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Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

तीसरा विश्व युद्ध और रुस:2

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अमेरिका और उस पीछेलगगू देश जो आतंकवादी संगठन के जनक और समर्थक हैं जिस तरह अफगानिस्तान में आतंकवाद के माध्यम से सोवियत संघ को टुकड़ों में बांट दिया और सोवियत संघ की ताकत को कमजोर किया उसके बाद सेेे रूस की निगाह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दिलचस्पी बढ़ती गई और यह दििलचस्पी केवल तमाशबीन जीी नहीं थी बल्कि मिलिट्री विकल्पों पर विचाार करते हुए अमेरिका को पटकनी दी गई इसके कुछ उदाहरण है। 1. लीबिया में रूस का हस्तक्षेप और अमेरिका को पटकनी देना 2.सीरिया में अमेरिका और उसके पिछलग्गू देशों द्वारा गठित किया गया आतंकवादी संगठन आई.एस.आई.एस.को को रूस द्वारा नेस्तनाबूद करना! 3.ईरान के न्यूकिलयर डील जिसमें अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस रूस चीन और जर्मनी के मध्य हुआ मेरिका इस समझौता से 2018 में बाहर हो गया इससे अमेरिका अलग थलग पड गया। 4.ukraine मे रूस समर्थित राष्ट्रपति का तख़्तापलट कराना और अमेरिका समर्थित राष्ट्रपति को के साथ ही सन 2014 मे क्रीमिया को कब्जा मे रूस ने ले लिया और युक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों लुहान्सक और डोनेस्तक को कब्जा कर लिया ।