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Ahmad Rizvi

न्याय से उठता विश्वास

भारत के मुख्य न्यायाधीश का यह कहना ज्ञापन के स्थान पर याचिका दाखिल करे और कानून के अनुसार न्याय दिया जायेगा, पहली बात मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के दुरुपयोग और करोड़ों लोगों के वोटर लिस्ट से बाहर किया गया है, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग विपक्ष कर रहा है। सवाल पैदा होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अगर मुकदमा न्यायालय में दाखिल कर भी लिया जाए और मुकदमे को स्वीकार कर लिया जाए तो इसका परिणाम होगा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन का खात्मा और नियमानुसार कोर्ट का फ़ैसला होगा कि संसद में बना कानून के अनुसार मुख्य चुनाव आयोग के ऊपर पद में रहते हुवे और सेवा निवृत होने के बाद मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है दूसरी बात जब जज न्याय करने के स्थान पर सुझाव देने लगे और अपराधी को दंडित करने के बजाय पीड़ित को सुझाव दें कि इस बार नाम कट गया है वोटर लिस्ट से तो क्या हुआ अगले बार वोट डाल देना लेकिन इस बार अगर नाम कट गया तो अगले बार वोटर लिस्ट में नाम क्यों आएगा यह बताने वाला कोई नहीं है इसलिए लोग न्यायपालिका से न्याय के मामले मे ना उम्मीद होते चले जा रहे हैं और सरकार के मंशा के अनुसार का...

मुसलमानों की सफ़े!

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 नमाज़ मे  सफ़े  ठीक  कराई जाती है  सफ़े  अगर  दुरुस्त नही  तो नमाज़ नही होगी  ,केवल नमाज़ तक ही सीमित  रह गयी  सफ़े, नमाज़ के बाद अगर सफ़े  सही  नही होगी  तो  क्या होगा  इसको  भी जाने फ़िर  बोस्निया के मुसलमान  हो  चाहे  फ़िलिस्तीन के मुसलमान हो  ,india के मुसलमान हो  चाईना के मुसलमान हो  म्यानमार  के  मुसलमान हो  अफ़्गानिस्तान के मुसलमान  हो  सिरिया के  मुसलमान हो  ,लिबिया के मुसलमान हो  इराक़ के मुसलमान हो  गोया कहीं के भी मुसलमान  है सफ़े ठीक  न  होने  के कारण  और  नबी के  हुक़्म  के  खिलाफ  अगयार को  जब से  दोस्त  बनाना शुरू किया और  उसके  जाल मे  फ़सते चले  गये तब  से  मुसलमानों का हश्र ऐसा होना शुरू हुआ  ,कुस्तुंतुनिया के  चर्च को मुसलमानों ने  क़ब्ज़ा ज़रूर कर लिया लेकिन  उसके  नतीजे मे ईसाई मिसनरी ने जो प्लान बनाया ...

"नबीयुल उम्मी "

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हज़रत मोहम्मद मुस्तफा  सललल्लाहो    अलैह  व  आले  वसल्ल्म  की  हदीस है अना मदीनतुल इल्म  व अलीयुन बाबाह (दरवाज़ा) "मैं इल्म का शहर हूं और अली उसके  बाब (दरवाज़ा ) है। हज़रत मोहम्मद मुस्तफा  सललल्लाहो    अलैह  व  आले  वसल्ल्म  की  हदीस  " मै तब नबी था जब  हज़रत आदम का ख़मीर  गूँथा जा रहा था" सुलह हुदैबिया के मौके पर जब अल्लाह के नबी   सललल्लाहो    अलैह  व  आले  वसल्ल्म  और काफिरो के  बीच सुलह हो रही थी उस मौके पर काफिरो ने जिस लफ़्ज़ पर एतराज़ किया था वो था "रसूलउल्लाह"। काफिरो ने कहा कि हम आपको रसूलउल्लाह  नही मानते,अल्लाह के नबी  सललल्लाहो    अलैह  व  आले  वसल्ल्म  ने हज़रत अली अलैहिससलाम से रसूलउल्लाह हटाने के लिए कहा जिस अदब से आपने खुद हटाने से इंकार किया ,अल्लाह के नबी  सललल्लाहो    अलैह  व  आले  वसल्ल्म  ने उस सुलह मे "मोहम्मद रसूलउल्लाह  सललल्लाहो    अलै...

प्रशिक्षण

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अग्निपथ की स्कीम  या मकान तोड़ने की  योजना /planning  मिली कहां से  आइये जानते  2014 से  इस्राएल और  भारत  सरकार  के  रिश्ते  मज़बूत  होते  गये  इस  मज़बूती  के  अन्तर्गत  अधिकारियों के प्रशिक्षण /training  दिलाई गयी  उस  training के  बाद  हम लोगो ने देखा अदालते खमोश तमाशई बन गयी, कोई भी petition  file की जाती उसमें  न्यायालय  को समय ही नहीं था चाहे वो  C.A.A.  हो  अनुच्छेद 370 हो  धारा 35 A  हो  सभी मसलो पर तमाशई बना रहा इसके बाद  अर्नब गोस्वामी के मामले मे suo motu से  interest ले लिया क्योंकि मामला मे  भाजपा का interest था अब  आइये  executive body  ने  भी  एक अजीब रोल अदा कर रही है वो  रोल  यह है कि अगर मामला भाजपा से  जुड़े लोगो या  संस्था का  है  तो कार्यवाही तेज़ी से होगी और  अगर आरोपी  मुसलमान  हुवा तो  फ़िर  ईट से ईट  बजा दी ज...

इंजील (बाइबल ) मे मोहम्मद मुस्तफा रसूलउल्लाह का उल्लेख

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हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सललल्लाहो अलैह व आले वसल्लम के वसी जानशीन  मुत्तकियों के इमाम हादी खैबर व खंदक के फातेह अमीरल मोमीनीन हज़रत अली इबने अबु तालिब सलामउल्लाह अलैह के इस कथन से कि मै जुबूर वाले को जुबूर से तौरेत वाले को तौरत से और इंजील वालो को इंजील से (दीन) समझाता। इस बात की जानकारी होने पर मौला का एहसान है जो इल्म मिला वो आपकी मार्फत से मिला इंजील जुबूर और तौरेत मे  हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सललल्लाहो अलैह व आले वसल्लम  का ज़िक्र (उल्लेख) है इंजील पढ़ने और उसमे हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सललल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का ज़िक्र खोजना शुरू किया जिन नतीजो को पाया वह इस प्रकार है:- मती: 23: 24 से 26   क्योंकि मै तुम से कहता हूँ कि अब से तुम मुझे तब तक नही देखोगे जब तक यह न कहोगे : " धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है" प्रभु के नाम से आता है यहाँ प्रभु का अर्थ अल्लाह के लिए कहा गया कहा गया जैसा कि सुरे सफ(61) की आयत 6 मे आया है कि मै तुम्हारी तरफ अल्लाह का रसूल हूँ और अल्लाह के नबी  हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सललल्लाहो अलैह व आले वसल्लम भी अल्लाह के रसूल है । अब मुझे तब ...