Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

इस्राइल का परमाणु बम

इस्राइल का परमाणु बम अमेरिका और पश्चिमी देशों के द्वारा इस्राइल के परमाणु बम पर खामोशी है इस्राइल के परमाणु बम की तकनीकी, मशीने और समान अमेरिका और पश्चिमी देशों के द्वारा उपलब्ध कराया गया और बनाया गया है इस्राइल का अरबों से कई जंग हो चुकी है (सन 1947- 1948 जब ब्रिटेन और पश्चिमी देशों के द्वारा अवैध असलहा देकर फिलिस्तीनियों का कत्ले आम करके यह देश बनाया गया था जिसका सबसे बड़ा अपराधी और साज़िशकर्ता ब्रिटेन था) 1956 मे सवेज नहर को मिश्र (Egypt) ने राष्ट्रीयकरण कराने पर इस्राइल ब्रिटेन और फ़्रांस तीनों ने मिश्र पर हमला कर दिया, 1967 की अरब इस्राइल जंग हुई जिसमे बैतूल मुकद्दस मे इस्राइल ने आग लगा दी और अरबों मे सीरिया लेबनान जोर्डन की ज़मीन पर कब्जा कर लिया था जिसमे अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस और अन्य देशों ने इस्राइल की मदद की । सन 1973 मे मिश्र और इस्राइल की जंग , सन 1982 मे लेबनान से जंग , सन 2000 मे लेबनान के हिज़्बोल्लाह से झड़पे और सन 2006 मे लेबनान के हिज़्बोल्लाह और इस्राइल से जंग और वर्तमान 2023 फिलिसतीन और इस्राइल से जंग हो रही है । फिलिसतीन और इस्राइल से जंग के बीच इस्राइल के मंत्री के द्वारा फिलिसतीन के गाज़ा पट्टी पर परमाणु बम से हमला करने की धमकी दी गई । जिसके बाद इस्राइल के परमाणु बम का खुलासा हुआ ऐसा पहले से दुनिया मानती थी कि इस्राइल के पास परमाणु बम है । इस्राइल के परमाणु बम से क्षेत्र के अरब देशों और दुनिया के लिए बड़ा खतरा है इस्राइल का परमाणु बम दुनिया के लिए खतरनाक है । इस्राइल ने अपने परमाणु बम से ध्यान हटाने के लिए ईरान के युरेनीयम संवर्धन को बढ़ा चढ़ा कर बताना आरम्भ किया ताकि इस्राइल के परमाणु बम से दुनिया का ध्यान हटाया जा सका । दुनिया की दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर इराक को तबाह करने का बहाना अमेरिका और नाटो संगठन को मिला मानो इस संस्था ने अमेरिका के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी और इराक को बर्बाद कर दिया गया । लगातार ईरान के परमाणु रिएक्टर की जांच दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी कर रही है । इस्राइल के परमाणु रिएक्टर और परमाणु बम पर अभी भी यह दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी खामोश तमाशाई (मूक दर्शक) बनी है । दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के एजेंट के रूप मे काम किया है और कर रहा है और अमेरिका और पश्चिमी देशों के political aim राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए वैसी ही रिपोर्ट बनाना आरम्भ कर दिया जैसा कि अमेरिका इस्राइल और पश्चिमी देश चाहते है और ईरान ने कई गुना अधिक यूरेनियम संवर्धन कर लिया ईरान परमाणु बम के करीब है ऐसी रिपोर्ट देना दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने आरम्भ कर दिया ईरान दाग़ी और बदनाम संस्था अन्तराष्ट्रिय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का सहयोग नहीं कर रहा । और इस्राइल परमाणु बम बना चुका है । और इस्राइल के परमाणु बम का परीक्षण अमेरिका और पश्चिमी देशों ने अपनी ज़मीन पर करा दिया है । और इस्राइल के परमाणु बम से दुनिया को कोई खतरा नहीं है ऐसा दिखाया जाता है जबकि इस्राइल का परमाणु बम दुनिया के साथ साथ अरब के मुस्लिमों के बहुत बड़ा खतरा है ।

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