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Showing posts from November, 2023

Ahmad Rizvi

ALI LARIJANI PREDICTION

 WHAT THE ALI LARIZANI TOLD TO THE WORLD THAT AMERICAN ARE PLANNING TO ATRACK IN AMERICA LIKE 9/11 STYLE AND TODAY AMERICA IS TELLING THE WORLD A DRONE ENTERED IN AMERICAN HIGH SECURITY AREA.  HOW IT WAS POSSIBLE AMERICA THAAD DEFENSE SYSTEM ARE PROTECTING JAPAN ISRAEL ,SOUTH KOREA, QATAR BAHRIN OMAN SAUDI ARABIA JORDAN. AMERICA IS PRETENDING TO KILL IRANIAN CIVILIAN AND FALSE FLAG OPERATION WILL BE CONDUCTED. AMERICAN GROUND FORCES IS MOVING TOWARD IRAN FOR KILLING IRANIAN.  SO READY TO KILL THE AMERICAN ISRAELI AND OTHER ALLIES FORCES. ALI LARIJANI WAS CORRECT TO UNDERSTAND AMERICAN POLICY AS WELL AS TOLD THE WORLD AND HELPED THE WORLD TO UNDERSTAND AMERICAN MIND. 

अगर अल्लाह न हुवा !

अमीरुल मोमिनीन इमाम हज़रत अली से एक काफिर ने सवाल किया कि आप जो नमाज़ रोज़ा करते है अगर अल्लाह न हुवा तो यह सब बेकार हो जाएगा । आप ने उसके इस तंज़ पर जो जवाब दिया वह रहती दुनिया तक के लिए है और उसके बाद भी है । आप ने फरमाया “ मैंने अल्लाह को इरादों की शिकस्तगी से पहचाना “ इस पर गौर करने वाली बात है जो यह है कि आपने कोई इरादा किया और उस इरादे को तोड़ देने वाली ताकत अगर कोई है तो वो अल्लाह की है । इरादे के अन्तर्गत सभी आते है किसी का कोई मजहब हो धर्म हो छोटा हो बड़ा हो और इरादे को तोड़ देने वाली ताकत से उस शक्ति की पहचान होती है । उदाहरण के लिए हज़ारों मामले है अब इसको ऐसे देखते है कि “ आपका का कोई गहरा दोस्त है और उस दोस्त के लिए आप अपनी जान और माल को कुर्बान करने के लिए तैयार रहते है इसके बावजूद एक ऐसा वक्त आता है जब आप उसके दुश्मन बन जाते है और उसकी जान के प्यासे बन जाते है । इसको इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के अमेरिका और सऊदी अरब से गहरे रिश्ते थे और 1980 से 1988 तक ईरान पर जंग थोपने के लिए इराक का साथ दिया घातक हथियार दिया। इसके बाद जब 2 अगस्त 1990 को कुवैत पर इराक ने हमला कर ...

क्रिमिनल स्टेट इस्राइल

ईरान के रक्षा मंत्री ने इस्राइल को क्रिमिनल स्टेट कहा है । इसमे कितनी वासविकता है । इस्राइल के क्रिमिनल स्टेट होने के कई आधार है । पहला आधार यह है कि पेशेवर कातिल की तरह सैकड़ों क़त्लो को किया और कराया है और बड़ी तादाद मे बेगुनाह मासूम बच्चों औरतों मर्दों बूढ़ों का कत्ल किया है जो बिना ट्रायल के बिना अपराध को साबित किए आपराधिक लोगों की तरह बच्चों महिलाओ और बूढ़ों के साथ दुर्व्यवहार किया । दुनिया भर मे और इंटरनेशनल लॉ के अन्तर्गत कुछ नियम बनाए गए जिनको आतंकी इस्राइली यहूदी न मानते है और न पालन करते है । दुनिया भर मे मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है आतंकी इस्राइली यहूदीयों के द्वारा मरीजों के साथ भी बहुत बड़ा बुरा व्यवहार किया जाता है । इस सब अपराध को करने के लिए आतंकी इस्राइली यहूदीयों को बल मिलता है दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी ब्रिटीशरों के द्वारा और उसको समर्थन दुनिया मे उसकी औलादों के द्वारा जैसे अमेरिका ऑस्ट्रेलिया कनाडा आदि के द्वारा किया जाता है । आतंकी ब्रिटेन ही है जिसने दुनियाभर के आतंकी यहूदीयों को इकट्ठा किया उन्हे हथियार और घातक हथियार देकर फिलिसतीन मे क़त्लो गारतगरी क...

