Ahmad Rizvi

यूरोपीय युनियन

हज़रत अली अलैहिस सलातो व सलाम का कथन " जब तुम बोलोगे पहचान लिये जाओगे " इस कथन के संदर्भ मे आज के परिदर्श्य को देखते है | अमेरिका  के हुक़्मरान और अमेरिका के फ़ौजियो ने दुनिया के हर कानून को रौन्दते हुवे वेनेज़ुएला पर हमला कर दिया वहां के चुने हुवे राष्ट्रपति और उसकी पत्नी को अगवा कर लिया |  खुलेआम अमेरिका ने आतंकवादी काम किया |ग्रीनलैन्ड और कनाडा पर खुले आम क़ब्ज़ा करने की धमकी दे रहा है अमेरिका | क्या बता सकते हैं यूरोपीय संघ ने अमेरिका की फ़ौज को आतंकवादी संगठन घोषित किया क्या ऐसी हिम्मत जुटा कर फ़्रान्स ने अमेरिकी फ़ौज को आतंकवादी संगठन घोषित किया | क्या जर्मनी ने ऐसा क्या है या ब्रिटेन ने ऐसा किया नही किया | और करते भी क्यों?  दुनिया भर के संशाधनो को यह सब देश मिलकर लूटते आये है | अब इन लूटेरे देशो ने ईरान की IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित किया इन लूटेरो देशो ने इराक़ अफ़ग़ानिस्तान सिरिया लिबिया वेनेज़ुअला आदि देशो की दौलत को लूटा और बाकि लूट दूसरे देशो को अपने ATOM BOMB को चलाने की धमकी देने के साथ उनसे व्यापार के समझौते करके लूटते आये है? |

विधवा विवाह

आज से 1400 साल पहले इस्लाम मे विधवा विवाह को आरम्भ किया और तलाक़शुदा महिलाओ का भी दोबारा विवाह की शरुवात की गयी इससे पहले दुनिया की तमाम सभ्य व असभ्य (मोहिज़्जिब और गैर मोहिज़्जिब) लोगों मे महिलाओ के साथ क्या सुलूक किया जाता था किसी कारण अगर महिला का पति की मौत हो जाती थी तो उस महिला को अशुभ मानते थे उसके बाल का मुंडन कर दिया जाता था दूसरा विवाह करना वर्जित था ऐसी महिला का तिरस्कार किया जाता था समाज मे उसके जीने के लिए कोई अधिकार नहीं था कुछ इलाकों के लोग पति के साथ ही जिंदा उसकी पत्नी को भी चिता मे जला देते थे। जब जीने का अधिकार नहीं देते थे तो संपत्ति का अधिकार कहाँ से देते। इसके साथ ही तलाक़शुदा महिलाओ की भी स्थिति बदतर थी । विभिन्न धर्मों मे जहां विधवा विवाह वर्जित था उन धर्मों के मानने वाले लोगों ने भी इस्लाम के इस नैसर्गिक कानून (natural law) को मानने को बाध्य हुए है और सैकड़ों वर्षों बाद इस्लाम के इस कानून को अपनी खुशी और अपने संतानों की खुशी के लिए विधवा विवाह और तलाक़शुदा का पुनर्विवाह को सहर्ष स्वीकार कर लिया। इस्लाम को जो नहीं भी मानते थे और वो जो इस्लाम का विरोध करते थे वो भी इस्लाम के इस कानून को मानने के लिए बाध्य है।

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