Ahmad Rizvi

जवाबदेही/उत्तरदायी/accountability

                   जवाबदेही/उत्तरदायी/ accountability आज़ाद भारत और राजशाही मे अन्तर क्या है जब दोनों मे अधिकारीयों या नौकरशाह की मनमानी पर अंकुश ही न हो जब अदलिया सुनववाई करने से सीधा मना कर दे या यह कहे कि उसके पास इसके सुनने का समय ही नहीं है या राजा की मंशा के अनुसार काम करे और न्याय का गला घोंट दे तानाशाही राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर रह ही नहीं जाता जब जवाबदेही निर्धारित न हो फिर राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर सरकार चुनने का है और कोई अन्तर नहीं है । आज जब देखते है तो किसी आवेदन पत्र सदेश को लेने से इंकार कर दिया जाता है इसे आप छोड़ जाओ इस पर कोई प्राप्ति नहीं देंगे । डाकिया अपनी ड्यूटी से बचने के लिए अक्सर व्यक्ति मिला नहीं डाक वापस थाने मे आवेदन पत्र को पहले लेकर उसमे तोल मोल होता है तोल मोल होने के बाद प्राथीमिकी दर्ज की जाती है । आला अधिकारी से शिकायत के बाद भी दरोगा जी शिकायतकर्ता को धमकाते है और एफ आई आर दर्ज नहीं करते सरकारे क्राइम को कम करके बताती है कि उनका शासन बहुत बढ़िया है थाने मे लोगो...

अमेरिका इस्राइल और ईरान की जंग मे भारत किसके साथ है?


भारत सरकार ने औपचारिक रूप से घोषणा नही की है कि वह इस्राइल के साथ है या ईरान के साथ है लेकिन कुछ हरकतो से समझा जा सकता है कि भारत मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस्राइल और अमेरिका के साथ है जंग से पहले जब विएना मे अमेरिका और ईरान की वार्ता होने के दौरान प्रधानमंत्री का इस्राइल दौरा और वहां पर प्रधानमंत्री का इस्राइल को समर्थन करना अपने आप में बहुत कुछ कह रहा है 

भारत के प्रधानमंत्री का अपने देश मे वापस आना और उसके साथ ही ईरान पर अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला कर दिया :-

1. अमेरिका इस्राइल के ईरान पर  किये गये आक्रमण के बाद भारत सरकार ने उसकी भर्तसना नही की इस से पता चलता है कि सरकार का चुप रहना मौन स्वीक्रति है 

2. ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई को वहशियाना क़त्ल के बाद और विपक्ष के सरकार से सवाल करने के बाद भी भारत सरकार ने अमेरिका और इस्राइल को न तो भर्तसना की और न कोइ शोक सन्देश दिया इस से लोगो को यह भरोसा हो गया कि भारत सरकार ने ईरान के खिलाफ़ मौकूफ़ अख्तियार किया है और अमेरिका और इस्राइल का समर्थन किया है 

3. जंग के दौरान ओमान सागर मे भारत सरकार ने वार शिप भेजा है जो ईरान के समर्थन मे तो नही है बल्कि ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका और इस्राइल की मदद है

4.हिन्द महासागर मे भारत सरकार और श्रीलंका के साथ ईरानी नौ सेना युध्द अभ्यास कर रही थी और इस बीच ईरान के वार शिप को अमेरिका के द्वारा डूबा देना और किस देश ने ईरान के साथ धोखा दिया जिसमे 180 ईरानी नौसैनिक शहीद हो गये है  जो जांच का विषय है लेकिन भारत ने दोगली पालिसी नही अपनाई है बल्कि खुल कर अमेरिका और इस्राइल के साथ कंधे से कंधा लगा कर खड़े है भविष्य मे देखना होगा ईरान इन सब घटनाओ को किस तरह देखता है 

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