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Ahmad Rizvi

शाह नेअमत उल्लाह वली की भविष्य वाणी

 शाह नेअमत उल्लाह वली जो सातवें इमाम मूसा काज़िम सलातो वस सलाम की नस्ल से है जिनका ताल्लुक ईरान से है उन्होंने आने वाले हालात के बारे में लगभग 800 साल पहले बता दिया था और आपकी सभी भविष्य वाणी अक्षरश: सही साबित हुई आपने 800 साल पहले चींटियों और टिड्डियों से हमले के बारे में बताया था चींटी और टिड्डी दोनों झुंड में हमला करती है दूसरी बात 800 सालों में ऐसी कोई ईजाद नहीं हुई जो अब हो चुकी है अब छोटे छोटे रोबोट और ड्रोन आ गए अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने कितना पहले लोगो को बता दिया और जिन चीज़ों का वजूद भी नहीं उनके बारे में भी बताया दिया गौर करने की ज़रूरत है

तीसरा विश्व युद्ध और रूस:3

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इन सबके साथ अमेरिका सीधा रूस से नहीं लड़ पड़ा उसने यूक्रेन की धरती से एक बार फिर वैसा ही आतंकवाद की शुरुआत शुरू कर दिया जैसा उसने अफगानिस्तान में किया था मार्च 2021 में वार शिप के माध्यम से यूक्रेन में बड़े पैमाने पर असलहा अमेरिका द्वारााा यूक्रेन पहुंचाया गया अमेरिका का साथ देतेेे हुए नाटो ने भी रुस को कड़ी चेतावनीीी दी और रूस नेे भी नैटो को कडी चेतावनी दी। खबरो के अनुसार रूस ने युक्रेन के क्षेत्रों मे बडे पैमानो पर मिलेटरी डिप्लायमेन्ट बढाना शुरु कर दिया, अमेरिका रूस को अभी कई टुकड़ों मे बाटना चाहता है अमेरिका की आकार्यवाहीयों और आतंकवाद का समर्थन युक्रेन पर बहुत भारी पड़ेगा। शीघ्र ही जिस तरह से नाटो युक्रेन के समर्थन मे खड़ा हो गया है उससे युक्रेन को बहुत बड़ी कीमत चुकाना होगी। ऐसा भी महसूस किया जा सकता है कि अमेरिका में जिस तरह तुर्की के एन सर्किल हवाई अड्डे में परमाणु हथियार रखे हुए थे सोवियत संघ को सबक सिखाने के लिए उसी तरह अमेरिका ने यूक्रेन में परमाणु हथियार पहुंचा दिया हो यूक्रेन और नाटो द्वारा रूस को चेतावनी देना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि अमेरि...

तीसरा विश्व युद्ध और रुस:1

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विश्व में होने वाली घटनाओं और उसमें अक्सर महाशक्तिशालीी देशों के आपस में टकराव की आशंका से लोग तीसरे विश्वयुद्ध की कल्पनाा करने लगते हैं यह घटनाा कभी लीबिया में संघर्ष में लोग देखते हैं कभी इजरायल और ईरान के तनाव केेे बीच युद्ध की आशंका और विश्व युद्ध कीी कल्पना की जानेे लगती हे अमेरिका समर्थित आतंकवादी संगठन आईएसआईएस पर जब रूस ने जबरदस्त मुंबई की तो ऐसा लगने लगा कि अमेरिका आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के समर्थन में रूसे टकराव लेगा मगर अमेरिकाा समर्थित आतंकवादियों की जबर्दस्त हार केेे बाद भी अमेरिका का और उसके पिछलगगू देशो को जैसे सांप सूंघ गया हो घिग्घी बंद हो गई और रूस के खिलाफ सैन्य कार्यवाही करने की किसी देश मे हिम्मत नहीं हुई।