संदेश

फ़रवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahmad Rizvi

भूकम्प (ज़लज़ला)

चित्र
               भूकम्प (ज़लज़ला) सूरे ज़िलज़लाह  आयत संख्या 1 “ इज़ा ज़ुलज़लाती अर्ज़ ज़िलज़लाह ” जब ज़मीन ज़ोरों से हिला दी जाएगी । कुरान मजीद हर दौर (सब ज़माने/ वक़्त/ युग ) के लिए है भूकम्प या ज़लज़ला के बारे मे जैसा कुरान हकीम मे उल्लेख किया गया है वैसा कहीं और नहीं है पिछले दौर मे भूकम्प आए होंगे हाल मे भी भूकंप आते है और आने वाले समय मे भी भूकम्प आएंगे लेकिन जिस दौर के भूकम्प का जिक्र किया जा रहा है उस के बारे मे आगे आयत बता रही है कि ज़मीन खज़ाने (लफ़्ज़ अखरज़ात का जिक्र किया जिसका अर्थ है खर्च होने वाली चीजे का निकलना जैसे कोयला गैस पेट्रोल डीज़ल सोना कोबाल्ट आदि) उगल देगी । उस वक़्त के ज़मीन के ज़ोरों से हिला देने का जिक्र किया गया है । ज़मीन के हिलाने का ज़िक्र जो किया गया है उसमे यह नहीं कहा गया है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त के हुक्म से भूकम्प आएगा मलाएका या जिन्न  के कारण आएगा या आदमी के द्वारा बनाए गये असलहे के कारण होगी इन सब से भूकम्प या जलजला आ सकता है लेकिन सच्ची किताब ने आने वाले वक़्त मे जो जिक्र किया है उसे आज की दुनिया मे समझा जा सकता है पहले के...

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

फ़िलिस्तीन का मानचित्र और ईरान

चित्र
ईरान पर अमेरिकी इस्राइल और अन्य का हमला हो या न हो अगर जंग का आगाज़ हो जाता है तो सीधा उन देशो पर हमला करना है जो इस्राइल अमेरिका की मदद कर रहे हैं और अपनी ज़मीन का इस्तेमाल होने दे रहे हैं | अब सवाल यह उठता है कि जंग नही हुई तो क्या करना चाहिए जंग न होने के मद्देनज़र jordan मे इराक़ की सीमा से हमला करते हुए west bank और सीधा इस्राइल के सरहद तक पहुंच कर इस्राइल को सीधी चोट पहुंचा सकते हैं | दूसरी ओर क़तर और बहरीन पर गहरी निगाह रखते हुए वहां लोक्तन्त्र को मज़बूत करने के लिये आंदोलन कराकर और सीधा दख्लान्दाज़ी देकर उसके तख्तापलट की योजना होनी चाहिए | इस प्रकार अमेरिका और इस्राइल का जो मददगार हुक़ुमत हो उसको ज़ेरे तख्त लाने की ज़रूरत है | अगर ईरान जंग के ख़त्म होने या न होने के बाद ऐसी तदाबीर नही करता है तो ईरान को तबाह करने की योजना अमेरिका इस्राइल और पश्चिमी देश बनाते रहेंगे |

अमेरिकी हरामज़ादे

 ईरान के सुप्रीम लीडर के खिलाफ़ दुश्प्रचार जारी है और  उनकी तुलना हिटलर से कर रहे है इन हरामज़ादे अपना किरदार देखे दूसरो को नसीहत न करे :- 1. अमेरिका और अमेरिकन समाज मे बहुत सारे लोग बद किरदार है इनके ताल्लुकात जेफ़्री एफ़स्टीन जैसे भड़वे के साथ और हाज़ा president के सम्बन्ध उनके साथ है जो बहुत छोटी छोटी बच्चीयो के साथ बलात्कार करते थे औए एफ़स्टीन मोसाद का एजेंट भी था इस्राइल इस घिनौने काम को करने मे शामिल था. | 2. अमेरिका ने इन्सानो के साथ जो हैवानियत की है उससे हैवान भी शर्मशार हो जाये जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम से हमला करके लाखो लोगो का फ़ौरी क़त्ल किया और आज तक रेडीएशन से cancer जैसी बिमारी के शिकार हो रहे हैं | 3. अमेरिका ने अफ़्गानिसतान मे हर प्रकार के बमो का इस्तेमाल किया और अफ़्गान लोगो और मासूमो का क़त्ल किया और हज़ारो छोटे छोटे बच्चो को अपाहिज बना दिया इराक़ और अफ़्गानिस्तान मे depleted uranium अर्थात  dirty bomb का इस्तेमाल अमेरिका ने किया | 4. अमेरिका के समर्थन से इस्राएल ने फ़िलिस्तीनियो पर जो बम का इस्तेमाल किया उससे फ़िलिस्तीनीयो के क़त्ल इस तरह किय...

ज़ेहनी यलगार

भारत मे मुस्लिमो पर जो हमले हो रहे हैं उसमे तरह तरह की नाइन्साफ़ी के साथ ज़ेहनी तौर पर ज़ख्मी करने का लगातार कोशिश जारी रहती है दैनिक जागरण के दिनांक 15-02-2026 के झंकार मे तरुण विजय का एक लेख छपा है तरुन विजय आर एस एस के एकटिव कारकुन  है और पांचजन्य के पूर्व सम्पादक है | मोहन लाल टिक्कू का 11 दिसंबर 1990 के अंक मे एक विज्ञापन उर्दू दैनिक श्रीनगर टाइम्स मे छपा था जिसमे हिन्दू परिवार इस्लामी जिहादीयो से हरिद्वार जाने की अनुमति मांग  रहा है जिसके अंश इस तरह है :- " मेरे पिता का देहान्त हो गया है, हिन्दू रीति -रिवाज के अनुसार उनकी अस्थियाँ (फ़ूल) हरिद्वार मे गंगा जी मे प्रवाहित करने हमे जाना है | आपसे प्रार्थना है हमे हरिद्वार यात्रा की इजाज़त दे " दूसरे अंश मे " प्रथ्वी पर भारत एकमात्र देश है, जहाँ के देशभक्त नागरिको को 'स्वतन्त्र सम्प्रभु राष्ट्र ' मे राष्ट्र ध्वज के प्रति वफ़ादारी और धर्मनिष्ठा के कारण अंतहीन अत्याचारो का शिकार होना पड़ा |अपने ही देश मे निर्वासन भोगना पड़ा | कश्मीरी हिन्दू अपने घर, सेब के बगीचे, खेत,अखरोट  और बादाम के पेड़, सब जस के तस छोड़कर आने पर म...