Ahmad Rizvi

दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की

 अमेरिका ने इस्राइल की हिफ़ाज़त के लिए न केवल इस्राइल मे आइरन डोम डेविड स्लिन्ग थाड सिस्टम आदि दिया है इसके साथ अरबो को थाड सिस्टम आदि दिया था क्यों?   जानते हैं अरबो की हिफ़ाज़त के लिए नही इस्राइल की सुरक्षा के लिये दिया था और उस सुरक्षा की कीमत अरब चुका रहे हैं जैसे ही इस्राइल पर हमला हो defence system उसे रोक ले चाहे इराक़ हो सिरिया हो जार्डन हो सऊदी हो ओमान हो बहरीन हो क़तर हो कुवैत हो मुताहिदा अरब अमीरात हो सब इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रहे थे वो जाने मे हो या अन्जाने मे हो  अमेरिका की 5 फ़्लीट बहरीन मे गल्फ़ देशो की हिफ़ाज़त नही कर रही है बल्कि इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रही है  दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की   

अयोग्य प्रेसिडेंट !

ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिस्कियान अयोग्य है या उन का बयान देना दुश्मन ताक़तो को फ़ायदा पहुंचा रहा है यही वो शख्सियत है जिसने सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई से इख्तिलाफ़ किया था और अमेरिका से बातचीत को तरजीह दी थी नतीजा बात चीत के दौरान ही जून 2025 मे अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया था 

28 फ़रवरी 2026 को बात चीत के दौरान ही अमेरिका और इस्राइल ने अमेरिका पर हमले कर दिये जिसके जवाब मे ईरान ने पश्चिम एशिया मे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया 

इन हमलो और ईरानी सेना की जमकर तारीफ़ करने के बजाय अयोग्य प्रेसिडेंट ने अपने ही देश के नागरिको और सेना को शर्मिन्दा करने वाला काम करते हुवे पडोसी देशो से माफ़ी मांगने लगे पडोसी देशो ने जो सैन्य बेस बनाये थे वो ईरान की सुरक्षा को खतरे मे डालने के लिये किया था और ईरान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया जिस पर ईरान के गयूर सांसद हामिद रसाई ने पेजिस्कियान आपका रवैया गैर पेशेवराना कमज़ोर और स्वीकार करने के क़ाबिल नही है इसके साथ ही ईरान की लीडरशिप काउंसिल के कई नेता ने पेजिस्कियान का विरोध करना शुरू कर दिया 

इन सबके बावजूद पेजिस्कियान ईरान को नीचा दिखाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है ईरान की एक इंच ज़मीन नही लेने देंगे इसका क्या मतलब निकाला जा रहा है या निकाला जायेगा कि ईरान कमज़ोर होता जा रहा है ज़मीन लेने के बजाय इस जंग के दौरान अपनी सेना के कंधे से कंधा लगाकर खड़े होने के सेना और नागरिको से आहवाहन करते कि जो आंखे ईरान की तरफ़ मैली हुई है उनको निकाल लिया जायेगा और हर अमेरिका और इस्राइल के सहयोगी देशो के सैनिको का क़त्ल किया जायेगा तो ईरान की हौसला अफ़ज़ाई होती 

मेरी अपनी निजि राय है कि पेजिस्कियान डाक्टरी करे बेहतर होगा इस लायक नही है कि वो राजनिति करे 

ईरान के लिये बेहतर होगा कि पेजिस्कियान इस्तीफ़ा दे दे या उन्हे पद से हटा दिया जाये 

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