यज़ीद काफिर था

यज़ीद इब्ने मुआविया लानतउल्लाह अलैह के काफिर होने की दलील बहुत सी है । मुआविया इस्लामिक हुकूमत का बाग़ी अफराद (व्यक्ति) था हज़रत अली से जंग करने के बाद मुआविया काफिर हो गया वाज़े हदीसो मे उसका ज़िक्र (उल्लेख) है जैसे हज़रत अम्मार बिन यासिर को बाग़ी गिरोह कत्ल करेगा (सिफ़फीन जिसे अब सीरिया मे रक्का कहा जाता है, की जंग मे मुआविया के गिरोह ने कत्ल किया था ) कर्बला मे इमाम हुसैन से जंग करने वाला यज़ीदी फौज ने नवासे रसूल और उनकी अहले बैत को कत्ल कर दिया और आले मोहम्मद सलामउल्लाह अलैह को कैद करके दमिश्क (शाम/सीरिया की राजधानी) लाया गया उस वक्त यज़ीद इब्ने मुआविया लानतउल्लाह अलैह ने संबोधित करके जो कहा वो उसके काफिर होने को साबित कर दिया , उसने कहा “ मोहम्मद पर कोई वही नाज़िल नहीं हुई न ही कोई किताब उतरी यह सब बनी हाशिम का झूठ था जो हुकमरानी प्राप्त करने के लिए किया गया था आज जब आले मोहम्मद का कत्ल कर दिया गया उसके पूर्वज खुश हो गए होंगे जो बद्र और उहद मे उसके रिश्तेदार मारे गए थे (यह याद रखना चाहिए कि मुआविया और यज़ीद के तमाम रिश्तेदार दोनों जंगों मे मारे गए थे वो भी कुफ्र की तरफ से लड़ते हुए काफिर होकर ...

इस्राइल का परमाणु बम

इस्राइल का परमाणु बम अमेरिका और पश्चिमी देशों के द्वारा इस्राइल के परमाणु बम पर खामोशी है इस्राइल के परमाणु बम की तकनीकी, मशीने और समान अमेरिका और पश्चिमी देशों के द्वारा उपलब्ध कराया गया और बनाया गया है इस्राइल का अरबों से कई जंग हो चुकी है (सन 1947- 1948 जब ब्रिटेन और पश्चिमी देशों के द्वारा अवैध असलहा देकर फिलिस्तीनियों का कत्ले आम करके यह देश बनाया गया था जिसका सबसे बड़ा अपराधी और साज़िशकर्ता ब्रिटेन था) 1956 मे सवेज नहर को मिश्र (Egypt) ने राष्ट्रीयकरण कराने पर इस्राइल ब्रिटेन और फ़्रांस तीनों ने मिश्र पर हमला कर दिया, 1967 की अरब इस्राइल जंग हुई जिसमे बैतूल मुकद्दस मे इस्राइल ने आग लगा दी और अरबों मे सीरिया लेबनान जोर्डन की ज़मीन पर कब्जा कर लिया था जिसमे अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस और अन्य देशों ने इस्राइल की मदद की । सन 1973 मे मिश्र और इस्राइल की जंग , सन 1982 मे लेबनान से जंग , सन 2000 मे लेबनान के हिज़्बोल्लाह से झड़पे और सन 2006 मे लेबनान के हिज़्बोल्लाह और इस्राइल से जंग और वर्तमान 2023 फिलिसतीन और इस्राइल से जंग हो रही है । फिलिसतीन और इस्राइल से जंग के बीच इस्राइल के मंत्री के द...

