Ahmad Rizvi

भूकम्प (ज़लज़ला)

Image
               भूकम्प (ज़लज़ला) सूरे ज़िलज़लाह  आयत संख्या 1 “ इज़ा ज़ुलज़लाती अर्ज़ ज़िलज़लाह ” जब ज़मीन ज़ोरों से हिला दी जाएगी । कुरान मजीद हर दौर (सब ज़माने/ वक़्त/ युग ) के लिए है भूकम्प या ज़लज़ला के बारे मे जैसा कुरान हकीम मे उल्लेख किया गया है वैसा कहीं और नहीं है पिछले दौर मे भूकम्प आए होंगे हाल मे भी भूकंप आते है और आने वाले समय मे भी भूकम्प आएंगे लेकिन जिस दौर के भूकम्प का जिक्र किया जा रहा है उस के बारे मे आगे आयत बता रही है कि ज़मीन खज़ाने (लफ़्ज़ अखरज़ात का जिक्र किया जिसका अर्थ है खर्च होने वाली चीजे का निकलना जैसे कोयला गैस पेट्रोल डीज़ल सोना कोबाल्ट आदि) उगल देगी । उस वक़्त के ज़मीन के ज़ोरों से हिला देने का जिक्र किया गया है । ज़मीन के हिलाने का ज़िक्र जो किया गया है उसमे यह नहीं कहा गया है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त के हुक्म से भूकम्प आएगा मलाएका या जिन्न  के कारण आएगा या आदमी के द्वारा बनाए गये असलहे के कारण होगी इन सब से भूकम्प या जलजला आ सकता है लेकिन सच्ची किताब ने आने वाले वक़्त मे जो जिक्र किया है उसे आज की दुनिया मे समझा जा सकता है पहले के...

अयोग्य प्रेसिडेंट !

ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिस्कियान अयोग्य है या उन का बयान देना दुश्मन ताक़तो को फ़ायदा पहुंचा रहा है यही वो शख्सियत है जिसने सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई से इख्तिलाफ़ किया था और अमेरिका से बातचीत को तरजीह दी थी नतीजा बात चीत के दौरान ही जून 2025 मे अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया था 

28 फ़रवरी 2026 को बात चीत के दौरान ही अमेरिका और इस्राइल ने अमेरिका पर हमले कर दिये जिसके जवाब मे ईरान ने पश्चिम एशिया मे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया 

इन हमलो और ईरानी सेना की जमकर तारीफ़ करने के बजाय अयोग्य प्रेसिडेंट ने अपने ही देश के नागरिको और सेना को शर्मिन्दा करने वाला काम करते हुवे पडोसी देशो से माफ़ी मांगने लगे पडोसी देशो ने जो सैन्य बेस बनाये थे वो ईरान की सुरक्षा को खतरे मे डालने के लिये किया था और ईरान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया जिस पर ईरान के गयूर सांसद हामिद रसाई ने पेजिस्कियान आपका रवैया गैर पेशेवराना कमज़ोर और स्वीकार करने के क़ाबिल नही है इसके साथ ही ईरान की लीडरशिप काउंसिल के कई नेता ने पेजिस्कियान का विरोध करना शुरू कर दिया 

इन सबके बावजूद पेजिस्कियान ईरान को नीचा दिखाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है ईरान की एक इंच ज़मीन नही लेने देंगे इसका क्या मतलब निकाला जा रहा है या निकाला जायेगा कि ईरान कमज़ोर होता जा रहा है ज़मीन लेने के बजाय इस जंग के दौरान अपनी सेना के कंधे से कंधा लगाकर खड़े होने के सेना और नागरिको से आहवाहन करते कि जो आंखे ईरान की तरफ़ मैली हुई है उनको निकाल लिया जायेगा और हर अमेरिका और इस्राइल के सहयोगी देशो के सैनिको का क़त्ल किया जायेगा तो ईरान की हौसला अफ़ज़ाई होती 

मेरी अपनी निजि राय है कि पेजिस्कियान डाक्टरी करे बेहतर होगा इस लायक नही है कि वो राजनिति करे 

ईरान के लिये बेहतर होगा कि पेजिस्कियान इस्तीफ़ा दे दे या उन्हे पद से हटा दिया जाये 




Comments

Popular posts from this blog

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

इंजील (बाइबल ) मे मोहम्मद मुस्तफा रसूलउल्लाह का उल्लेख