Ahmad Rizvi

सिद्धांतवादी पार्टी कोई नही सिर्फ़ एक को छोड़कर

यह त्रणमूल कांग्रेस हो कांग्रेस हो शिवसेना हो या कोई अन्य पार्टी हो इनके कोई सिद्धांत है ही नही सिद्धांत अगर है तो वो है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के उनको हिन्दू राष्ट्र बनाने और बाकि अक़्लियतो को आर्थिक समाजिक धार्मिक रूप से कंगाल बनाने का नज़रिया है और इसके लिए उसके पास करोडो लोग है उसके कार्यकर्ता प्रधानमंत्री ग्रहमन्त्री लोकसभा के स्पीकर रक्षा मंत्री से लेकर राज्यो के मुख्यमंत्री  और अधिकतर मंत्री और विधायक और सांसद है आर एस एस के कार्यकर्ता दूसरी पार्टी मे होने के बावजूद वो आर एस एस के प्रति वफ़ादार है यहां तक कि कार्यपालिका विधायिका और न्यायापालिका मे भी उसके कार्यकर्ता पहुंच चुके है जो संविधान के प्रति वफ़ादार नही है बल्कि वो अपने संघठन और उसके चीफ़ के प्रति वफ़ादार है इसलिये जब कभी किसी व्यक्ति के साथ ज़ुल्म या ज़्याद्ती होती है या बेइमानी की जाती है उसमे हिन्दू राष्ट्र और आर एस एस की मुसलमानों और ईसाईयों के प्रति नफ़रत के कारण होता है अब सिद्धान्त वाली बात तो किसी पार्टी मे कोई सिद्धांत नही है आर एस एस मे सिद्धांत है वो हिन्दू राष्ट्र बनाने का और मुसलमानों पर अत्याचार करने उनकी जायद...

अयोग्य प्रेसिडेंट !


ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिस्कियान अयोग्य है या उन का बयान देना दुश्मन ताक़तो को फ़ायदा पहुंचा रहा है यही वो शख्सियत है जिसने सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई से इख्तिलाफ़ किया था और अमेरिका से बातचीत को तरजीह दी थी नतीजा बात चीत के दौरान ही जून 2025 मे अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया था 

28 फ़रवरी 2026 को बात चीत के दौरान ही अमेरिका और इस्राइल ने अमेरिका पर हमले कर दिये जिसके जवाब मे ईरान ने पश्चिम एशिया मे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया 

इन हमलो और ईरानी सेना की जमकर तारीफ़ करने के बजाय अयोग्य प्रेसिडेंट ने अपने ही देश के नागरिको और सेना को शर्मिन्दा करने वाला काम करते हुवे पडोसी देशो से माफ़ी मांगने लगे पडोसी देशो ने जो सैन्य बेस बनाये थे वो ईरान की सुरक्षा को खतरे मे डालने के लिये किया था और ईरान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया जिस पर ईरान के गयूर सांसद हामिद रसाई ने पेजिस्कियान आपका रवैया गैर पेशेवराना कमज़ोर और स्वीकार करने के क़ाबिल नही है इसके साथ ही ईरान की लीडरशिप काउंसिल के कई नेता ने पेजिस्कियान का विरोध करना शुरू कर दिया 

इन सबके बावजूद पेजिस्कियान ईरान को नीचा दिखाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है ईरान की एक इंच ज़मीन नही लेने देंगे इसका क्या मतलब निकाला जा रहा है या निकाला जायेगा कि ईरान कमज़ोर होता जा रहा है ज़मीन लेने के बजाय इस जंग के दौरान अपनी सेना के कंधे से कंधा लगाकर खड़े होने के सेना और नागरिको से आहवाहन करते कि जो आंखे ईरान की तरफ़ मैली हुई है उनको निकाल लिया जायेगा और हर अमेरिका और इस्राइल के सहयोगी देशो के सैनिको का क़त्ल किया जायेगा तो ईरान की हौसला अफ़ज़ाई होती 

मेरी अपनी निजि राय है कि पेजिस्कियान डाक्टरी करे बेहतर होगा इस लायक नही है कि वो राजनिति करे 

ईरान के लिये बेहतर होगा कि पेजिस्कियान इस्तीफ़ा दे दे या उन्हे पद से हटा दिया जाये 




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