अमेरिका और पश्चिमी देशों का ढोंग 3 : ऐटम बम

अमेरिका और पश्चिमी देशो के द्वारा ऐटम बम और हाइड्रोजन बम और खतरनाक असलहे इंसानियत को मिटाने के लिए बनाए गए है और इन देशों के द्वारा दुनिया के गरीब देशों और अमीर देशों को धमकाया गया जिनके पास ऐटम बम और ऐसे खतरनाक हथियार नहीं थे और वो देश जो इनकी ताबेदारी के खिलाफ थे और है और इनके मातहत बनकर या इनके हुक्म को मानने से इनकार करते थे । परमाणु बम का प्रयोग करने वाला अमेरिका जिसने जापान पर परमाणु बम से हमला कर दिया और लाखों इंसान का कत्ल किया जिसने अफगानिस्तान और इराक पर सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम दुश्मनी के कारण mother of all bomb से लेकर nuclear टैक्टिकल वेपन का इस्तेमाल करके लाखों बेगुनाह अफ़ग़ानी और इराक़ी का कत्ल किया । और इस पर कातिल खूनी अमेरिका को इंसानियत का मसीहा समझा जाए उसे इंसान दोस्त समझा जाए मुस्लिम हमदर्द समझा जाए । NPT: non proliferation treaty जिसे नूक्लीअर अप्रसार संधि भी कहते है लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों जिनके पास अटामिक वेपन थे उसने इस्राइली यहूदियों को ऐटम बम बनाने की तकनीकी और सामान उपलब्ध कराया । मुस्लिम दुश्मनी मे इराक के ऊपर अंतर्राष्ट्रीय संस्था international atomic...

अमेरिका और पश्चिमी देशों का ढोंग 1 : रासायनिक हथियार

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों का प्रचार की जर्मनी के द्वारा रासायनिक हथियार (chemical weapon) का प्रयोग किया गया इसका दुष्प्रचार किया गया और ऐसा दिखाया गया कि पश्चिमी देश और अमेरिका बिल्कुल मासूम थे बाद के समय मे इंसानियत का कत्ल करने वाले अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम से हमला करके हिरोशिमा और नागासाकी के दसियों लाख बेगुनाह मासूम जापानियों नागरिक का होलोकास्ट किया । सन 2011 मे आई. एस. आई. एस. जैसे संगठन को पश्चिमी देशों और अमेरिका के द्वारा बनाया गया और उनकी बड़ी सैन्य सहायता की गई । दुनिया के बहुत सारे छोटे बड़े देशों के पास ऐसे हथियार मौजूद नहीं थे जो पश्चिमी देशों और अमेरिका के द्वारा निर्मित हथियार इस संगठन के पास उपलब्ध कराए गए थे । आतंकवादियों के भेष मे अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस और अन्य देशों की सेना इराक और सीरिया मे लड़ रही थी । सीरिया मे मशहूर ब्रिटिश आतंकवादी जॉन जिसने बर्बरता की सीमा पार की थी । उधर pentagon अपने बयान मे कहा था कि आई. एस. आई. एस. को 50 साल तक कोई निकाल नहीं सकता । अमेरिका और पश्चिमी देशों ने आतंकवाद को खत्म करने के बहाने आई. एस. आई. एस. की मदद कर...

