Ahmad Rizvi

पहला मुनाफिक - इबलीस

  पहला मुनाफिक – इबलीस मुनाफिक के मायने है दोगला , ढोंगी , कपटी वो शख्स जो ज़बान से कुछ और हो और दिल मे कुछ और । इबलीस (शैतान) मलायका के सफ़ों मे पहुँच गया । हज़रत आदम के पुतले और रूह को स्थापित करने तक मे इबलीस के मुनाफिक होने और काफिर होने को अल्लाह सुभान व तआला ने सामने ले आया । लौह-ए-महफ़ूज़ मे फरिश्तों मे एक नाफरमान होने का ज़िक्र किया गया तब तक यह इल्म अल्लाह से मलायका के बीच मे आ   गया तुम मे से एक नाफरमान होगा इस मुनाफ़क़त को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने बता दिया एक बात और इस मुनाफिक और   अल्लाह के रसूल की बज़्म मे बैठने वाले मुनाफिको के बारे मे भी अल्लाह को पता है और सूरे मुनाफिक मे उनका ज़िक्र भी कर दिया यह मुनाफिकत का राज कब खुलेगा आगे देखिए जब तक आदम का पुतला बना गया इबलीस की मुनाफ़क़त नहीं खुलती है जैसे ही रूह को फूंकने के साथ सजदा मे चले जाने का हुक्म फरिश्तों को दिया गया सभी फ़रिश्ते सिर्फ इबलीस को छोड़कर सजदे मे चले गए और इस इनकार का अंजाम शैतान को फटकार और लानत के रूप मे तोहफा मिला । अब इबलीस मुनाफिक से सीधा काफिर हो गया । एक बात और तौहीद वालों के लिए इबलीस तौहीद का इनका...

जिन्ना भारत मे विलेन और पाकिस्तान मे हीरो क्यों है: 1

मोहम्मद अली जिन्ना काँग्रेस मे लीडर रह चुके है, सन 1906 मे गठित मुस्लिम लीग जिसका जिन्ना ने गठन का विरोध किया था,सन 1913 मे मुस्लिम लीग मे सम्मिलित हो गए,और वहाँ अपना LEADERSHIP का रोल अदा किया ,ब्रिटिश भारत के दो टुकड़े कराने मे मुख्य भूमिका निभाई इंडियन पारटिशन एक्ट 1947 मे यूनाइटेड किंगडम की संसद मे पारित किया गया। इस बटवारे मे दो आज़ाद देश भारत और पाकिस्तान का निर्माण हुआ पश्चिमी पाकिस्तान जो वर्तमान मे पाकिस्तान है और बंगाल का विभाजन जो सन 1905 मे अंग्रेज़ो द्वारा किया गया था,उसे पूर्वी पाकिस्तान जो 1971 मे पाकिस्तान से आज़ाद होकर बांग्लादेश के नाम से स्वतन्त्र देश बना। जिन्ना पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर जनरल बने जबकि इण्डिया का प्रथम गवर्नर जनरल कोई भारतीय न होकर अन्तिम अंग्रेज़ वाइस रॉय लॉर्ड माउन्ट बेटेन को बनाया गया।जिन्ना ने बटवारा कराया और TRANSFER आबादी की मांग रखा था जिसे अंग्रेज़ो के द्वारा ठुकरा दिया गया था ,मुस्लिमो की ट्रान्सफर आबादी की मांग को ठुकरा दिया , इसके कई कारण थे इससे जिन्ना ब्रिटिश इण्डिया के बहुत बड़े भाग को पाकिस्तान बनाना चाहते थे इसके अलावा बहुत बड़ी संख्या मे मुस्लिम आबादी PRINCELY STATE / देशी रियासतो मे थी , जिसका निर्धारण अंग्रेज़ नहीं कर सकते थे क्योंकि वह पूर्णतया आज़ाद थे,INDIAN PARTITION ACT 1947 मे ये प्रावधान किया गया कि वह आज़ाद रह सकते है, भारत मे विलय कर सकते है या पाकिस्तान मे विलय कर सकते है दो रियासते जम्मू और कश्मीर जहां के राजा ने भारत मे विलय किया और जूनागढ़ के नवाब जो पाकिस्तान चले गए उनके द्वारा पाकिस्तान मे विलय किया गया जबकि जूनागढ़ रियासत भारत मे है उसको विलय जनता के द्वारा भारत मे विलय की सहमति बताया गया।

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