Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

ईरान पडोसी देशो पर हमले क्यों कर रहा है?


ईरान अपने पडोसी देशो पर हमला क्यों कर रहा है?  ऐसा सवाल सबके मन मे पैदा हो रहा है एक उम्मत की बात की जा रही फ़िर भी इन अरब देशो पर हमले हो रहे हैं! 

अब इस बात को समझे अमेरिका इस्राइल को संरक्षण देता है अमेरिका का नागरिक इस्राइल का नागरिक भी हो सकता है ब्रिटेन का नागरिक इस्राएल का नागरिक और इस्राइल का नागरिक ब्रिटेन का नागरिक है दोहरी नागरिकता ली जा सकती है |

सऊदी अरब क़तर बहरीन इराक़  jordan सिरिया ओमान सयुन्क्त अरब अमीरात और इस्राइल मे अमेरिका के फ़ौजी अड्डे है क्या सऊदी को क़तर से बहरीन से सिरिया से इराक़ से कोई खतरा है बिलकुल नही फ़िर यह अमेरिका के military bases मे इस्राइल के military bases है इस्राइल को तो अरब देश मान्यता नही देते है लेकिन इस्राइल के नागरिक अमेरिका और ब्रिटेन आदि के नागरिक है और इस तरह अमेरिका ब्रिटेनऔरफ़्रान्स के बेसेस मे इस्राइली फ़ौजी तैनात है 

अमेरिका और इस्राइल के यह सैन्य अड्डे से अरबो को कोई खतरा नही था फ़िर यह सैन्य बेसेस से सिर्फ़ और सिर्फ़ ईरान को खतरा था एक बात और याद दिलाता चलू ईरान इराक़ की 1980 -1988 तक चलने वाली जंग अमेरिका इस्राइल और अरब के देशो ने इराक़ को मिटाने का जी तोड़ प्रयास किया था 

अब यह अमेरिका - इस्राइल के सैन्य अड्डे सिर्फ़ और सिर्फ़ ईरान से जंग करने के लिये बनाये गये थे और जिनके इस्तेमाल के बाद ईरान ने इनको निशाना बनाया 

अरबो के घर शीशे के बने थे अमेरिका और इस्राइल के साथ मिलकर वो ईरान के घर को तोड़ने चले थे उसके energy sources पर हमला करके यह सोचा था कि ईरान घूँटने के बल आ जायेगा अब जब अरबो और इस्राइल के energy sector पर हमले हुवे तो नानी याद आ गयी 

अरब चिल्ला रहे है ईरान अरबो पर क्यों हमला कर रहा है जैसे बड़े मासूम हो क्या मालूम नहीं अमेरिका इस्राइल का हमला अरबो की ज़मीन से किया गया जवाब भी अरबो को मिलना था जो मिल रहा है बहुत पहले मैने इस बात को कहा था अरब अगर अमेरिका इस्राइल को हमले की अनुमति देंगे तो ईरान पूरे पश्चिम एशिया को खाक मे मिला देगा जो सच होता हुवा दिख रहा है |




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