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Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

ईरान का फतवा!

ईरान का फतवा! ईरान के सुप्रीम लीडर ने फतवा दिया है कि परमाणु बम नहीं बनायेगा कारण यह दिया कि सामूहिक रूप से क़त्ल करना हराम है इस बात से सहमत हूं सही बात है हिकमतें अमली भी है फ़िर मन में सवाल पैदा हुआ क्या इस्लाम में अपने लोगों को सामूहिक रूप से क़त्ल हो जाने की इजाज़त है ? क्या इस्लाम में जो कसास लेने का ज़िक्र अल्लाह सुभान व तआला क़ुरआन मजीद में ज़िक्र कर रहा है। ईरान के न्यूक्लियर साइट फोरदो इस्फहान आदि में बंकर बस्तर बम द्वारा 22 जून 2025 अमेरिका ने हमला किया अगर इसी तरह का हमला ईरानी जनता पर किया जाता है तब क्या ईरान बदला ले सकता है क्या कसास लिया जा सकता है अगर इरादा भी किया जाए बदला लेने का तब भी नहीं कर सकते हैं जानते है क्यों क्योंकि ईरान के पास वैसे परमाणु हथियार हैं ही इसलिए फतवे से असहमति की है ईरान का फतवा इस्लाम के नज़रिए से सही हो सकता है लेकिन अगर इस्लाम के कसास के क़ुरआन मजीद के आदेश को देखा जाए तो यह ताजाजाद कर रहा है ईरान का दुश्मन अमेरिका इंसानियत का दुश्मन भी है और इसने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिरा चुका है ऐसे में अमेरिका और उसके साथी ...