Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

अमेरिका इस्राइल और ईरान की जंग मे भारत किसके साथ है?


भारत सरकार ने औपचारिक रूप से घोषणा नही की है कि वह इस्राइल के साथ है या ईरान के साथ है लेकिन कुछ हरकतो से समझा जा सकता है कि भारत मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस्राइल और अमेरिका के साथ है जंग से पहले जब विएना मे अमेरिका और ईरान की वार्ता होने के दौरान प्रधानमंत्री का इस्राइल दौरा और वहां पर प्रधानमंत्री का इस्राइल को समर्थन करना अपने आप में बहुत कुछ कह रहा है 

भारत के प्रधानमंत्री का अपने देश मे वापस आना और उसके साथ ही ईरान पर अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला कर दिया :-

1. अमेरिका इस्राइल के ईरान पर  किये गये आक्रमण के बाद भारत सरकार ने उसकी भर्तसना नही की इस से पता चलता है कि सरकार का चुप रहना मौन स्वीक्रति है 

2. ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई को वहशियाना क़त्ल के बाद और विपक्ष के सरकार से सवाल करने के बाद भी भारत सरकार ने अमेरिका और इस्राइल को न तो भर्तसना की और न कोइ शोक सन्देश दिया इस से लोगो को यह भरोसा हो गया कि भारत सरकार ने ईरान के खिलाफ़ मौकूफ़ अख्तियार किया है और अमेरिका और इस्राइल का समर्थन किया है 

3. जंग के दौरान ओमान सागर मे भारत सरकार ने वार शिप भेजा है जो ईरान के समर्थन मे तो नही है बल्कि ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका और इस्राइल की मदद है

4.हिन्द महासागर मे भारत सरकार और श्रीलंका के साथ ईरानी नौ सेना युध्द अभ्यास कर रही थी और इस बीच ईरान के वार शिप को अमेरिका के द्वारा डूबा देना और किस देश ने ईरान के साथ धोखा दिया जिसमे 180 ईरानी नौसैनिक शहीद हो गये है  जो जांच का विषय है लेकिन भारत ने दोगली पालिसी नही अपनाई है बल्कि खुल कर अमेरिका और इस्राइल के साथ कंधे से कंधा लगा कर खड़े है भविष्य मे देखना होगा ईरान इन सब घटनाओ को किस तरह देखता है 

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