अमेरिका और पश्चिमी देशों का ढोंग 2 : बाल अपराध

दुनिया भर मे अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस और पश्चिमी देशों के द्वारा गरीब अमीर देशों की दौलत को लूटा गया है । सीधे तौर पर इराक के खज़ाने, लीबिया और सीरिया के खज़ाने को लूटा गया अफगानिस्तान के resources को लूटा गया । अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस और पश्चिमी देश वो पाखंडी देश है जो अन्दर से क्रूर ,ज़ालिम बर्बर है और इनकी क्रूरता ज़ुल्म और बर्बरता का उल्लेख इतिहास मे दर्ज है। अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस और पश्चिमी देशों के अपनी क्रूरता बर्बरता और बेइंतेहा ज़ुल्म के बाद खुद को अपने द्वारा और अपने आपराधिक संगठनों के द्वारा स्वयं को मासूम, इन्साफपरस्त इंसानियत परस्त और ऐसे दिखाते है जैसे यह देश इंसानियत के दोस्त हो, इन्साफपरस्त हो ,मगर इस इंसानियत दोस्त को दिखाने मे कहीं छिपी हुई मक्कारी होती है कहीं शैतानी दिमाग होता है । जो देश इनका अनुयायी न बनता हो विरोध करता हो उसके अमेरिका और पश्चिमी देश खिलाफ है इनके हथियार है सबसे पहले पूरी दुनिया मे उसके सम्मान चरित्र पर हमला करना है , गिराना है जैसे मानवाधिकार का बड़ा उल्लंघन हो रहा है धार्मिक अल्पसंख्यों के साथ भेदभाव हो रहा है उन पर ज़ुल्म हो रहा है महिला को आज़ादी नहीं ...

हज़रत ईसा मसीह का पुनरागमन

हज़रत ईसा का पुनरागमन हज़रत ईसा अलैहिस सलाम के दुनिया मे दोबारा आने के बारे मे बताया गया है “ आदम की औलाद का पुनरागमन” उन दिनों के कलेश के तुरंत पश्चात सूर्य अंधकारमय हो जाएगा तथा चंद्रमा अपना प्रकाश न देगा, और आकाश से तारागण गिरेंगे तथा आकाश की शक्तियां हिलाई जाएगी । तब आदम की औलाद (हज़रत ईसा अलैहिस सलाम ) का चिन्ह आकाश मे दिखाई देगा, और प्रथ्वी की सब जातियाँ विलाप करेगी, और लोग आदम के पुत्र (हज़रत ईसा मसीह) को सामर्थ्य तथा बड़े वैभव सहित आकाश के बादलों पर आते देखेंगे और वह तुरही की तीव्र आवाज के साथ अपने फरिश्तों को भेजेगा, और वे चारों दिशाओ मे आकाश के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक, उसके चुने हुओ को एकत्रित करेंगे । (मत्ती – 24: 29 से 31 ) हज़रत ईसा मसीह के दोबारा दुनिया मे आने से पहले इस प्रकार के हथियारों का प्रयोग हो चुका होगा जिसके नतीजे मे सूरज अंधकारमय हो जाएगा और चंद्रमा से भी कोई प्रकाश (रोशनी ) नहीं होगी । दूसरी बात – आकाश से तारागण गिरेंगे तथा आकाश की शक्तियां (ताकते) हिलाई जाएगी । आकाश से तारागण से तात्पर्य जो तारे है उनका गिरने के बारे मे हो सकता है और दूसरी इस ओर इशारा है ज...

