Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

क्रिमिनल स्टेट इस्राइल

ईरान के रक्षा मंत्री ने इस्राइल को क्रिमिनल स्टेट कहा है । इसमे कितनी वासविकता है । इस्राइल के क्रिमिनल स्टेट होने के कई आधार है । पहला आधार यह है कि पेशेवर कातिल की तरह सैकड़ों क़त्लो को किया और कराया है और बड़ी तादाद मे बेगुनाह मासूम बच्चों औरतों मर्दों बूढ़ों का कत्ल किया है जो बिना ट्रायल के बिना अपराध को साबित किए आपराधिक लोगों की तरह बच्चों महिलाओ और बूढ़ों के साथ दुर्व्यवहार किया । दुनिया भर मे और इंटरनेशनल लॉ के अन्तर्गत कुछ नियम बनाए गए जिनको आतंकी इस्राइली यहूदी न मानते है और न पालन करते है । दुनिया भर मे मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है आतंकी इस्राइली यहूदीयों के द्वारा मरीजों के साथ भी बहुत बड़ा बुरा व्यवहार किया जाता है । इस सब अपराध को करने के लिए आतंकी इस्राइली यहूदीयों को बल मिलता है दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी ब्रिटीशरों के द्वारा और उसको समर्थन दुनिया मे उसकी औलादों के द्वारा जैसे अमेरिका ऑस्ट्रेलिया कनाडा आदि के द्वारा किया जाता है । आतंकी ब्रिटेन ही है जिसने दुनियाभर के आतंकी यहूदीयों को इकट्ठा किया उन्हे हथियार और घातक हथियार देकर फिलिसतीन मे क़त्लो गारतगरी के लिए उतार दिया , फिलिसतीनी अरबों को लूटवाया डकैती डलवाई कत्ले आम करवाया उन्हे बेघर किया नकल मकानी कारवाई शरणार्थी बनाया दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर किया आतंकी ब्रिटीशरों ने अरब मे जिनको राजा बादशाह बनाया उन्होंने अपनी गैरत को आतंकी ब्रिटिश अमेरिकी इस्राइलीयों के चरणों मे रख दिया और खामोश तमाशाई बने हुए है । अरबों की तमाम जनता आतंकी इस्राइली यहूदीयों को गुनाहगार मानती है और आतंकी इस्राइली यहूदीयों की खून की प्यासी है मगर असली अपराधी आतंकी ब्रिटेन और उसकी औलादों के प्रति उदासीनता है उनके प्रति प्रतिकार की भावना नहीं है जो होनी चाहिए । आतंकी इस्राइली यहूदीयों को जरायम करने को उकसा रही है । जिस तरह दुनिया भर मे आतंकी इस्राइली यहूदीयों दूसरे देशों मे क़त्लो गारत गरी करते है और उसमे ब्रिटेन अमेरिका फ़्रांस आदि देशों की एम्बेसी आतंकी इस्राइली यहूदीयों की मदद करती है । आतंकी इस्राइली यहूदी कभी ब्रिटिश नागरिक बन जाते है कभी अमेरिकी नागरिक बन जाते है कभी कनाडाई नागरिक बन जाते है कभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बन जाते है और दुनिया भर मे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते है । इन सब के बाद अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओ मे आतंकी इस्राइली यहूदीयो की पहुँच अमेरिका ब्रिटेन आदि के द्वारा कराई जाती है । जैसे आई. ए. ई.ए. मे आतंकी इस्राइली यहूदीयों की घुसपैठ के माध्यम से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जासूसी ।

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