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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

                                                                   हस्बुनाह किताबउल्लाह अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अप...

हिन्दू पुर्वज!

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मोहन भागवत का यह कहना कि हिन्दू मुसलमानों का डी. एन. ए. एक है इस बात से इततेफ़ाक़ करता हूँ मगर इस बात से सहमत नहीं हूँ कि मुसलमानों के पुर्वज हिन्दू थे बल्कि हिन्दुओ के पुर्वज मुसलमान थे इसका बडा example यह है कि हज़रत आदम जिनकी बनि ए नव इंसान औलाद है वो पैगंबर ए खुदा खलिफ़ा नबी व मुसलमान थे इससे इस बात की पुष्टि होती हैं कि मुसलमान हिन्दुओ के पुर्वज है इस बात की दलील यहुदी इसाइ और मुस्लिम की धार्मिक किताबो मे ज़िक्र है