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Ahmad Rizvi

प्रदर्शन का ड्रामा

अमेरिका ने हमेशा आतंकवाद को घुसेड़ने के लिए प्रदर्शन की आड़ ली है लगातार आतंकवादियों को अमेरिका तैयार करता रहा है और दूसरे देशों के संसाधनों पर कब्ज़ा करता रहा है आतंकवाद का और अमेरिका का चोली दामन का साथ रहा है सोवियत संघ के ख़िलाफ़ अमेरिका ने अफगान मुजाहिदीन बनाकर सोवियत संघ को 15 टुकड़े में बांट दिया हाल ही में अमेरिका ने इराक और सीरिया में आतंकवाद के माध्यम से हमला कराया इसके बाद लीबिया में प्रदर्शन कराया और प्रदर्शन की आड़ में अमेरिका द्वारा तैयार किए गए असलहाधारी आतंकवादियों को घुसेड़ दिया और इन आतंकवादियों की मौत पर अमेरिका उनके साथ खड़ा होता है कभी आतंकवादियों को हटाने के नाम पर और कभी आतंकवादियों के मारे जाने पर मानवाधिकार के संरक्षण के नाम पर अमेरिका रूपी भेड़िया सामने आ जाता है अब हाल ही में ईरान में जो प्रदर्शन हो रहे है उसका में रचयिता अमेरिका और इजरायल है अब डोनाल्ड ट्रंप के सीधे हस्तक्षेप करने की धमकी और प्रदर्शनकारियों को मोसाद का खुला समर्थन इस बात की पुष्टि करता है कि यह प्रदर्शन का रिमोट कंट्रोल अमेरिका के हाथ में है फिर ऐसे में किया क्या जाए ऐसे में भारत सरकार जो प्...

अमेरिकी सैंक्शन और प्रतिबंधित देश

अमेरिका ने अपने और अपने ही जैसे अन्य देशों जैसे कि ब्रिटेन फ्रांस जर्मनी आदि की हितों की रक्षा के लिए अन्य देशों और खासकर मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध sanction लगाएं एक समय था कि उन sanction के माध्यम से लाखों मुसलमान बेगुनाहों का कत्ल भी किया गया इसका उदाहरण इराक और अफगानिस्तान है इन प्रतिबंधों को पूरा करने के लिए ईसाई देशों के हुक्मरान भी भरपूर मदद करते हैं एक ऐसा समय आ चुका है sanction की तादाद भी बढ़ती गई और देश भी बढ़ते गए आज अगर अमेरिका के सैंक्शंस वाले देशों की ओर देखा जाए तो उत्तरी कोरिया चीन पाकिस्तान अफगानिस्तान ईरान इराक तुर्की रूस आदि देश है इन सैंकशन वाले देशों ने अपना एक संगठन तैयार कर लिया है जो अमेरिकी सैंक्शंस के खिलाफ न केवल खड़े हो गए हैं बल्कि इन देशों आपस में व्यापार करने भी आरंभ कर दिया है इस तरह अमेरिका के सैंक्शन अमेरिका पर ही भारी पड़ रहे हैं