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दिसंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

इस्लामिक नाटो या इसराइल के खिदमतगार

हाल ही में तुर्की पाकिस्तान सऊदी अरब ने सुरक्षा पैक्ट किया है किसी एक देश में हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। ऐसा लोगो में भय पैदा कर रही है कि भारत के लिए बड़ा खतरा है या तुर्की की आर्मेनिया और ग्रीस से टकराव है और सऊदी अरब का यमन के अंसारउल्लाह से टकराव है। इस गठबंधन से जिन देशों को खतरा उत्पन्न हुआ वो भारत आर्मेनिया ग्रीस साइप्रस और यमन को ले लेते है। क्या यह इस्लामिक गठबंधन है या इस्लामिक गठबंधन के नाम पर यहुदी और अमेरिका उसके सहयोगी देशों को लाभ पहुंचाना है। तुर्की के विदेश मंत्री का यह आश्वस्त करना कि यह गठबंधन इसराइल और ईरान के खिलाफ नहीं है? इसको समझते है 07 अक्तूबर 2023 के बाद से फिलिस्तीनीयों के कत्ले आम के बाद तुर्की पाकिस्तान और सऊदी अरब ने कोई सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया हां अगर कोई मजबूती से काम किया गया है तो वो है बयानबाज़ी, बयानबाजी मे किसी तरह की कोई कमी नहीं की गई। इसराइल को आश्वस्त कर दिया गया। अब ईरान की बात आयी ईरान को भी आश्वस्त किया लेकिन साथ में यमन के खिलाफ कार्यवाही करने के इमकान है। अब अमेरिकी साज़िश और उसके इन आलाकारों को समझते है:- 1. हिजबुल्लाह को निशस्त्र...

withdraw of france

Some countries like France and other withdrew from the american led coalition against the yaman ansarullah. This withdraw is not to help the Yemen ansarullah or Iran. Very dangerous situation happened in Europe because of Russia and Ukraine war. Now Russian are backing the Iran houthi Hezbollah and other Iraqi resistance. It is certain that Russia will come in this middle east war. War will be envitable. Russian are ready to nuclear war and warning has been given. Those countries are giving logistics support to Ukraine will come into nuclear attack. So withdraw from coalition is a wisdom of that country not the woe of houthi iran Hezbollah nor fear of that.

आतंकी इस्राइल की करतूत

आतंकी इस्राइल और यहूदी इस्राइली ने रुस को तबाह और बर्बाद करने के लिये अमेरिका और नाटो के साथ मिलकर साज़िश रची और घातक हथियार अमेरिका के साथ आतंकी इस्राइल ने भी आपुर्ति की, इस के बाद रुस के president ने आतंकी इस्राइल का वो हश्र कराया है कि दुनिया देख रही है यही मुकद्दर अमेरिका ब्रिटेन और फ़्रान्स का होना है ! आतंकी यहूदी इस्राइली की मदद करने शैतानी ताक़ते अर्थात् अमेरिका ब्रिटेन फ़्रान्स आ गये और रुस भी इनको दर्दनाक सज़ा दिलाने के लिये यमन के अन्सार उल्लाह का समर्थन करना शुरू कर दिया अमेरिका ब्रिटेन और फ़्रान्स इन शैतानी ताक़तो को नेस्त ए नबूद करने के लिये दुनिया की कई ताक़ते एक हो चुकी है शैतानी ताक़ते दुनियां के अमन के लिए खतरा बन चुके हैं आने वाले समय मे अमेरिका के कुछ और बाज़ू काटे जाएंगे युक्रेन और आतंकी इस्राइल को रुस बरबाद कर चुका है अब यह देखना है कि अमेरिका के अन्य बाज़ू को रुस कैसे तबाह और बर्बाद करता है