Ahmad Rizvi

जवाबदेही/उत्तरदायी/accountability

                   जवाबदेही/उत्तरदायी/ accountability आज़ाद भारत और राजशाही मे अन्तर क्या है जब दोनों मे अधिकारीयों या नौकरशाह की मनमानी पर अंकुश ही न हो जब अदलिया सुनववाई करने से सीधा मना कर दे या यह कहे कि उसके पास इसके सुनने का समय ही नहीं है या राजा की मंशा के अनुसार काम करे और न्याय का गला घोंट दे तानाशाही राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर रह ही नहीं जाता जब जवाबदेही निर्धारित न हो फिर राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर सरकार चुनने का है और कोई अन्तर नहीं है । आज जब देखते है तो किसी आवेदन पत्र सदेश को लेने से इंकार कर दिया जाता है इसे आप छोड़ जाओ इस पर कोई प्राप्ति नहीं देंगे । डाकिया अपनी ड्यूटी से बचने के लिए अक्सर व्यक्ति मिला नहीं डाक वापस थाने मे आवेदन पत्र को पहले लेकर उसमे तोल मोल होता है तोल मोल होने के बाद प्राथीमिकी दर्ज की जाती है । आला अधिकारी से शिकायत के बाद भी दरोगा जी शिकायतकर्ता को धमकाते है और एफ आई आर दर्ज नहीं करते सरकारे क्राइम को कम करके बताती है कि उनका शासन बहुत बढ़िया है थाने मे लोगो...

देशो का आतंकी संगठन नाटो!


नोर्थ अटलान्टिक ट्रीटी आर्गनाइजेशन जो 32  देशो से मिलकर बना है अगर इसमे तुर्की जैसे धर्मँ निरपेक्ष (मुनाफ़िक़)  को  छोड़ दे तो यह ईसाई देशो का संगठन है इस संगठन के बनने से पूर्व दुनिया पर ब्रिटेन फ़्रान्स जर्मनी हालैण्ड आदि हुक़ुमत कर रहे थे सयुन्क्त राष्ट्र संघ के बनने के बाद इस तरह के संगठन की कोई ज़रूरत ही नही थी 


लेकिन इन ईसाई देशो को दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने की लत पड़ चुकी है इसलिए यह छोटे बड़े देशो को अपनी सयुन्क्त ताक़त की धमकी के ज़रिये उससे अपनी बात मनवा लेते है या बात न मानने पर सब मिलकर उस पर हमला कर देते हैं और उस देश के संसाधनो और दौलत को लूट लेते है इन सब के बाद कानूनी वैधता  की भी कार्यवाही करते हैं |


अब तक इन लूटेरे देशो ने अफ़्गानिसतान इराक़ लिबिया सिरिया मिश्र आदि देशो की धन सम्पदा को लूटा और साथ मे इन्सानो के खून की नदिया बहा दी, सोवियत रुस के 15 टुकडो मे बांटने मे मुख्य भुमिका निभाई 


रुस ने पोलैन्ड रोमानिया जर्मनी पर द्रोन  से हमला किया लेकिन नाटो का article 5 लागू नही हुवा जानते है क्यों?  क्योंकि रुस की फ़ौजी ताक़त का मुक़ाबला नही कर सकते हैं या होने वाले विनाश को बर्दाश्त नही कर पायेन्गे 


अनुच्छेद 5 के अनुसार सदस्य देश के किसी एक देश पर हमले को सभी देशो पर हमला मानकर सब देश मिल कर उसका जवाब देगे 


अब अफ़्गानिस्तान इराक़ लीबिया सिरिया को ले ले इन सब को एक साथ नही अलग अलग एक देश की फ़ौज का मुक़ाबला 32 देश मिलकर कर रहे थे और इस गैर बराबरी फ़ौजी ताक़त के खिलाफ़ दुनिया का कोई देश बोलने वाला नही था 


अब अमेरिका नाटो का सदस्य है और वेनेज़ुअला पर हमला कर दिया अगर अमेरिका हारने लगे तो यह सब आतंकी देश मिलकर उस पर हमला कर देंगे 


एक और उदाहरण देते है इस्राइल नाटो का सदस्य नही है अमेरिका उसके साथ है ईरान पर अमेरिका इस्राइल ने हमला किया अब अमेरिका की हार होने पर सभी आतंकी सदस्य देश ईरान पर हमला करेंगे 


यहाँ एक सवाल आया लोगो ने कहा फ़्रान्स तुर्की ब्रिटेन के सैन्य अड्डे पर हमला किया अब नाटो इसमे कूद सकता है मेरा जवाब था अमेरिका क्या नाटो का सदस्य नही है और अमेरिका पर हमले के साथ ही नाटो का article 5 लागू नही होता है क्या? 


अपने देशो मे दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने के लिए सैन्य अड्डे बनाये और वहां से हमला करे लेकिन नाटो के सदस्य है इसलिए जवाब न दिया जाये कि नाटो के सभी आतंकी एक होकर हमला करेंगे 


पूरी दुनिया के देशो को इस पर विचार करना चाहिए कि आतंकी देशो के संगठनो से कैसे निपटा जाये और संसाधनों को कैसे बचाया जाये छोटा सा देश उत्तरी कोरिया के संशाधनो पर इन आतंकी देशो के संगठनो की निगाह है इनका संरक्षण बहुत ज़रूरी है इन आतंकी देशो के संगठनों से छोटे बड़े देशो के संसाधनो से बचाने के लिये समस्त देशो को आगे आना चाहिए |




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

खतना