते अर्थात् अमेरिका ब्रिटेन फ़्रान्स आ गये और रुस भी इनको दर्दनाक सज़ा दिलाने के लिये यमन के अन्सार उल्लाह का समर्थन करना शुरू कर दिया अमेरिका ब्रिटेन और फ़्रान्स इन शैतानी ताक़तो को नेस्त ए नबूद करने के लिये दुनिया की कई ताक़ते एक हो चुकी है शैतानी ताक़ते दुनियां के अमन के लिए खतरा बन चुके हैं आने वाले समय मे अमेरिका के कुछ और बाज़ू काटे जाएंगे युक्रेन और आतंकी इस्राइल को रुस बरबाद कर चुका है अब यह देखना है कि अमेरिका के अन्य बाज़ू को रुस कैसे तबाह और बर्बाद करता है