Ahmad Rizvi

सिद्धांतवादी पार्टी कोई नही सिर्फ़ एक को छोड़कर

यह त्रणमूल कांग्रेस हो कांग्रेस हो शिवसेना हो या कोई अन्य पार्टी हो इनके कोई सिद्धांत है ही नही सिद्धांत अगर है तो वो है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के उनको हिन्दू राष्ट्र बनाने और बाकि अक़्लियतो को आर्थिक समाजिक धार्मिक रूप से कंगाल बनाने का नज़रिया है और इसके लिए उसके पास करोडो लोग है उसके कार्यकर्ता प्रधानमंत्री ग्रहमन्त्री लोकसभा के स्पीकर रक्षा मंत्री से लेकर राज्यो के मुख्यमंत्री  और अधिकतर मंत्री और विधायक और सांसद है आर एस एस के कार्यकर्ता दूसरी पार्टी मे होने के बावजूद वो आर एस एस के प्रति वफ़ादार है यहां तक कि कार्यपालिका विधायिका और न्यायापालिका मे भी उसके कार्यकर्ता पहुंच चुके है जो संविधान के प्रति वफ़ादार नही है बल्कि वो अपने संघठन और उसके चीफ़ के प्रति वफ़ादार है इसलिये जब कभी किसी व्यक्ति के साथ ज़ुल्म या ज़्याद्ती होती है या बेइमानी की जाती है उसमे हिन्दू राष्ट्र और आर एस एस की मुसलमानों और ईसाईयों के प्रति नफ़रत के कारण होता है अब सिद्धान्त वाली बात तो किसी पार्टी मे कोई सिद्धांत नही है आर एस एस मे सिद्धांत है वो हिन्दू राष्ट्र बनाने का और मुसलमानों पर अत्याचार करने उनकी जायद...

साऊथ कोरिया जापान की सुरक्षा को खतरा


 अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच होने वाली जंग के दौरान जिस तरह अमेरिका के थाड सिस्टम को तबाह किया गया और अमेरिका ने इसके बाद साऊथ कोरिया और जापान मे मौजूद थाड सिस्टम को वहां से निकाल कर इस्राइल और अमेरिका के सैन्य बेसेस की रक्षा करने के लिए पश्चिम एशिया मे पहुंचाया जा रहा है |

ऐसे मे सबसे बड़ा सवाल यह पैदा हो रहा है कि अमेरिका के दुश्मन नार्थ कोरिया क्या शान्त रहेंगे? 

दूसरा सवाल यह है कि अमेरिका फ़िर से मज़बूत हो जाये और उत्तर कोरिया के शासक का वैसा ही हाल करे जैसा उसने वेनेज़ुअला के प्रेसिडेन्ट निकोलस मदुरो या इराक़ के सद्दाम की तरह करे |

या अमेरिका को मुश्किल मे डालने के लिये उसके लिये गम्भीर खतरा पैदा करना है और उसके दोस्त देशो को तक्लीफ़ मे डालना है|

ऐसा लग रहा है कि जिस तरह अमेरिका को उतर कोरिया कमज़ोर देख रहा है उसी तरह अमेरिका के लिये खतरे पैदा करना शुरू कर दिया है 

आज ही नोर्थ कोरिया ने जापान सागर मे 10 बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है यह केवल मिसाइलो का परीक्षण नही है बल्कि अमेरिका की नीन्द को उड़ाने वाली खबर है अमेरिका के दोनो देशो जापान और दक्षिण कोरिया की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है और कोरिया प्रायद्वीप और जापान सागर मे जंग के बादल दिख रहे है 

ऐसे समय मे अमेरिका की इजारेदारी (hegemony) को न केवल चुनौती मिल रही है बल्कि अमेरिका के सैन्य बेसेस अमेरिका के फ़ौजीयों की आने वाली तबाही की बडी निशानी दिख रही है |




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