इस्राइल का विनाश 7 : बाइबल

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इस्राइल का विनाश : बाइबल प्रार्थना करो कि तुम्हें शीत ऋतु (ठंड का मौसम) या सब्त के दिन (अर्थात शनिवार) भागना न पड़े क्योंकि ऐसा भारी कलेश होगा जैसा न तो जगत (दुनिया) के आरम्भ से अब तक हुआ और न कभी होगा और यदि वे दिन घटाए न जाते तो एक भी प्राणी न बचता, परंतु चुने हुओ के कारण वे दिन घटा दिए जाएंगे । ( मती 24 : 20 से 22 तक ) इस्राइल के विनाश और महासंकट की शरुआत के बारे मे बताया गया है इसमे इशारा दो चीज़ों का दिया है पहला यह कि प्रार्थना करो कि जाड़े के मौसम मे न हो इसका तात्पर्य इन घटनाओ का जाड़े के मौसम मे होना है दूसरा इसमे सब्त के दिन मे इस घटना की शुरूवात होगी यहूदियों के यहाँ शनिवार Saturday को सब्त का दिन कहा जाता है । इस कलेश के बारे मे बताया जा रहा है कि ऐसा कलेश दुनिया के आरम्भ से न हुआ और न फिर कभी होगा । व्यक्तिगत राय है दुनिया के आरम्भ से अब तक इतने जदीद (आधुनिक) हथियार नहीं थे और न फिर कभी होगा इससे पता चलता है कि दुनिया मे घातक हथियार जैसे परमाणु बम और अन्य का प्रयोग होगा। आगे इस घटना की भयावहता के बारे मे इशारा किया गया और यदि वे दिन घटाए न जाते तो एक भी प्राणी न बचता, पर...

अमेरिका का खिलौना : IAEA

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी का आतंकी इस्राइल के परमाणु बम के एलान के बाद उसकी जांच न करना आतंकी इस्राइल को परमाणु बम बनाने को फ़रोग देना सिर्फ़ और सिर्फ़ मुस्लिम देशो को निशाने पर लेना सलीबी जंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने मे अंतर्राष्ट्रीय संस्था का हाथ है

सऊदी शासक की जंग

यह किसने कहा कि सऊदी शासक जंग नही करते, जंग करते हैं मगर यहूद और नसारा से नही करते हैं यह जंग करते हैं सिर्फ़ और सिर्फ़ मुसलमानो से, इराक़ के मुसलमानों का क़त्लेआम कराना हो सिरिया के मुसलमानों का क़त्लेआम कराना हो अफ़्गानिस्तान के मुसलमानों का क़त्लेआम कराना हो 15 मुल्को को साथ लेकर यमन के मुसलमानों का क़त्लेआम कराना हो सऊदी शासक आगे आगे, यहूद और नसारा से लड़ना हो तो भीगी बिल्ली बन जाते हैं तमगा उस पर यह है कि खादिमैन हरिमैन शरिफ़ैन है कहने का अर्थ है कि अगर यह कुफ़्फ़ार के साथ भी हो तो जायज़ है क्योंकि खादिमैन है हरिमैन और शरिफ़ैन के

LYOD AUSTIN की भारत यात्रा

lyod austin की भारत यात्रा, आतंकी इस्राइल के तोप के गोलो मे कमी होना जिसे 2024 तक supply होंगे यानी 3 महिने लग जाएंगे रुस और चीन आतंकी इस्राइल को कोई असलहा फ़रायम नही करेंगे उत्तरी कोरिया भी अमेरिका विरोधी है पाकिस्तान और अन्य देश यानी nato सदस्य युक्रेन मे अस्लहे की supply कर चुके हैं अब ऐसे मे अमेरिका और आतंकी इस्राइल की उम्मीद भारत से है आने वाला समय बतायेगा कि भारत आतंकी इस्राइल को weapon supply करेगा या नही

मानवाधिकार का भक्षक

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किस बेवकूफ़ ने कहा है कि अमेरिका को मानवाधिकार का अलमबरदार (flag bearer) माने जिसने इन्सानियत का क़त्ल परमाणु बम मार कर किया हो जिसके हाथ दुनियाभर मे बेगुनाहो के खून से रंगे हो चाहे वियतनाम हो अफ़्गानिस्तान इराक़ सिरिया फ़िलिस्तीन पनामा लिबिया आदि हो, अमेरिका को मानवाधिकार का भक्षक मान सकते हैं

हज़रत सालेह की ऊँटनी

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इन्साफ़ करो वर्ना याद रखना!!! हज़रत सालेह की ऊँटनी के क़ातिल सिर्फ़ 4 लोग थे मगर गर्क पूरी कौम हुई क्योंकि बाकि का जुर्म खामोश रहना था !