Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

दुजैल का ट्रायल ही क्यों ?

 

मसलकी नफरत मे मुसलमान इतना गिरफतार है कि वह अपनी अक्ल की सालाहीयत खो चुका है और उसका कार्य एक अज्ञानी (जाहिल/ignorant) की तरह का हो गया। जिस सद्दाम हुसैन को अमेरिका और उसके साथी पश्चिमी देशों और सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ काम करने मे इस्तेमाल किया था और जिस दौरान इराक - ईरान युद्ध (1980-1988)चल रहा था उसी दौरान इराक के एक गाँव दुजैल मे सद्दाम पर हमला होता है और उसके बदले मे इराक़ी शियों का कत्ले आम किया जाता है यह बात है सन 1982 ईसवी की ।

 अमेरिका उस समय इराक के शासक सद्दाम हुसैन का बडा समर्थक और दोस्त बना हुआ था लेकिन उस दोस्ती मे भी दगा के निशान अमेरिका के पास थे कत्लेआम का वीडियो अमेरिका के पास था अमेरिका और पश्चिमी देशो को अपना उद्देश्य पूरा कराना था । 2 अगस्त 1990 मे इराक ने कुवैत पर आक्रमण करके उस पर कब्जा कर लिया । खाड़ी युद्ध मे सीज़ फायर (युद्ध विराम) के बाद कुवैत को आज़ाद करा लिया गया। उसके बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इराक पर आरोप लगाना शुरू किया कि इराक के शासक सद्दाम इराक़ी कुर्द और शियाओ पर ज़ुल्म ढ़ा रहे है उनके ऊपर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे है ।

सन 2003 के इराक युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने सद्दाम को पदच्युत कर दिया और उनको गिरफ्तार करने के बाद उनपर इराक़ी कोर्ट मे केस चलाया गया यह मुकदमा सन 1982 के दुजैल कांड का ट्रायल था ।

आइये जानते है दुजैल कांड के अलावा जो कांड थे उस पर मुकदमा क्यों नहीं चलाया गया ?

1.   जैसे इराक ने पश्चिमी देशों और अमेरिका के द्वारा उपलब्ध कराये गए हथियार के द्वारा जिसमे ईरान के हलबचा नामी जगह पर लगभग 10,000 आदमी औरत बच्चे लुकमे अजल का शिकार हो गए , बेदर्दी से कत्ल किया गया।

2.   कुवैत पर हमला किया इस हमले मे दुजैल से भी ज्यादा लोगों को कत्ल किया गया उस पर ट्रायल नहीं किया गया ।

3.   इराक मे कुर्दों और शियाओ पर केमिकल हथियार चालाने और उनके दमन का आरोप पश्चिमी देशों ने लगाया मगर इस आधार पर ट्रायल नहीं कराया गया ।

ट्रायल किया गया तो दुजैल पर वो भी सन 1982 मे किए गए कार्य के लिए इससे अमेरिका ने अपने उद्देश्य की पूर्ति करनी चाही एक दुजैल के ट्रायल से शिया और सुन्नी मसलकों मे खूँरेजी कराना था दूसरे इनकी नफरत को इतना बढ़ाना था ताकि पश्चिमी देशों के मक़ासिद बगैर ज़्यादा मेहनत के सफल हो जाए मगर अल्लाह के रहमो करम से अमेरिका और उसके पश्चिमी देश नाकामयाब रहे मगर अभी भी उनके प्रयास जारी है और आगे भी जारी रहेगा ।

“किसी कौम से इतनी नफरत न करो कि तुम अदल से फिर जाओ”



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