Posts

Showing posts with the label organisation of sanctioned countries

Ahmad Rizvi

ईरान पडोसी देशो पर हमले क्यों कर रहा है?

ईरान अपने पडोसी देशो पर हमला क्यों कर रहा है?  ऐसा सवाल सबके मन मे पैदा हो रहा है एक उम्मत की बात की जा रही फ़िर भी इन अरब देशो पर हमले हो रहे हैं!  अब इस बात को समझे अमेरिका इस्राइल को संरक्षण देता है अमेरिका का नागरिक इस्राइल का नागरिक भी हो सकता है ब्रिटेन का नागरिक इस्राएल का नागरिक और इस्राइल का नागरिक ब्रिटेन का नागरिक है दोहरी नागरिकता ली जा सकती है | सऊदी अरब क़तर बहरीन इराक़  jordan सिरिया ओमान सयुन्क्त अरब अमीरात और इस्राइल मे अमेरिका के फ़ौजी अड्डे है क्या सऊदी को क़तर से बहरीन से सिरिया से इराक़ से कोई खतरा है बिलकुल नही फ़िर यह अमेरिका के military bases मे इस्राइल के military bases है इस्राइल को तो अरब देश मान्यता नही देते है लेकिन इस्राइल के नागरिक अमेरिका और ब्रिटेन आदि के नागरिक है और इस तरह अमेरिका ब्रिटेनऔरफ़्रान्स के बेसेस मे इस्राइली फ़ौजी तैनात है  अमेरिका और इस्राइल के यह सैन्य अड्डे से अरबो को कोई खतरा नही था फ़िर यह सैन्य बेसेस से सिर्फ़ और सिर्फ़ ईरान को खतरा था एक बात और याद दिलाता चलू ईरान इराक़ की 1980 -1988 तक चलने वाली जंग अमेरिका इस्राइल और अरब के द...

अमेरिकी सैंक्शन और प्रतिबंधित देश

अमेरिका ने अपने और अपने ही जैसे अन्य देशों जैसे कि ब्रिटेन फ्रांस जर्मनी आदि की हितों की रक्षा के लिए अन्य देशों और खासकर मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध sanction लगाएं एक समय था कि उन sanction के माध्यम से लाखों मुसलमान बेगुनाहों का कत्ल भी किया गया इसका उदाहरण इराक और अफगानिस्तान है इन प्रतिबंधों को पूरा करने के लिए ईसाई देशों के हुक्मरान भी भरपूर मदद करते हैं एक ऐसा समय आ चुका है sanction की तादाद भी बढ़ती गई और देश भी बढ़ते गए आज अगर अमेरिका के सैंक्शंस वाले देशों की ओर देखा जाए तो उत्तरी कोरिया चीन पाकिस्तान अफगानिस्तान ईरान इराक तुर्की रूस आदि देश है इन सैंकशन वाले देशों ने अपना एक संगठन तैयार कर लिया है जो अमेरिकी सैंक्शंस के खिलाफ न केवल खड़े हो गए हैं बल्कि इन देशों आपस में व्यापार करने भी आरंभ कर दिया है इस तरह अमेरिका के सैंक्शन अमेरिका पर ही भारी पड़ रहे हैं