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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

तीसरा विश्व युद्ध और रूस:3

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इन सबके साथ अमेरिका सीधा रूस से नहीं लड़ पड़ा उसने यूक्रेन की धरती से एक बार फिर वैसा ही आतंकवाद की शुरुआत शुरू कर दिया जैसा उसने अफगानिस्तान में किया था मार्च 2021 में वार शिप के माध्यम से यूक्रेन में बड़े पैमाने पर असलहा अमेरिका द्वारााा यूक्रेन पहुंचाया गया अमेरिका का साथ देतेेे हुए नाटो ने भी रुस को कड़ी चेतावनीीी दी और रूस नेे भी नैटो को कडी चेतावनी दी। खबरो के अनुसार रूस ने युक्रेन के क्षेत्रों मे बडे पैमानो पर मिलेटरी डिप्लायमेन्ट बढाना शुरु कर दिया, अमेरिका रूस को अभी कई टुकड़ों मे बाटना चाहता है अमेरिका की आकार्यवाहीयों और आतंकवाद का समर्थन युक्रेन पर बहुत भारी पड़ेगा। शीघ्र ही जिस तरह से नाटो युक्रेन के समर्थन मे खड़ा हो गया है उससे युक्रेन को बहुत बड़ी कीमत चुकाना होगी। ऐसा भी महसूस किया जा सकता है कि अमेरिका में जिस तरह तुर्की के एन सर्किल हवाई अड्डे में परमाणु हथियार रखे हुए थे सोवियत संघ को सबक सिखाने के लिए उसी तरह अमेरिका ने यूक्रेन में परमाणु हथियार पहुंचा दिया हो यूक्रेन और नाटो द्वारा रूस को चेतावनी देना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि अमेरि...

तीसरा विश्व युद्ध और रुस:1

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विश्व में होने वाली घटनाओं और उसमें अक्सर महाशक्तिशालीी देशों के आपस में टकराव की आशंका से लोग तीसरे विश्वयुद्ध की कल्पनाा करने लगते हैं यह घटनाा कभी लीबिया में संघर्ष में लोग देखते हैं कभी इजरायल और ईरान के तनाव केेे बीच युद्ध की आशंका और विश्व युद्ध कीी कल्पना की जानेे लगती हे अमेरिका समर्थित आतंकवादी संगठन आईएसआईएस पर जब रूस ने जबरदस्त मुंबई की तो ऐसा लगने लगा कि अमेरिका आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के समर्थन में रूसे टकराव लेगा मगर अमेरिकाा समर्थित आतंकवादियों की जबर्दस्त हार केेे बाद भी अमेरिका का और उसके पिछलगगू देशो को जैसे सांप सूंघ गया हो घिग्घी बंद हो गई और रूस के खिलाफ सैन्य कार्यवाही करने की किसी देश मे हिम्मत नहीं हुई।