Ahmad Rizvi

अखण्ड भारत

अगर अखंड भारत मे बांग्लादेश को पाकिस्तान श्रीलंका म्यानमार अफ़्गानिस्तान तिब्बत को मिलाना है तो घुसपैठिया कैसे? वो तो अखंड भारत के नागरिक ही हुवे या जिस तरह बौधो का क़त्ल किया गया उसी तरह मुसलमानों का क़त्ल किया जाना है या आर एस एस और उसकी आनुषंगिक संगठन प्रयोग के तौर पर मोब लिन्चीन्ग कर रही है और मुसलमानों की तरफ़ से होने वाले प्रतिरोध को भी देख रही है और विश्व भर के मुसलमानों के प्रतिरोध या प्रतिक्रिया को भी देख रही है  गुजरात मुस्लिम नरसंहार और मुज़फ़्फ़रनगर मे मुसलमानों के नरसंहार के बाद देखा गया कि मुसलमानो को तबाह बरबाद और ताराज किया जा सकता है बोसनिया हरजेगोविना मे मुसलमानों के नरसंहार पर विश्व मुस्लिम नेत्रत्व की प्रतिक्रिया नक्कार खाने मे तुति की आवाज़ थी अमेरिका और इस्राइल ने करोडो मुसलमानों का क़त्ल बडी हिक़्मत से किया और बड़े संसाधनो को लूटा है हाल ही मे म्यानमार मे रोहिन्गया मुसलमानों को क़त्ले आम किया गया और उन्हे बर्बाद करके दूसरे देशो मे बदतरीन ज़िन्दगी जीने को मजबूर किया गया है और किया जा रहा है फ़िलिस्तीन मे मुसलमानों का क़त्ले आम किया जा रहा है और दुनियाभर के मुस्लिम हुक़ुमत ख...

फ्रांस जर्मनी का मानवाधिकार का ढोंग !

दुनिया भर मे अमेरिकी और पश्चिमी देशों के दबदबे के खिलाफ बोलने वाले देश मे किसी प्रकार के परदर्शनों मे इन पश्चिमी देशों के द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघन को ज़ोर शोर से उठाते है जैसे यह मानव के अधिकारों के प्रति बहुत सजग हो और अमेरिका मे या अन्य किसी समर्थक देशो मे होने वाले मानवाधिकार और घोर मानवाधिकार उल्लंघन पर मौन रहते है जैसे कुछ हुआ ही नहीं । हाल ही मे ईरान मे होने वाले पर्दरशनों पर अपनी पुरानी दुश्मनी को भुनाते हुए और मानवाधिकार उल्लंघन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देश मानवाधिकार का हितैषी बन कर ईरान का विरोध करना शुरू कर दिया । अब हाल ही मे फ्रांस और जर्मनी मे महंगाई के खिलाफ होने वाले परदर्शन पर सम्बन्धित देशों की पुलिस द्वारा की जाने वाली बर्बरता और सख्त कार्यवाही की जो तस्वीरे आ रही है उन तस्वीरों से फ्रांस जर्मनी की मानवाधिकार उल्लंघन पर की जाने वाली टिप्पणी और ढोंग का खुलासा हो चुका है । मानवाधिकार उल्लंघन फ्रांस जर्मनी और पश्चिमी देशों द्वारा अपने विरोधी देशों पर दबाव बनाने के लिए “हथियार के रूप मे “ इस्तेमाल किया जा रहा है वास्तव मे मानवाधिकार का इन बर्बर देशों फ्रांस जर्मनी और पश्चिमी देशों जिन्होंने दुनिया मे इंसानियत सोज़ मज़ालिम ढाए है उनका इससे कोई सरोकार नहीं है ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

खतना

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम