Ahmad Rizvi

गोग और मगोग (याजूज और माजूज)

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    गोग और मगोग (याजूज और माजूज) एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । वह प्रथ्वी के चारों कोनों की जातियों को अर्थात याजूज और माजूज को भरमाने और उनको एकत्रित करके जंग करने निकलेगा । उनकी गिनती समुद्र के बालू के सद्रश होगी । उन्होंने सम्पूर्ण प्रथ्वी पर निकाल कर पवित्र लोगों की छावनी और प्रिय नगरी को घेर लिया । तब स्वर्ग से आग ने गिरकर उन्हे भस्म कर दिया । उनको भरमाने वाला शैतान उस अग्नि और गंधक की झील मे डाल दिया गया जहां वह पशु और झूठा नबी भी डाले गए थे । वे अनंत काल तक दिन – रात पीड़ा मे तड़पते रहेंगे । (इंजील : प्रकाशीतवाक्य 20:7 -10) टिप्पणी : 1. एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । इसको हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम के दुनिया से रुखसत सन 632 मे हुवे आपके दुनिया से जाने के एक हज़ार साल बाद अर्थात सन 1632 होते है अंग्रेजों को आक्रमण इसी दौर मे शुरू हुवा । 2. शैतान याजूज और माजूज को इकट्ठा करेगा पूरी दुनिया से और जंग करने निकलेगा याजूज और माजूज को इकट्ठा करने के लिए कहा गया है और कुरान मजीद मे यहूदीयों को पूरी दुनि...

ज़ियारते मक़ामात मुक़द्दसा ईरान / ZIYARATE MAQAMATE MUQADDASA IRAN

 


कुम/qum: रौजा अकदस  मासूमा  कुम हज़रत फातिमा बिन्ते  इमाम मूसा काज़िम अलैहिस सलातों वस सलाम ख्वाहर (भाई )इमाम अली रज़ा अलैहिस सलातों वस सलाम

कुम मे  मस्जिद जमकारान मनसूब ब इमाम ज़माना अजलल्लाहो तआला व फ़रजहूम

 तेहरान : 1. ज़ियारत बीबी शहर बानो  2. आस्ताना  बीबी ज़ुबैदा 3. मकबरा शाह अब्दुल अज़ीम जिसमे तीन इमाम ज़ादों यानी जनाब ताहिर बिन इमाम ज़ैनुल आबदीन अलैहिस सलातों वस सलाम  व शाह हमज़ा बिन इमाम मूसा काज़िम अलैहिस सलातों वस सलाम  और इमाम हसन अलैहिस सलातों वस सलाम की औलादों मे शाह अब्दुल अज़ीम की आराम गाहे  मौजूद है । 4. कब्र रहबरे इन्किलाब आयतुल्लाह रूहउल्लाह खुमैनी अला रहमा

मशहद मुक़द्दस : इमाम हज़रत अली रज़ा अलैहिस सलातों वस सलाम के मज़ार मुक़द्दस की ज़ियारत

नेशापुर : चश्मा व कदमगाह इमाम हज़रत अली रज़ा अलैहिस सलातों वस सलाम 2. मकबरा इमाम ज़ादा मोहम्मद महरूफ़ अला रहमा और इमाम ज़ादा इब्राहीम बिन इमाम हज़रत मूसा काज़िम अलैहिस सलातों वस सलाम की ज़ियारत      

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