Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

                                                                   हस्बुनाह किताबउल्लाह अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अप...

जम्मू और कश्मीर का विभाजन और उसके लाभ:4

जम्मू और कश्मीर की समस्याओ का सामना करना के लिए भारत सरकार ने कई उपाय किए जिसमे काँग्रेस की सरकारो का भी बड़ा योगदान रहा है सबसे पहले गवर्नर रूल के अन्तर्गत सीधी हस्तक्षेप किया गया। मुख्यमंत्री की शक्ति का उपयोग वहाँ की सरकार को गिरा कर गवर्नर रूल के अन्तर्गत फौज के हाथो मे दे देना,दुनिया भर मे फौजी हुकुमत की आलोचना करने वाली भारत सरकार के लिए एक बड़ी समस्या यह भी कि उसके द्वारा फौजी शासन को कानूनी रूप से संरक्षण कैसे दिया जाए इसके लिए भारत सरकार ने एक अच्छा उपाय किया है नागरिक अधिकार को खत्म करने के लिये सबसे पहले उस राज्य या क्षेत्र को अशांत घोषित करके इसके बाद फौजी शासन मे होने वाले अत्याचार और मानवाधिकार की आवाज़ों और मुकदमे को रोकने के लिये
अफस्पा
जैसा कानून बनाया गया जिसका सम्पूर्ण रूप ARMED FORCES SPECIAL POWER ACT के अन्तर्गत फौजी शासन को संरक्षण दिया गया। कानून मे सब बराबर है ऐसा बताया जाता है मगर यहाँ किसी नागरिक के साथ फौजी के द्वारा किए गए अपराध से बचाव का संरक्षण दिया गया है और उसके विरुद्ध मुकदमा नहीं लिखाया जा सकता है। इस तरह किसी भी आवाज़ को दबाने के लिये
अफस्पा
के कानून से दमन की पूरी छूट दी गयी। ऐसा भाजपा की सरकार कर रही हो ऐसा नहीं है यह सारे कानून काँग्रेस के शासन मे बने है।

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