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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

आरक्षण

आरक्षण की ज्वलंत मुद्दा है जी के समर्थन में करोड़ों लोग हैं और इसके विरोध में भी करोड़ों लोग हैं समाज में जो कुलीन वर्ग कुलीन वर्ग है या उच्च जाति के लोग हैं वह आरक्षण का विरोध हमेशा से करते रहे हैं उनके अपने तर्क तरह तरह के हैं आरक्षण का समर्थन करने वाले लोगों के समर्थन करने के अपने तरीके तर्क हैं हिंदुओं के कुल्लू कुलीन वर्ग की कुलीन वर्ग की संस्था आर एस एस के प्रमुखों के द्वारा अनेकों बार आरक्षण के विरोध में तर्क दिया गया और उसे खत्म करने की दलील दी गई लेकिन कोई भी सरकार हो वह एक बहुत बड़े वोट बैंक को क्रोधित करके कोप भाजन नहीं बनना चाहती थी लेकिन इसके साथ ही भारत सरकार ने आरक्षण पर कुठाराघात करने के लिए एक स्वर्णा आरक्षण 10 परसेंट की व्यवस्था की गई दूसरे एक अन्य बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया गया जिसे निजी करण कहते हैं निजी करण के माध्यम से भी आरक्षण को समाप्त किया जा सकता है निजी संस्थाओं में आरक्षण के प्रावधान प्रधान लागू नहीं है जो लागू है वह सरकारी संस्थाओं में है इस प्रकार भारत सरकार ने बिना संसद में बहस कराए आरक्षण पर बड़ा कुठाराघात किया और स्वर्ण वर्ग के लोगों इस माध्यम से भी तु...