Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

जेहाद और लव जेहाद:2

हद तो तब हो गयी जब उत्तर प्रदेश के डासना मे मन्दिर के मशहूर सन्त यति नरसिंहानन्द सरस्वती ने अपने एक बयान जिसका विडियो वाइरल हो चुका है उसने इण्डिया के माथे पर धब्बा लगाने मे कोई कोर कसर नहीं छोड़ी,जिसने इण्डिया को मिसाइलो से पाट दिया ,एरोस्पेस मे बड़ा योगदान दिया ,पोखरण 2 मे अटॉमिक विस्फोट मे बड़ा योगदान दिया ,उन्हेयति नरसिंहानन्द सरस्वती ने आतंकी जेहादी करार दिया, ये जेहादी का टाइटल उन्हे मुसलमान होने की बिना पर दिया गया है,इससे उनकी मानसिकता का पता चलता है कि एक मुसलमान देश के लिए कुछ भी कर दे कितनी बड़ी पोस्ट पर हो राष्ट्रपति ही क्यों न रहा हो मगर मुसलमान होने के नाते उनको सम्मान जो दिया जाता है वह विश्व समुदाय को ध्यान मे रखकर और राजनीतिज्ञ उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है,वरना हक़ीक़त दिल की बाहर आ चुकी है
इस तरह हम सब लोग देखते है कि मुसलमान और इस्लाम को निशाना बनाने मे न केवल राजनीतिज्ञ बल्कि धार्मिक लोग भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है यानी मुस्लिमो की मुक़द्दस किताब कुरान मजीद मे दिये गए जेहाद को बदनाम करने और निशाना बनाने के लिए प्रत्येक वस्तु के साथ जेहाद जोड़ देना और मुसलमानो को जेहादी बताना

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