Ahmad Rizvi

तुर्की

 अभी हाल ही में यह सुनने में आया है कि एक नाटो टाइप का संगठन मुस्लिम देशों में बना है जिसमें तुर्की सऊदी अरब और पाकिस्तान शामिल हो चुके हैं आने वाले समय में आने वाले समय में बांग्लादेश भी इसमें शामिल हो रहा है तुर्की भारत के खिलाफ किस तरीके का एकदाम कर रहा है इसको समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना चाहिए जब भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल के साथ मिलकर मिलकर साइप्रस को समर्थन देना शुरू किया और ग्रीस को समर्थन देना शुरू किया और आर्मेनिया को हथियारों की सप्लाई करना शुरू किया यह कैसा गठबंधन इसराइल के साथ मिलकर भारत ने बनाया है जिसमें तुर्की की कमर तोड़ने का प्लान अब तुर्की ने भी काफी समय बिताने के बाद भारत के खिलाफ भी पाकिस्तान के साथ मिलकर संकट जो बनाया यह कितना कामयाब होगा या कितना नाकामयाब होगा यह आने वाला समय बताएगा लेकिन हर एक चल के बाद दूसरी चाल चली जा रही है हमारे विश्व गुरु का सारा खेल जो है उसमें अहम रोल यह होता है कि मुसलमान को किस तरह बर्बाद और तबाह किया जाए इसके लिए वह बहुत दूर तक जा सकते  है उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाए जिसमें गुजरात में मुस्लिम नरसंहार के बारे मे...

दज्जाल


 


                  दज्जाल /विनाश का पुत्र

हज़रत ईसा के दोबारा दुनिया मे आगमन के बारे मे और दज्जाल के बारे मे इंजील क्या कहती है जिस तरह इस्लाम मे दज्जाल और हज़रत ईसा का उल्लेख किया गया उस तरह इंजील मे दज्जाल का उल्लेख नहीं है नाम से लेकिन दज्जाल की जो सेफात (लक्षण) बताए गये है वैसे ही इंजील (बाइबल) मे बताए गये है । आइए इस तरफ देखते है थिस्सलुनीकियों 2  (3 से 8) कोई तुम्हें किसी भी तरह धोखा न देने पाए, क्योंकि वह दिन उस समय तक न आएगा जब तक कि पहले धर्म का परित्याग न हो और पाप पुरुष अर्थात विनाश का पुत्र (दज्जाल के बारे मे) प्रकट न हो जाए, जो तथाकथित ईश्वर या पूज्य कहलाने वाली प्रत्येक वस्तु का विरोध करता और अपने आप को उन सब से ऊंचा ठहराता है, यहाँ तक कि परमेशवर के मंदिर मे बैठकर स्वयं को ईश्वर पर्दर्शित करता है । क्या तुम्हें याद नहीं कि जब मै (यानी हज़रत ईसा ) तुम्हारे साथ था, तब ये बाते तुम्हें बताया करता था ? तुम तो जानते हो कि अपने ही समय मे प्रकट होने के लिए अभी उसे क्या रोके हुए है । क्योंकि अधर्म का रहस्य अभी भी कार्यशील है , और जब तक रोकने वाला हटा न दिया जाए तब तक वह उसे रोके रहेगा । तब वह अधर्मी प्रकट किया जाएगा जिसे प्रभु (हज़रत ईसा ) अपने मुंह की फूँक से मार डालेगा और अपने आगमन के तेज से भस्म कर देगा ।

टिप्पणी : हुज़ूर करीम मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम की हदीस मे जो जिक्र दज्जाल का आया है उसमे आखिरी ज़माना मे दज्जाल का निकलना और हज़रत ईसा अलैहिस सलाम का मकाम मे लूद मे उसका कत्ल करने का जिक्र है इस हदीस मे भी यह जिक्र है कि दज्जाल को अगर  हज़रत ईसा कत्ल न भी करे तब भी दज्जाल उनकी साँसों से मर जाएगा अपितु हज़रत ईसा उसका कत्ल करेंगे ।

क्योंकि वह दिन उस समय तक न आएगा जब तक कि पहले धर्म का परित्याग न हो और पाप पुरुष अर्थात विनाश का पुत्र (दज्जाल के बारे मे) प्रकट न हो जाए, जो तथाकथित ईश्वर या पूज्य कहलाने वाली प्रत्येक वस्तु का विरोध करता और अपने आप को उन सब से ऊंचा ठहराता है, यहाँ तक कि परमेशवर के मंदिर मे बैठकर स्वयं को ईश्वर पर्दर्शित करता है।

हज़रत ईसा के दोबारा आने से पहले धर्म के परित्याग के बारे मे और दज्जाल के ज़ाहिर होने का जिक्र है धर्म का परित्याग क्या है इसको समझने के लिए प्रोटेस्टेंट को समझे जिन्होंने कुरान और इंजील की हर हिदायत और हुक्म का विरोध किया गया जैसे समलैंगिकता का समर्थन , ब्याज का समर्थन बीबी मरियम के पर्दे का जिक्र इंजील मे आने के बाद भी पर्दे का विरोध किया गया इस तरह हर चीज का विरोध इन अधर्मी ईसाईयों ने किया है और दुनिया भर के तमाम विभिन्न धर्मों के अधर्मीयों को अपने साथ मिलाया आज दुनिया मे तमाम लोग इन अधर्मीयों का विरोध करने के बजाय उनके साथ हो गये या ताकत नहीं होने के कारण विरोध करने की हालत मे नहीं है ।   

   

 

 

 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

इंजील मे इमाम हुसैन का ज़िक्र

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है