Ahmad Rizvi

यज़ीदी मुसलमान नहीं है

इस्लाम में कट्टरपंथ नहीं है वो अमन व अमान का मज़हब है यज़ीदियत इस्लाम नहीं है और यज़ीदी मुसलमान नहीं है इसलिए इस्लाम से नफ़रत करने वाले लोगों इस्लाम को निशाना बनाना छोड़ो तुम आतंकवाद और यज़ीदियों की हरकत को इस्लाम की हरक़त न बनाये सन 680 में ही यज़ीदियत ने इस्लाम को मिटाने की कोशिश की थी उस से पहले और उसके बाद एक नहीं हज़ारों बार यज़ीदियत को इस्लाम से अलग किया गया है हर अपराध में जिसको इस्लाम से जोड़ा जाता है उसमें हर बार कोई एक यज़ीदी शामिल होता है और यह यजीदी इस्लाम का दुश्मन है रसूल ए खुदा का दुश्मन है इस्लाम की दी गई तालीम का दुश्मन है

गोग और मगोग (याजूज और माजूज)


 

 


गोग और मगोग (याजूज और माजूज) : 

एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । वह प्रथ्वी के चारों कोनों की जातियों को अर्थात याजूज और माजूज को भरमाने और उनको एकत्रित करके जंग करने निकलेगा । उनकी गिनती समुद्र के बालू के सद्रश होगी । उन्होंने सम्पूर्ण प्रथ्वी पर निकाल कर पवित्र लोगों की छावनी और प्रिय नगरी को घेर लिया । तब स्वर्ग से आग ने गिरकर उन्हे भस्म कर दिया । उनको भरमाने वाला शैतान उस अग्नि और गंधक की झील मे डाल दिया गया जहां वह पशु और झूठा नबी भी डाले गए थे । वे अनंत काल तक दिन – रात पीड़ा मे तड़पते रहेंगे । (इंजील : प्रकाशीतवाक्य 20:7 -10)


टिप्पणी: 1. एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । इसको हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम के दुनिया से रुखसत सन 632 मे हुवे आपके दुनिया से जाने के एक हज़ार साल बाद अर्थात सन 1632 होते है अंग्रेजों को आक्रमण इसी दौर मे शुरू हुवा ।


2. शैतान याजूज और माजूज को इकट्ठा करेगा पूरी दुनिया से और जंग करने निकलेगा याजूज और माजूज को इकट्ठा करने के लिए कहा गया है और कुरान मजीद मे यहूदीयों को पूरी दुनिया से इकट्ठा करने के लिए कहा गया है दुनिया भर के यहूदी इस समय इस्राइल मे इकट्ठा किया गया ।


3. उनकी गिनती समुद्र के बालू की तरह होगी । दुनिया के लोगों को अगर समुद्र की तरह ले तो याजूज और माजूज बालू की तरह है ।


4. उन्होंने सम्पूर्ण प्रथ्वी पर निकाल कर पवित्र लोगों की छावनी और प्रिय नगरी को घेर लिया । सबसे पहले पवित्र लोगों को जाने हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम की उम्मत ही पवित्र लोग है इससे पहले अमेरिका ब्रिटेन इस्राइल आदि ने मौला अली के रोज़ों और कर्बला आदि को सन 2003 मे किया था और अगर इसको छोड़ दिया जाए तो भी अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस इस्राइल ने पूरे अरब मे अपने सैन्य बेस बना लिया बैतूल मुक़द्दस इस्राइल के कब्ज़े मे है मक्का मदीना नजफ अशरफ कर्बला शाम के मुक़द्दसात सब के सब को घेर चुके है। सऊदी अरब जोर्डन कुवैत कतर बहरीन ओमान संयुक्त अरब अमीरात सब जगह अमेरिका और इस्राइल सैन्य बेस है । अमेरिका के सैन्य बेस है इस्राइल के नहीं,  कुछ कम अक्ल ऐसे सवाल कर सकते है कि इस्राइल के नहीं है इस्राइल के नागरिक अमेरिका के नागरिक अमेरिका के नागरिक इस्राइल के नागरिक ऐसी दोहरी नागरिकता रूस ब्रिटेन आदि देशों के साथ है । इस तरह अमेरिका के मिलिटरी मे इस्राइल के लोग है ।


5 . याजूज माजूज की सबसे बड़ी जंग हरमन के पहाड़ों पर लड़ी जाएगी हरमन के पहाड़ लेबनान सिरिया और इस्राइल के सीमा पर है । हरमन के पहाड़ से ही आर्मेगडान बना है और आर्मेगडान की लड़ाई 7 साल की है ।     

   

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