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Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

                                                                   हस्बुनाह किताबउल्लाह अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अप...

इस्राएल का विनाश 2:बाइबिल

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<script data-ad-client="ca-pub-5993925788976819" async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script> बाइबिल मे दिये गए तथ्यों के अनुसार जब हजरत ईसा मसीह से उनके दुनिया मे दोबारा आमद या आने के बारे मे पूछा गया तेरे आने का तथा इस युग के अंत का क्या चिन्ह होगा इस युग के अन्त के बारे में बताया जब तुमा उस उजाडऩे वाली घृणित वस्तु को जिसकी चर्चा दानिय्येल नवी के द्वारा हुई थी पवित्र स्थान में खड़ी देखो तो वे जो घर की छत पर हो वह घर मे कुछ लेने के लिए नीचे न उतरे वह जो खेत में हो वह अपना वस्त्र लेने के लिए पीछे न लौटे उनके लिए हाय जो उन दिनों में गर्भवती होगी और जो दूध पिलाती होगी प्रार्थना करो की तुम्हें शीत ऋतु मैं या सब्त के दिन भागना ना पडे क्योंकि ऐसा भारी कलेश होगा जैसा न तो दुनिया के आरम्भ से अब तक हुआ और न कभी होगा और यदि वे दिन घटाए न जाते तो एक भी प्राणी न बचता परन्तु चुने हुओ के कारण वे दिन घटा दिए जाएंगें।ऐसा ही लेख मरकुस 13 आयत नं. 1से लेकर आयत नं. 33 तक दिय