Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

इस्राइल का विनाश 7 : बाइबल

इस्राइल का विनाश : बाइबल प्रार्थना करो कि तुम्हें शीत ऋतु (ठंड का मौसम) या सब्त के दिन (अर्थात शनिवार) भागना न पड़े क्योंकि ऐसा भारी कलेश होगा जैसा न तो जगत (दुनिया) के आरम्भ से अब तक हुआ और न कभी होगा और यदि वे दिन घटाए न जाते तो एक भी प्राणी न बचता, परंतु चुने हुओ के कारण वे दिन घटा दिए जाएंगे । ( मती 24 : 20 से 22 तक ) इस्राइल के विनाश और महासंकट की शरुआत के बारे मे बताया गया है इसमे इशारा दो चीज़ों का दिया है पहला यह कि प्रार्थना करो कि जाड़े के मौसम मे न हो इसका तात्पर्य इन घटनाओ का जाड़े के मौसम मे होना है दूसरा इसमे सब्त के दिन मे इस घटना की शुरूवात होगी यहूदियों के यहाँ शनिवार Saturday को सब्त का दिन कहा जाता है । इस कलेश के बारे मे बताया जा रहा है कि ऐसा कलेश दुनिया के आरम्भ से न हुआ और न फिर कभी होगा । व्यक्तिगत राय है दुनिया के आरम्भ से अब तक इतने जदीद (आधुनिक) हथियार नहीं थे और न फिर कभी होगा इससे पता चलता है कि दुनिया मे घातक हथियार जैसे परमाणु बम और अन्य का प्रयोग होगा। आगे इस घटना की भयावहता के बारे मे इशारा किया गया और यदि वे दिन घटाए न जाते तो एक भी प्राणी न बचता, परंतु चुने हुवे के कारण वे दिन घटा दिए दिए जाएंगे । इस मुकद्दस (पवित्र) चुने हुवे लोगों मे हज़रत ईसा अलैहिस सलाम, हज़रत इमाम मेहंदी अलैहिस सलाम, हज़रत खिज्र अलैहिस सलाम हज़रत इलियास अलैहिस सलाम आदि है । इस बात की तसदीक हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की हदीस है जिसमे इरशाद है कि अगर दुनिया का 1 दिन भी बचा है तो वो मेरे बेटे (इमाम मेहंदी अलैहिस सलाम) के लिए 500 वर्ष का अल्लाह करेगा और कयामत तब तक कायम नहीं होगी जब तक मेरे बेटे का ज़हूर न हो जाए । इससे इस बात की तसदीक हो रही है कि उस दिन की भयावहता को घटा दिया जाएगा । व्यक्तिगत राय है कि 7 october 2023 दिन शनिवार को हमास ने गाज़ा पट्टी से इस्राइल पर हमले के साथ इस घटना की शुरुवात होना लेखक का मानना है कि उक्त घटना जैसा कि बाइबल मे दिया गया है, उसकी पुष्टि कर रहा है।

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