Ahmad Rizvi

USS जार्ज वाशिंगटन पर ईरान का हमला

 USS जार्ज वाशिंगटन पर हमला हो गया ऐसा हमला ईरान ने किया जिसकी हिम्मत न रूस कर सका न चीन कर सका, ईरान के दानिश्वर लोगो ने अमेरिका और उसके लोगों को अच्छी तरह समझा और जाना और इस बात का अध्ययन भी किया गया जिसमे अरब और यूरोप के देशों द्वारा पूर्व में की गई कार्यवाही को देखा। अब पिछले सालों को देखे तो अमेरिका मुस्लिम देशों के खिलाफ काम एक लम्बे समय से करता आ रहा है। सन 1998 में भारत और पाकिस्तान के परमाणु बम के परीक्षण के बाद विश्व का दृश्य लगातार बदलता जा रहा था। सन 1999में कारगिल युद्ध और सन 2000 में हिजबुल्लाह के द्वारा लेबनान की ज़मीन को इसराइल से वापस लेना इसके साथ 2001 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद अफगानिस्तान पर अमेरिका नाटो के साथ मिलकर हमला कर दिया गया और उसी वक़्त समय और सन पर ध्यान दे जब सन 2002 में गुजरात में मुस्लिम नरसंहार किया जा रहा था समय पर गौर करे सन 2003 में इराक़ पर हमला किया। सन 2006 में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच जबरदस्त जंग होती है और इसराइल को इस जंग में जो शिकस्त मिली। उसके बाद अमेरिका और साथी देशों ने फौजी तैयारी शुरू की जिसका नतीजा नज़र आया सन 2011 में जिस...

जम्मू एंड कश्मीर का विभाजन और उसके लाभ:5

जम्मू और कश्मीर के कश्मीरी पंडित को जम्मूूूू और कश्मीर से बाहर निकालने वाले भूतपूर्व गवर्नर गिरीश चंद्र सक्सेना 500000 कश्मीरी पंडितोंं को शरणार्थी बननेे का प्रचार व प्रसार किया गया इसको हर चैनल पर दििखाया जाता हैं। सम्पूर्ण घाटी छावनी मे बदल जाने के बावजूद नागरिकों की सुरक्षा करने मे असफल रही, राज्य का परम कर्तव्य है कि राज्य अपने नागरिकों की रक्षा करे लेकिन राज्य अपने नागरिकों की रक्षा करने मे पूर्णतया असफल रहा ये असफलता राज्य को फ़ेल स्टेट साबित करती है एक तरफ राज्य ने कश्मीरी पंडितो को उनके घरो ज़मीन जायदाद से बेदखल किया उनकी सुरक्षा करने से इंकार किया दूसरी ओर मुस्लिम नागरिकों का लाखो लोग का कत्ल किया जाना राज्य और फौज को शक के घ्रेरे मे लाता है ग़ैर मुसल्ला हथियार बंद लोगो की रक्षा करने के लिए हथियार बंद फौज , अर्ध सैनिक बल और पुलिस हिफाज़त करने मे नाकाम रही और सरकार ने अपने नागरिकों को रक्षा करने मे हथियार भी उपलब्ध नहीं कराये की नागरिक अपनी रक्षा स्वम कर सकते कुछ लोग गवर्नर गिरीश चन्द्र सक्सेना पर यह भी आरोप लगाते है कि कश्मीरी पंडितो को बाहर इसलिए निकाला ताकि मुस्लिमो का दमन किया जा सके। एक समस्या और थी पाकिस्तान ने गिलगिट बाल्टीसतान और आज़ाद कश्मीर जिसे पाक अधिक्रत कश्मीर भी कहा जाता है और अकसाई चीन जिसे चीन के द्वारा कब्ज़ा किया गया है जम्मू और कश्मीर का सम्पूर्ण क्षेत्रफल 2,22,236 वर्ग किलोमीटर है जिसमे आज़ाद कश्मीर का एरिया 13,297 वर्ग किमी गिलगिट बल्टिसतान का एरिया 72971 वर्ग किमी अर्थात कुल 86268 वर्ग किमी पाकिस्तान के क़ब्ज़े मे है चीन के क़ब्ज़े मे लद्दाख का एरिया जिसे अकसाई चीन भी कहा जाता है 38850 वर्ग किमी चीन के क़ब्ज़े मे है दोनों भारत के शत्रु देश चीन और पाकिस्तान के क़ब्ज़े मे लगभग 1,25,118 वर्ग किमी ज़मीन का कब्ज़ा है जिसे भारत सरकार को आज़ाद कराना है। इन समस्याओ के समाधान करने के लिए भारत सरकार ने गत वर्षो मे कई काम किए है। ााा

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