Ahmad Rizvi

सहाबा का एहतराम!

बिरादर मुस्लिम सवाल उठाते हैं कि सहाबा का एहतराम शिया नहीं करते कभी सवाल पूछा कि सहाबा का एहतराम कितना उस वक़्त के लोगो ने किया निम्न नज़ीर देता हूं:- 1. हज़रत अली अलैहिस सलाम अहले बैअत नबी भी है जानशीन रसूल भी है मौला भी सहाबी ए रसूल भी है हज़रत अली को रस्सी से बांधने वाले मुनाफिकों पर खामोश रहते है। नहीं बताओगे कि सहाबा का एहतराम करना चाहिए। 2. हज़रत अबुज़र गफ़ारी का नाम तो सुना होगा उनको सहाबी ही शहर बदर कर रहे सहाबी ही पिटवा रहे हैं। क्यों अब खामोश हो अब नहीं बताओगे सहाबा का एहतराम क्यों नहीं किया। 3. हज़रत हुजर बिन अदी को तशदूद करके जान से मार दिया गया सहाबा के चहीतो तुम्हारी खामोशी तुम्हारी मक्कारी को इन्क़ेशाफ़ कर रही है। सहाबा की आड़ में अहले बैअत नबी, रसूल उल्लाह सल्लल्लाहो अलैह व आले वसल्लम और उनकी आले पाक मुखालफत करना है वरना सहाबा की अज़मत की बात होती अहले बैअत से लड़ने वाले मुनाफिकों के नक़ाब को उतार फेंकते उनका देफा न करते।  

दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की

 अमेरिका ने इस्राइल की हिफ़ाज़त के लिए न केवल इस्राइल मे आइरन डोम डेविड स्लिन्ग थाड सिस्टम आदि दिया है इसके साथ अरबो को थाड सिस्टम आदि दिया था क्यों?  

जानते हैं अरबो की हिफ़ाज़त के लिए नही इस्राइल की सुरक्षा के लिये दिया था और उस सुरक्षा की कीमत अरब चुका रहे हैं जैसे ही इस्राइल पर हमला हो defence system उसे रोक ले चाहे इराक़ हो सिरिया हो जार्डन हो सऊदी हो ओमान हो बहरीन हो क़तर हो कुवैत हो मुताहिदा अरब अमीरात हो सब इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रहे थे वो जाने मे हो या अन्जाने मे हो 

अमेरिका की 5 फ़्लीट बहरीन मे गल्फ़ देशो की हिफ़ाज़त नही कर रही है बल्कि इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रही है 

दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की 



 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

इंजील मे इमाम हुसैन का ज़िक्र