Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

कादियानी से वार्ता

गोश्त की दुकान पर गोश्त खरीदने गया था गोश्तवाले की दुकान पर एक व्यक्ति आया मैं अखबार पढ रहा था इसी बीच उस शख्स ने इंसान के पूर्वज को बन्दर होना बताया और इसके समर्थन में डार्विन की थ्योरी को बताया और उसका समर्थन किया, मै उसी दुकान पर बैठा सुन रहा था, और उससे मैने कहा यह बात सही हो सकती है कि आप के बाप दादा बन्दर हो मगर मैं जिस रब को मानता हूं उसने हमे बताया कि हमारे पूर्वज हज़रत आदम अलैहिस्सलाम है सो मैं तो हज़रत आदम की नस्ल से हूं और आप डार्विन के सिद्वांत के अनुसार अगर बन्दर की नस्ल से है तो हमें कोई एतराज़ नहीं है। उसके बाद वह शख्स एक दम चुप हो गया। गोश्त वाले ने बताया कि यह रोज़ ऐसे ही परेशान करता है आज इस कादियानी को सही जवाब मिला। /i>

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