संदेश

Ahmad Rizvi

यज़ीद का अक़ीदा क्या था?

 इस बात को जानने की कोशिश करते है कि यज़ीद पलीद लानत उल्लाह अलैह का अक़ीदा क्या था? सबसे पहले कर्बला में होने वाली जंग के बाद जो वाक्य उसने कहा उससे तो उसके काफ़िर होने में कोई सन्देह नहीं है।" आज मेरे पूर्वज जो जंगे बद्र और जंगे उहद में मारे गये खुश हो जाते । इससे एक बात तो तय है कि यज़ीद जंगे बद्र और जंगे उहद को जानता था इसके साथ उसके जो मक़तूलीन थे वो काफ़िर थे यह भी जानता था और उसका रसूल उल्लाह का इंकार फ़रिश्तों के नुज़ूल का इंकार किताब उल्लाह का इंकार और यह कहना कि यह सब बनी हाशिम का ढोंग था हुकूमत हासिल करने के लिए इन सब के साथ इस के बाप और दादा अबूसूफियान जो हमेशा काफ़िर रहे और फतेह मक्का में अपनी जान की अमान हासिल की और इससे पहले इस्लाम को मिटाने में अपनी मुख्य भूमिका निभा चुके थे इस्लाम में दाखिले के बाद मौला अली को रसूल ए खुदा ने वही हैसियत अता की जो रिसालत माब की है इसके बाद माविया बागी ए इस्लाम हो गया और काफ़िर हो गया उसका अक़ीदा उस्मान के साथ जुड़ा जो बनी उमैया का फर्द था और उसने मुखालफत की रिसालत माब की और अपने रिश्तेदारों को मरवान और हक़म जिनको शहर बदर किया था रिसालत माब न...

तुर्की पाकिस्तान सऊदी अरब गठबंधन और इसराइल

 तुर्किये पाकिस्तान सऊदी अरब का जो गठबंधन बना है जो सैन्य संधि की गई है वो सिर्फ और सिर्फ अमेरिका और इसराइल की टूटी हुई इज़्ज़त अफ़ज़ाई के लिए किया जा रहा है इन तीनों गद्दारो को समझने के लिए इतना ही काफी है  1. तुर्की नाटो का सदस्य है और नाटो का मुखिया है अमेरिका तुर्की लगातार इसराइल को हथियार और तेल की आपूर्ति करता रहा है। 2. पाकिस्तान की मौजूदा हुकूमत को सत्ता में लाने और इमरान खान की हुकूमत को पलटाने में अहम भूमिका निभाई। और पाकिस्तान हमेशा से पश्चिमी देशों का सहयोगी रहा है। 3. सऊदी अरब के बेहतरीन ताल्लुकात इसराइल और अमेरिका से है अब तक लाखों फिलिस्तीनी मारे गए है सऊदी ने गठबंधन नहीं बनाया लेकिन यमन के खिलाफ गठबंधन बनाया था और आज यह गठबंधन ईरान के खिलाफ है। सवाल पैदा होता है ईरान के खिलाफ़ कैसे है यह गठबंधन तो सीरिया में आतंकवादी मोहम्मद अल जुलानी आज के अहमद अल शरा ने इसराइल के लिए रास्ता हमवार कर दिया और सीरिया की ज़मीन को इसराइल को देना शुरू कर दिया। इन सबका मकसद अमेरिका और इसराइल की खिदमत करना है। एक बात और कहता चलूँ ईरान की जंग 28 फरवरी 2026 से लगातार चल रही है जंग बंदी नही...

