Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

क्रिमिनल स्टेट इस्राइल

ईरान के रक्षा मंत्री ने इस्राइल को क्रिमिनल स्टेट कहा है । इसमे कितनी वासविकता है । इस्राइल के क्रिमिनल स्टेट होने के कई आधार है । पहला आधार यह है कि पेशेवर कातिल की तरह सैकड़ों क़त्लो को किया और कराया है और बड़ी तादाद मे बेगुनाह मासूम बच्चों औरतों मर्दों बूढ़ों का कत्ल किया है जो बिना ट्रायल के बिना अपराध को साबित किए आपराधिक लोगों की तरह बच्चों महिलाओ और बूढ़ों के साथ दुर्व्यवहार किया । दुनिया भर मे और इंटरनेशनल लॉ के अन्तर्गत कुछ नियम बनाए गए जिनको आतंकी इस्राइली यहूदी न मानते है और न पालन करते है । दुनिया भर मे मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है आतंकी इस्राइली यहूदीयों के द्वारा मरीजों के साथ भी बहुत बड़ा बुरा व्यवहार किया जाता है । इस सब अपराध को करने के लिए आतंकी इस्राइली यहूदीयों को बल मिलता है दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी ब्रिटीशरों के द्वारा और उसको समर्थन दुनिया मे उसकी औलादों के द्वारा जैसे अमेरिका ऑस्ट्रेलिया कनाडा आदि के द्वारा किया जाता है । आतंकी ब्रिटेन ही है जिसने दुनियाभर के आतंकी यहूदीयों को इकट्ठा किया उन्हे हथियार और घातक हथियार देकर फिलिसतीन मे क़त्लो गारतगरी के लिए उतार दिया , फिलिसतीनी अरबों को लूटवाया डकैती डलवाई कत्ले आम करवाया उन्हे बेघर किया नकल मकानी कारवाई शरणार्थी बनाया दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर किया आतंकी ब्रिटीशरों ने अरब मे जिनको राजा बादशाह बनाया उन्होंने अपनी गैरत को आतंकी ब्रिटिश अमेरिकी इस्राइलीयों के चरणों मे रख दिया और खामोश तमाशाई बने हुए है । अरबों की तमाम जनता आतंकी इस्राइली यहूदीयों को गुनाहगार मानती है और आतंकी इस्राइली यहूदीयों की खून की प्यासी है मगर असली अपराधी आतंकी ब्रिटेन और उसकी औलादों के प्रति उदासीनता है उनके प्रति प्रतिकार की भावना नहीं है जो होनी चाहिए । आतंकी इस्राइली यहूदीयों को जरायम करने को उकसा रही है । जिस तरह दुनिया भर मे आतंकी इस्राइली यहूदीयों दूसरे देशों मे क़त्लो गारत गरी करते है और उसमे ब्रिटेन अमेरिका फ़्रांस आदि देशों की एम्बेसी आतंकी इस्राइली यहूदीयों की मदद करती है । आतंकी इस्राइली यहूदी कभी ब्रिटिश नागरिक बन जाते है कभी अमेरिकी नागरिक बन जाते है कभी कनाडाई नागरिक बन जाते है कभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बन जाते है और दुनिया भर मे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते है । इन सब के बाद अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओ मे आतंकी इस्राइली यहूदीयो की पहुँच अमेरिका ब्रिटेन आदि के द्वारा कराई जाती है । जैसे आई. ए. ई.ए. मे आतंकी इस्राइली यहूदीयों की घुसपैठ के माध्यम से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जासूसी ।

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