Ahmad Rizvi

शाह नेअमत उल्लाह वली की भविष्य वाणी

 शाह नेअमत उल्लाह वली जो सातवें इमाम मूसा काज़िम सलातो वस सलाम की नस्ल से है जिनका ताल्लुक ईरान से है उन्होंने आने वाले हालात के बारे में लगभग 800 साल पहले बता दिया था और आपकी सभी भविष्य वाणी अक्षरश: सही साबित हुई आपने 800 साल पहले चींटियों और टिड्डियों से हमले के बारे में बताया था चींटी और टिड्डी दोनों झुंड में हमला करती है दूसरी बात 800 सालों में ऐसी कोई ईजाद नहीं हुई जो अब हो चुकी है अब छोटे छोटे रोबोट और ड्रोन आ गए अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने कितना पहले लोगो को बता दिया और जिन चीज़ों का वजूद भी नहीं उनके बारे में भी बताया दिया गौर करने की ज़रूरत है

हज़रत ईसा मसीह का पुनरागमन

हज़रत ईसा का पुनरागमन हज़रत ईसा अलैहिस सलाम के दुनिया मे दोबारा आने के बारे मे बताया गया है “ आदम की औलाद का पुनरागमन” उन दिनों के कलेश के तुरंत पश्चात सूर्य अंधकारमय हो जाएगा तथा चंद्रमा अपना प्रकाश न देगा, और आकाश से तारागण गिरेंगे तथा आकाश की शक्तियां हिलाई जाएगी । तब आदम की औलाद (हज़रत ईसा अलैहिस सलाम ) का चिन्ह आकाश मे दिखाई देगा, और प्रथ्वी की सब जातियाँ विलाप करेगी, और लोग आदम के पुत्र (हज़रत ईसा मसीह) को सामर्थ्य तथा बड़े वैभव सहित आकाश के बादलों पर आते देखेंगे और वह तुरही की तीव्र आवाज के साथ अपने फरिश्तों को भेजेगा, और वे चारों दिशाओ मे आकाश के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक, उसके चुने हुओ को एकत्रित करेंगे । (मत्ती – 24: 29 से 31 ) हज़रत ईसा मसीह के दोबारा दुनिया मे आने से पहले इस प्रकार के हथियारों का प्रयोग हो चुका होगा जिसके नतीजे मे सूरज अंधकारमय हो जाएगा और चंद्रमा से भी कोई प्रकाश (रोशनी ) नहीं होगी । दूसरी बात – आकाश से तारागण गिरेंगे तथा आकाश की शक्तियां (ताकते) हिलाई जाएगी । आकाश से तारागण से तात्पर्य जो तारे है उनका गिरने के बारे मे हो सकता है और दूसरी इस ओर इशारा है जैसे satellite (उपग्रह) स्पेस स्टेशन आदि पर हमले का होना और स्पेस वार के बारे मे जैसा चर्चा होती है और स्पेस वार मे satellite का हमले मे मार गिराना इस ओर बाइबल मे स्पष्ट रूप से पहले ही बताया जा चुका है । इस आखरी स्पेस वार या सॅटॅलाइट को मार गिराने या तारों के गिरने के तुरंत बाद हज़रत ईसा मसीह का आना निश्चित है । हज़रत ईसा मसीह के आने के बारे मे बताया गया है “ उस दिन या उस घड़ी के विषय मे कोई नहीं जानता न तो फ़रिश्ते और न ही हज़रत ईसा मसीह परंतु केवल अल्लाह । हज़रत ईसा मसीह का आना ठीक हज़रत नूह के दिनों की तरह होगा । क्योंकि जल प्रलय के पूर्व के दिनों मे जिस तरह नूह के जहाज़ मे प्रवेश करने के दिन तक लोग खाते- पीते रहे और उनमे ब्याह – शादीयां हुआ करती थी , और जब तक जल प्रलय उनको बहा न ले गया वे इसको समझ न सके । उसी प्रकार आदम की औलाद (हज़रत ईसा मसीह ) का भी आना होगा । हज़रत ईसा मसीह का आना उस घड़ी आ जाएगा जबकि तुम सोचते भी नहीं ।

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