मौलूद –ए- काबा

चित्र
                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

तबर्रा

                                           तबर्रा तबर्रा कया है ? तबर्रा का अर्थ बरात से है । बरात के मायने है अलग करना है । सबसे पहले अल्लाह सुभान व तआला ने इबलीस को अलग (बारात) किया जब उसने (शैतान) आदम का सजदा करने से इंकार किया था । कलमा ला इलाहा इललल्लाह इसमे अलग किया गया “ला इलाहा “ कोई इलाहा (पूज्य /इबादत) नहीं सिर्फ अल्लाह के ला इलाह बरात करने का बड़ा सवाब है । सूरा अत- तौबा (आयत नं. 1 और 2) अल्लाह और उसके रसूल की ओर से उन मुशरीकों (शिर्क करने वालों) से जिन से तुमने अहद कर रखा था बेज़ारी है । तो मुशरीकों जमीन मे चार महीने चल फिर लो और जान रखो कि तुम अल्लाह को आजिज़ न कर सकोगे और यह भी कि अल्लाह काफिरों को रुसवा करने वाला है । लोगों ने तबर्रा को गाली देना समझ लिया है तबर्रा का मतलब है बरात करना, अलग करना, दूरी बनाना है । अल्लाह सुभान व तआला ने लानत भेजी है शैतान मरदूद पर, ...

जवाबदेही/उत्तरदायी/accountability

                   जवाबदेही/उत्तरदायी/ accountability आज़ाद भारत और राजशाही मे अन्तर क्या है जब दोनों मे अधिकारीयों या नौकरशाह की मनमानी पर अंकुश ही न हो जब अदलिया सुनववाई करने से सीधा मना कर दे या यह कहे कि उसके पास इसके सुनने का समय ही नहीं है या राजा की मंशा के अनुसार काम करे और न्याय का गला घोंट दे तानाशाही राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर रह ही नहीं जाता जब जवाबदेही निर्धारित न हो फिर राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर सरकार चुनने का है और कोई अन्तर नहीं है । आज जब देखते है तो किसी आवेदन पत्र सदेश को लेने से इंकार कर दिया जाता है इसे आप छोड़ जाओ इस पर कोई प्राप्ति नहीं देंगे । डाकिया अपनी ड्यूटी से बचने के लिए अक्सर व्यक्ति मिला नहीं डाक वापस थाने मे आवेदन पत्र को पहले लेकर उसमे तोल मोल होता है तोल मोल होने के बाद प्राथीमिकी दर्ज की जाती है । आला अधिकारी से शिकायत के बाद भी दरोगा जी शिकायतकर्ता को धमकाते है और एफ आई आर दर्ज नहीं करते सरकारे क्राइम को कम करके बताती है कि उनका शासन बहुत बढ़िया है थाने मे लोगो...

पश्चिमी देशो के मानवाधिकार के ढोंग!

 मानवाधिकार का मामला हो या अन्य कोई मामला उसको पश्चिमी देश तभी उठाते है जब उस मानावाधिकार के मुद्दे से राजनिति के लाभ लेने हो या उस देश को अपने हितो के लिये मजबूर करना हो जैसे अल्पसंख्यको के उपर अत्याचार हो रहा ईसाई मारे जा रहे है या ईसाईयों की घर वापसी हो रही है हंगामा काट देते पश्चिमी देश छोटी छोटी घटनाओ पर पूरे विश्व की मीडिया हंगामा मचा देती बहिष्कार हो रहा होता उस देश का सैन्कशन लग रहे होते और व्यापार का बहिष्कार किया जा रहा होता इस तरह पूरी दुनिया से काट दिया गया होता एक अल्पसंख्यक की मौत पर ऐसा हंगामा किया जा रहा होता है | और अगर अमेरिका और पश्चिमी देशो के वर्चस्व को बढावा देने के लिए उनकी ताक़त मे इजाफ़ा के लिए हो उनकी सीमाओ का विस्तार के लिए हो उनकी दूसरे देशो की लूट के लिए सहयोगी हो तो फ़िर खामोशी रहती है पश्चिमी देशो के हुक़ुमरानो मे मीडिया मे और अन्य संस्थानों मे| फ़िर लाखो लोगो को नज़रबन्द कर लिया गया हो तो भी खामोशी होगी लोगो का क़त्ले आम (फ़िलिस्तीन इराक़ सिरिया आदि)  हो तब भी खामोशी रहती है  कहने का तात्पर्य यह है कि इन पश्चिमी देशो ने मानव मूल्यो से सम्बन्धित मामल...