Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

इस्राएल का विनाश3:बाइबिल

<script data-ad-client="ca-pub-5993925788976819" async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script>पहला प्रश्न यह उठता है कि यरूशलेम कई बार गैर यहूदियों के कब्जे में रहा है रहा है इससे यह कैसे पता चलता है कि इसराइल का विनाश निश्चित है इसमें बाइबिल में ही हजरत ईसा ने अपने दोबारा आने के बारे में बताया है और जमाने के खात्मे के बारे में यानी युग के अंत होने या कयामत के बारे में बताया गया है इस्राएल का वजूद सन 1948 मैं आजाद मूल्क के तौार पर वजूद मे आया इसराइल ने 1967 मैं बैतूल मुकद्दस में आग लगा दी और अरबो को जंग मे हरा दिया, सन 1956 में ब्रिटेन फ्रांस के साथ मिलकर मिश्र देश जिसे इजिप्ट भी कहा जाता है स्वेज नहर के मुद्दे पर हमला किया सन 1982 में लेबनान पर हमला किया और उसकी जमीन को कब्जा किया सम्पूर्ण ईसाई जो इस्राएल से नफरत इस बिना पर करता है कि उसने ईसा मसीह को सलीब पर चढा दिया था बाइबल का अध्ययन से औरीं:पुन: ईसा मसीह के आने का इंतजार यहूदी इसाई और मुसलमानों तीनों को जानते हुए इसराइल कि विनाश बगैर मसीह का दोबारा आना निश्चित ही है तथा नहीं लक मसीह को गए हुए दो साल चिंता मत करता हू

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