Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

जेहाद और लव जेहाद: 1

जेहादक्या है इसका प्रयोग इस्लाम मे हुआ है जेहाद का मतलब संघर्ष है,इस्लाम मे जेहाद का अर्थ है ज़ालिम और अत्याचारी लोगो के विरुद्ध संघर्ष करना लेकिन इण्डिया के सूबे/state उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार जहां भारतीय जनता पार्टी जो राष्ट्रीय स्वमसेवक संघ या आर.एस.एस. की पॉलिटिकल विंग है,की सरकार है , ने जेहाद का अलग ही अर्थ बताया गया है इसमे इस्लाम धर्म और उसके मानने वाले लोगो अर्थात मुस्लिमो को निशाना बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुस्लिम लड़के द्वारा किसी अन्य धर्म की लड़की से शादी करने पर और लड़की के परिवार के द्वारा विरोध करने पर उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज़ कराया जा सकता है इसको ही
लव जेहाद
कहा गया है।
इसमे मुस्लिम लड़की द्वारा किसी गैर मुस्लिम लड़के से शादी/विवाह करने पर लव जेहाद नहीं होगा
धर्मयुद्ध का शब्द इस्तेमाल नहीं किया गया,क्योंकि धर्मयुद्ध का इस्तेमाल से हिन्दू धर्म की ओर इंगित करता है crusade/ सलीबी युद्ध /मसीही युद्ध नहीं लिखा गया या कहा गया ,यहाँ पर मसीही द्वारा हिन्दू धर्म मे विवाह करके मसीही बनाते है और धर्म परिवर्तन कराकर क्रिश्चियन/ ईसाई बनाते है।
यहाँ पर जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया है वह है जेहाद, जेहाद कुरान से लिया गया शब्द है। इसलिए मुस्लिमो और इस्लाम को इंगित करके या उन्हे निशाना बनाने के लिए लव जेहाद का इस्तेमाल किया गया है कानून मे किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाने का प्रसार व प्रचार किया जाता है लेकिन इसके विपरीत यहाँ पर इस्लाम धर्म के मानने वाले लोगो के जज़बातो/भावनाओ को मजरूह/घायल करने के लिए कई प्रकार के जेहाद बनाए और गढ़े गए है जिनका प्रचार भारतीय मीडिया द्वारा ज़ोर शोर से किया जाता है जिनका
जेहाद के प्रकार: मदरसे मे पढे : मदरसा जेहाद नमाज़ पढे तो : नमाज़ जेहाद कुरान मजीद पढे तो : कुरान जेहाद लव हो जाए तो : लव जेहाद ज़मीन खरीदे तो : ज़मीन जेहाद/लैंड जेहाद आई.ए.एस./आई.पी.एस. की तैयारी करे तो लोक सेवा मे नियुक्त का जेहाद JUDGESHIP/MEDICAL/ENGINEERING की तैयारी करे तो उसके पीछे जेहाद लगा देते है हज करने जाए तो हज जेहाद कारोबार करे तो कारोबार जेहाद मुस्लिम अज़ान दे तो अज़ान जेहाद

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