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Ahmad Rizvi

इस्लामिक नाटो या इसराइल के खिदमतगार

हाल ही में तुर्की पाकिस्तान सऊदी अरब ने सुरक्षा पैक्ट किया है किसी एक देश में हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। ऐसा लोगो में भय पैदा कर रही है कि भारत के लिए बड़ा खतरा है या तुर्की की आर्मेनिया और ग्रीस से टकराव है और सऊदी अरब का यमन के अंसारउल्लाह से टकराव है। इस गठबंधन से जिन देशों को खतरा उत्पन्न हुआ वो भारत आर्मेनिया ग्रीस साइप्रस और यमन को ले लेते है। क्या यह इस्लामिक गठबंधन है या इस्लामिक गठबंधन के नाम पर यहुदी और अमेरिका उसके सहयोगी देशों को लाभ पहुंचाना है। तुर्की के विदेश मंत्री का यह आश्वस्त करना कि यह गठबंधन इसराइल और ईरान के खिलाफ नहीं है? इसको समझते है 07 अक्तूबर 2023 के बाद से फिलिस्तीनीयों के कत्ले आम के बाद तुर्की पाकिस्तान और सऊदी अरब ने कोई सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया हां अगर कोई मजबूती से काम किया गया है तो वो है बयानबाज़ी, बयानबाजी मे किसी तरह की कोई कमी नहीं की गई। इसराइल को आश्वस्त कर दिया गया। अब ईरान की बात आयी ईरान को भी आश्वस्त किया लेकिन साथ में यमन के खिलाफ कार्यवाही करने के इमकान है। अब अमेरिकी साज़िश और उसके इन आलाकारों को समझते है:- 1. हिजबुल्लाह को निशस्त्र...

विदअत

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विदअत क्या है इस्लाम मे विदअत ऐसे कार्य को करना है जो हुक्म अल्लाह सुभान व तआला व रसूल उल्लाह मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम ने न किया हो । ज़ाहिल (अज्ञानी) मोलवी ने “रोने को विदअत” कहना शुरू किया वो इसलिए कि आले मोहम्मद इमाम हुसैन और उनके कराबतदारों, मेहमान और दोस्तों को कर्बला मे शहीद कर दिया गया । आले मोहम्मद से मोहब्बत करने वाले लोग अपनी मोहब्बत मे उन पर होने वाले ज़ुल्म पर रोते है । यज़ीद और उसके बाप मुआविया लानत उल्लाह अलैह से लगाव रखने वाले और उनसे मोहब्बत करने वाले, हुसैनियों से नफरत करते है और रोने को विदअत कहते है । “रोने को विदअत” कहने वाले उस वक़्त खामोश हो गये जब हज़रत आदम के रोने का जिक्र आया, जब हज़रत याकूब के रोने का ज़िक्र आया, और अल्लाह के नबी मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम के रोने का ज़िक्र आया वह भी तब जब हज़रत हमज़ा की शहादत हुई और कर्बला मे इमाम हुसैन की शहादत को पहले से बता देना और गिरया (रोना) करना साबित कर रहा था कि रोना विदअत नहीं बल्कि रोना “सुन्नत-ए- नबवी” है । विदअत अब तक कहाँ कहाँ हुआ है इसको बताने का कलील (संक्षिप्त) को...

अल्लाह क्या सोता है ?

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अगर कोई व्यक्ति यह सवाल करे कि अल्लाह भी सोता है तो लोग उसको जवाब देंगे क्या बेतुकी बात करते हो लेकिन अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने इसका जवाब खुद दे दिया कुरान मजीद सूरे बकरा मे इरशाद है “ अल्लाह वही है नहीं है कोई आराध्य/ मआबूद सिवाय अल्लाह के वो ज़िन्दा और कायम है उसे न नींद आती है और न ऊंघ आती है । इसके आगे भी उस रब ने फरमाया है मगर मेरा विषय उपरोक्त है इसलिए मैंने उतना ही विषय को चुना जितना विषय मेरे विषय से संबंधित है । अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने अपने ज़िन्दा होने को बताया है इसका अर्थ यह है बाकी जितनी जानदार चीज जीवित है इनको मरना है और अल्लाह ज़िन्दा और कायम है बाकी जानदारों की जिन्दगी कायम नहीं है उनको फौत होना है । इससे पहले अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने फरमाया अल्लाह ही है जो आराध्य है बाकी कोई आराध्य नहीं है । उसे नींद और ऊंघ नहीं आती । यहाँ एक और बहुत बड़ी चीज नजर आती है अल्लाह ने अपनी खूबी बतायी है दूसरों की बुराई नहीं की है लेकिन अगर दूसरा पहलू देंखे तो अपने आप समझ मे आ जाएगा । अब जो सोता है ऊँघता है या सुलाया जाता है जगाया जाता है वो आराध्य नहीं हो सकता अल्लाह ही आराध्य है और हो सक...

इस्लाम मे यज़ीदीयों की भूमिका

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इस्लाम दीन अल्लाह का अता किया हुआ दीन है सबसे बड़ी चीज इस्लाम मे कोई है तो वो है “अदल “ । इस्लाम नाइंसाफी को पसन्द नहीं करता है अल्लाह को कोई मानता हो या न मानता हो फिर भी इस्लाम उसकी जान माल की हिफ़ाज़त/ सुरक्षा को प्राथमिकता/ तरजीह देता है । अब इस्लाम को बदनाम करने, आतंक करने, इस्लाम के सिद्धांतों/उसूलों की मुखालफत करने वाला गिरोह कब मज़बूत हुआ । अल्लाह और अल्लाह के नबी पाक की मुखालफत कहाँ से शुरू हुई । शुरुआत से ही नबी पाक की मुखालफत होती रही है यह मुखालफत इस्लाम का हिस्सा कैसे बन गई और आज मुस्लिमों को क्यों ज़िल्लत उठानी पड रही है । बनी उमईया जो अल्लाह और अल्लाह के नबी का विरोध करते थे ने जब से इस्लाम को अपनाया और इस्लाम के उसूलों के खिलाफ काम करना शुरू किया तब से आज तक इस्लाम के उस हिस्से मे खराबी ही खराबी पैदा है जिस हिस्से मे बनी उमैया को हीरो की तरह माना जाता है । उतबा मुआविया का नाना है , और जीगरचबाने वाली हिन्दा का बाप है इसकी बदकिरदारी को इतिहास मे पढ़ सकते है । अबू सूफियान और मुआविया जिनके द्वारा हमेशा नबी पाक की मुखालफत करते रहे है मक्का फतेह के बाद (जो 20 र...