Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

अयोग्य प्रेसिडेंट !


ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिस्कियान अयोग्य है या उन का बयान देना दुश्मन ताक़तो को फ़ायदा पहुंचा रहा है यही वो शख्सियत है जिसने सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई से इख्तिलाफ़ किया था और अमेरिका से बातचीत को तरजीह दी थी नतीजा बात चीत के दौरान ही जून 2025 मे अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया था 

28 फ़रवरी 2026 को बात चीत के दौरान ही अमेरिका और इस्राइल ने अमेरिका पर हमले कर दिये जिसके जवाब मे ईरान ने पश्चिम एशिया मे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया 

इन हमलो और ईरानी सेना की जमकर तारीफ़ करने के बजाय अयोग्य प्रेसिडेंट ने अपने ही देश के नागरिको और सेना को शर्मिन्दा करने वाला काम करते हुवे पडोसी देशो से माफ़ी मांगने लगे पडोसी देशो ने जो सैन्य बेस बनाये थे वो ईरान की सुरक्षा को खतरे मे डालने के लिये किया था और ईरान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया जिस पर ईरान के गयूर सांसद हामिद रसाई ने पेजिस्कियान आपका रवैया गैर पेशेवराना कमज़ोर और स्वीकार करने के क़ाबिल नही है इसके साथ ही ईरान की लीडरशिप काउंसिल के कई नेता ने पेजिस्कियान का विरोध करना शुरू कर दिया 

इन सबके बावजूद पेजिस्कियान ईरान को नीचा दिखाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है ईरान की एक इंच ज़मीन नही लेने देंगे इसका क्या मतलब निकाला जा रहा है या निकाला जायेगा कि ईरान कमज़ोर होता जा रहा है ज़मीन लेने के बजाय इस जंग के दौरान अपनी सेना के कंधे से कंधा लगाकर खड़े होने के सेना और नागरिको से आहवाहन करते कि जो आंखे ईरान की तरफ़ मैली हुई है उनको निकाल लिया जायेगा और हर अमेरिका और इस्राइल के सहयोगी देशो के सैनिको का क़त्ल किया जायेगा तो ईरान की हौसला अफ़ज़ाई होती 

मेरी अपनी निजि राय है कि पेजिस्कियान डाक्टरी करे बेहतर होगा इस लायक नही है कि वो राजनिति करे 

ईरान के लिये बेहतर होगा कि पेजिस्कियान इस्तीफ़ा दे दे या उन्हे पद से हटा दिया जाये 




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