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Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

क्या भारत मे मुसलमानों को रहने का अधिकार है या नहीं जबकि पाकिस्तान का निर्माण हो चुका

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सन 1947 मे अंग्रेजों के द्वारा indian partition act 1947 को ब्रिटिश संसद मे पारित किया गया, बटवारा दो देशों इंडिया और पाकिस्तान मे किया गया। यह बटवारा ब्रिटिश इंडिया जो कब्जा ब्रिटेन का था, बटवारा भी उन इलाकों का किया गया जहाँ पर मुस्लिम बहुल के साथ अलग होने के लिए वोटिंग कराई गई थी।देशी रियासते:- भारत मे आजादी से पहले व आजादी के बाद देशी रियासते थी, देशी रियासते वह रियायतें थी जिन्हें राजाओ, बादशाहो ,नवाबो, निजामो द्वारा शासित किया जाता था, देशी रियासत जिन पर अंग्रेजो की अधीनता नही थी उस पर सवाल उठने लगे कि उनका क्या होगा, इस पर अंग्रेजो़ ने देशी रियासत के लिये 3 प्रकार के प्राविधान किये :1. देशी रियासत आजाद बनी रहना चाहे आजाद बनी रह सकती है। 2. भारत मे मिलना चाहे तो भारत मे मिल सकती है। 3. पाकिस्तान मे मिलना चाहे तो पाकिस्तान में मिल सकती है। पाकिस्तान का बटवारा ब्रिटिश इंडिया व देशी रियासत के सम्पूर्ण मुसलमानों के लिए नहीं हुआ था, यह बटवारा क्षेत्रीय मुस्लिम बहुल इलाकों के लिए था, आजाद भारत मे देशी रियासत जिसमे हिन्दू ,मुस्लिम व अन्य थे भारत मे मिलने ...