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राष्ट्रपति और राज्य का राज्यपाल और राजप्रमुखो को संरक्षण लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

मौत का सौदागर : 1

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वोट लेने के खातिर श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री गुजरात नरेन्द्र दामोदर मोदी को मौत का सौदागर कहा गया,दोषियों के लिए special investigation team अर्थात S.I.T.का गठन किया गया जिसका नतीजा ढाक के तीन पात या white elephant साबित हुआ , गोधरा कांड के बाद मुस्लिम कुश फसादात मे तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा दी गयी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की क्रिया की प्रतिक्रिया हो रही है दूसरे शब्दो मे कहा जाए तो घटना को जायज़ ठहराया गया अब सवाल यह पैदा हुआ की राज्य का प्रमुख ही जब उसे जायज़ ठहरा रहा हो तो उसे इन फसादात को रोकने मे क्या दिलचस्पी होगी इस तरह मुस्लिम नरसंहार को रोकने की कोशिश न करने पर तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेई द्वारा राज्य धर्म का पालन करने की नसीहत गुजरात सरकार को दी गयी मगर उनके जीते जी किसी ने ये सवाल नहीं पूछा कि अगर तत्कालीन गुजरात सरकार ने राज्य धर्म का पालन नहीं किया तो केन्द्र मे सत्तासीन सरकार ने भी राज्य धर्म का पालन नहीं किया आइये जानते है इन सब बातों के होते हुए क्या दोषियों को सज़ा दी जा सकती थी या नहीं इसके लिए हमे संविधान के अनुच्छेद 361 का अध्...