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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

                                                                   हस्बुनाह किताबउल्लाह अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अप...

जम्मू और कश्मीर का विभाजन और उसके लाभ: 8

1. जम्मू और कश्मीर राज्य को दो भागो मे विभाजित करके मुस्लिम आबादी को जनसंखकीय/demographic बदलाव का प्रयास सफल होता दिख रहा है। राज्य मे होने वाली समस्त नियुक्तियों मे केन्द्र का सीधा हस्तक्षेप और नियुक्तियों को सम्पूर्ण भारत से भर्ती करना होगा 3. धारा 35 A को समाप्त करके राज्य मे शरणार्थी को नागरिकता प्रदान करना। 4. राज्य मे डेमोग्राफिक बदलाव के लिए कश्मीरी पंडितो जो उनका हक़ है बसाने के साथ सेवानिव्रत/रिटायर्ड फौजी को बसाना। 5. अब तक जो कानून parliament मे निर्मित किए जाते थे उसमे विशेषकर ये प्रावधान होता था कि जम्मू और कश्मीर को छोडकर समस्त भारत मे लागू होगा जो अब जम्मू और कश्मीर मे भी सम्मिलित है और होगा 6.राज्य मे princely स्टेट से लेकर 1947 तक जम्मू और कश्मीर का अलग झण्डा था जम्मू और कश्मीर के विलय के बाद राज्य मे दो झंडे सम्मिलित थे एक union of india का दूसरे जम्मू और कश्मीर के राज्य का,5 अगस्त 2019 से जम्मू और कश्मीर के विभाजन के साथ जम्मू और कश्मीर का झण्डा समाप्त हो गया। 7.राज्य की लोकतन्त्र के द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री की शक्ति को समाप्त करने के लिए व केन्द्र के सीधे हस्त...