Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

जम्मू और कश्मीर का विभाजन और उसके लाभः2

जम्मू और कश्मीर के मुस्लिम बहुसंख्यक को अपना बताया गया और उन्हें यह समझाया गया की उनका हित भारत के साथ है दूसरी ओर मुस्लिम बहु संख्या वाला राज्य होने केे कारण पाकिस्तान अपनी दावेदारीी का दावा कर रहा था जिसमें जम्मू कश्मीर का सयुंक्त राष्ट्र संघ मे होना जम्मू कश्मीर को विवादास्पद बनाता है। संविधान मे शामिल किए गए आर्टिकल 370 के द्वारा जम्मू और कश्मीर के मूल स्वरूप बनाए रखा गया, धारा 35A के अन्तर्गत बाहरी व्यक्तियों को जम्मू और कश्मीर मे बसने से रोकना था,मुस्लिम आबादी को सरकारी नौकरी से समाप्त करना, व्यवसाय या कारोबार मे उनकी भागीदारी को कम करना, राज्य के दर्जे के रूप मे मुख्यमंत्री की शक्तियों को खत्म करना,मुस्लिम आबादी को विभाजित करके उन्हे बहुसंख्यक से आल्प्सख्यक बनाना,सेना द्वारा किसी भी कार्यवाही पर कोई प्रश्न न उठे इसके लिए कानून के द्वारा सेना को संरक्षण देना इन तमाम समस्याओ से जम्मू और कश्मीर संघर्षरत रहा है।

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