Ahmad Rizvi

पहला मुनाफिक - इबलीस

  पहला मुनाफिक – इबलीस मुनाफिक के मायने है दोगला , ढोंगी , कपटी वो शख्स जो ज़बान से कुछ और हो और दिल मे कुछ और । इबलीस (शैतान) मलायका के सफ़ों मे पहुँच गया । हज़रत आदम के पुतले और रूह को स्थापित करने तक मे इबलीस के मुनाफिक होने और काफिर होने को अल्लाह सुभान व तआला ने सामने ले आया । लौह-ए-महफ़ूज़ मे फरिश्तों मे एक नाफरमान होने का ज़िक्र किया गया तब तक यह इल्म अल्लाह से मलायका के बीच मे आ   गया तुम मे से एक नाफरमान होगा इस मुनाफ़क़त को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने बता दिया एक बात और इस मुनाफिक और   अल्लाह के रसूल की बज़्म मे बैठने वाले मुनाफिको के बारे मे भी अल्लाह को पता है और सूरे मुनाफिक मे उनका ज़िक्र भी कर दिया यह मुनाफिकत का राज कब खुलेगा आगे देखिए जब तक आदम का पुतला बना गया इबलीस की मुनाफ़क़त नहीं खुलती है जैसे ही रूह को फूंकने के साथ सजदा मे चले जाने का हुक्म फरिश्तों को दिया गया सभी फ़रिश्ते सिर्फ इबलीस को छोड़कर सजदे मे चले गए और इस इनकार का अंजाम शैतान को फटकार और लानत के रूप मे तोहफा मिला । अब इबलीस मुनाफिक से सीधा काफिर हो गया । एक बात और तौहीद वालों के लिए इबलीस तौहीद का इनका...

फ्रांस जर्मनी का मानवाधिकार का ढोंग !

दुनिया भर मे अमेरिकी और पश्चिमी देशों के दबदबे के खिलाफ बोलने वाले देश मे किसी प्रकार के परदर्शनों मे इन पश्चिमी देशों के द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघन को ज़ोर शोर से उठाते है जैसे यह मानव के अधिकारों के प्रति बहुत सजग हो और अमेरिका मे या अन्य किसी समर्थक देशो मे होने वाले मानवाधिकार और घोर मानवाधिकार उल्लंघन पर मौन रहते है जैसे कुछ हुआ ही नहीं । हाल ही मे ईरान मे होने वाले पर्दरशनों पर अपनी पुरानी दुश्मनी को भुनाते हुए और मानवाधिकार उल्लंघन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देश मानवाधिकार का हितैषी बन कर ईरान का विरोध करना शुरू कर दिया । अब हाल ही मे फ्रांस और जर्मनी मे महंगाई के खिलाफ होने वाले परदर्शन पर सम्बन्धित देशों की पुलिस द्वारा की जाने वाली बर्बरता और सख्त कार्यवाही की जो तस्वीरे आ रही है उन तस्वीरों से फ्रांस जर्मनी की मानवाधिकार उल्लंघन पर की जाने वाली टिप्पणी और ढोंग का खुलासा हो चुका है । मानवाधिकार उल्लंघन फ्रांस जर्मनी और पश्चिमी देशों द्वारा अपने विरोधी देशों पर दबाव बनाने के लिए “हथियार के रूप मे “ इस्तेमाल किया जा रहा है वास्तव मे मानवाधिकार का इन बर्बर देशों फ्रांस जर्मनी और पश्चिमी देशों जिन्होंने दुनिया मे इंसानियत सोज़ मज़ालिम ढाए है उनका इससे कोई सरोकार नहीं है ।

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