Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

इस्राएल का विनाश3:बाइबिल

<script data-ad-client="ca-pub-5993925788976819" async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script>पहला प्रश्न यह उठता है कि यरूशलेम कई बार गैर यहूदियों के कब्जे में रहा है रहा है इससे यह कैसे पता चलता है कि इसराइल का विनाश निश्चित है इसमें बाइबिल में ही हजरत ईसा ने अपने दोबारा आने के बारे में बताया है और जमाने के खात्मे के बारे में यानी युग के अंत होने या कयामत के बारे में बताया गया है इस्राएल का वजूद सन 1948 मैं आजाद मूल्क के तौार पर वजूद मे आया इसराइल ने 1967 मैं बैतूल मुकद्दस में आग लगा दी और अरबो को जंग मे हरा दिया, सन 1956 में ब्रिटेन फ्रांस के साथ मिलकर मिश्र देश जिसे इजिप्ट भी कहा जाता है स्वेज नहर के मुद्दे पर हमला किया सन 1982 में लेबनान पर हमला किया और उसकी जमीन को कब्जा किया सम्पूर्ण ईसाई जो इस्राएल से नफरत इस बिना पर करता है कि उसने ईसा मसीह को सलीब पर चढा दिया था बाइबल का अध्ययन से औरीं:पुन: ईसा मसीह के आने का इंतजार यहूदी इसाई और मुसलमानों तीनों को जानते हुए इसराइल कि विनाश बगैर मसीह का दोबारा आना निश्चित ही है तथा नहीं लक मसीह को गए हुए दो साल चिंता मत करता हू

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