Ahmad Rizvi

जवाबदेही/उत्तरदायी/accountability

                   जवाबदेही/उत्तरदायी/ accountability आज़ाद भारत और राजशाही मे अन्तर क्या है जब दोनों मे अधिकारीयों या नौकरशाह की मनमानी पर अंकुश ही न हो जब अदलिया सुनववाई करने से सीधा मना कर दे या यह कहे कि उसके पास इसके सुनने का समय ही नहीं है या राजा की मंशा के अनुसार काम करे और न्याय का गला घोंट दे तानाशाही राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर रह ही नहीं जाता जब जवाबदेही निर्धारित न हो फिर राजशाही और लोकतंत्र मे अन्तर सरकार चुनने का है और कोई अन्तर नहीं है । आज जब देखते है तो किसी आवेदन पत्र सदेश को लेने से इंकार कर दिया जाता है इसे आप छोड़ जाओ इस पर कोई प्राप्ति नहीं देंगे । डाकिया अपनी ड्यूटी से बचने के लिए अक्सर व्यक्ति मिला नहीं डाक वापस थाने मे आवेदन पत्र को पहले लेकर उसमे तोल मोल होता है तोल मोल होने के बाद प्राथीमिकी दर्ज की जाती है । आला अधिकारी से शिकायत के बाद भी दरोगा जी शिकायतकर्ता को धमकाते है और एफ आई आर दर्ज नहीं करते सरकारे क्राइम को कम करके बताती है कि उनका शासन बहुत बढ़िया है थाने मे लोगो...

जंगबंदी और अमेरिका इस्राइल


अमेरिका और इस्राइल :ने मिलकर साज़िश रची जिसमे लेबनान के ईसाई राष्ट्रपति भी शामिल हुवे और हिज़बुल्ला को नेस्त नाबूद की योजना बनाई ईरान को जंगबन्दी का लालीपोप दिया उधर ईरान की नाकाबंदी की और इधर इस्राइल को हिज़बुल्ला पर हमले को हरी झंडी दे दी इसलिए की ईरान के बाज़ूओ को काटा जाये | जंगबन्दी की आड़ मे भी जंग जारी है जंग का रूप बदला है | अमेरिकी बुज़दिल जंग से ज़्यादा मक्कारी पर ज़्यादा तवज्जो देते है  जब लेबनान के कुछ गददार लीडरो और इस्राइल के हिमायतीयों के बीच चर्चा हो रही थी कि हिज़बोल्ला को और उसके अस्लहे को कैसे तबाह किया जाये फ़्रान्स और इस्राइल नवाज़ ईसाई राष्ट्रपति जो इस्राइल के लिये काम कर रहा है इस्राइल से साँठ गाँठ करके हिज़्बोल्ला के खिलाफ़ मोर्चा खुलवाया है और इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि ईसाई और मुसलमानों के बीच खानाजंगी न होने लगे यह खौफ़ यूरोपी ईसाईयों को भी है इन सबसे बेपरवाह होते हुवे अमेरिका इस्राइल ने मिलकर बहुत बडी खौफ़नाक साजिश रची है इस्लाम को मिटाने का जो बीडा 1400 साल पहले यहूदी और ईसाईयों ने रची थी जब अल्लाह के नबी के खिलाफ़ एक लाख फ़ौजो को लेकर चढाई की थी रोम वालो ने तब सफ़ल नही हुए आज वो फ़ौजकशी के साथ मक्कारी का भी सामान लाये है जिसे अब्राहम अकार्ड कहते है एक तरफ़ इस्लाम की तमाम अस्करी ताकतो को खत्म किया जाये वो भी नामनेहाद मुस्लिम हुक़्मरानो को साथ लेकर दूसरी ओर हज़रत इब्राहीम का नाम लेकर मककारी का नया रूप अब्राहम अकार्ड लेकर आये है अरबो की अक़्ल कम होने के कारण ईसाई और यहूदी दोनो उनको बेवकूफ़ बनाये है ईरान तुम्हारे लिये बडा खतरा है और अरबो के सारे बंदरगाह और ऐअरपोर्ट को यहूदी और ईसाईयों ने अपने क़ब्ज़े मे ले लिया अरबो की ताक़त को कमज़ोर किया और इस्राइल को मज़बूत किया अब ईरान को कमज़ोर करने के लिये यमन के अन्सारउल्ला और लेबनान के हिज़बुल्ला को इतना कमज़ोर कर दिया जाये और सिरिया की और तमाम अरब हुक़ुमत को इतना कमज़ोर कर दिया जाये जिससे वो यहूदी और ईसाईयों के गल्बे को तस्लीम कर ले लेकिन अमेरिका और यहूदी ईरान मे नाकामयाब हुवे पूछिये क्यों?  तो उसका जवाब है ईरान ने हरमूज़ मे जो तवान लगाया है उससे ईरान इक़्तेसादी हालात मे बहुत मज़बूत हो जायेगा और अस्करी ताक़त वो है ही | सालो साल ईरान को कमज़ोर करने की जो निति यहूदी और ईसाई दुनिया ने अपनाई थी वो खत्म हो चुकी है अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दुनिया के सबसे मूर्ख व्यक्ति मे जाना चाहता है |

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