Ahmad Rizvi

तुर्की

 अभी हाल ही में यह सुनने में आया है कि एक नाटो टाइप का संगठन मुस्लिम देशों में बना है जिसमें तुर्की सऊदी अरब और पाकिस्तान शामिल हो चुके हैं आने वाले समय में आने वाले समय में बांग्लादेश भी इसमें शामिल हो रहा है तुर्की भारत के खिलाफ किस तरीके का एकदाम कर रहा है इसको समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना चाहिए जब भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल के साथ मिलकर मिलकर साइप्रस को समर्थन देना शुरू किया और ग्रीस को समर्थन देना शुरू किया और आर्मेनिया को हथियारों की सप्लाई करना शुरू किया यह कैसा गठबंधन इसराइल के साथ मिलकर भारत ने बनाया है जिसमें तुर्की की कमर तोड़ने का प्लान अब तुर्की ने भी काफी समय बिताने के बाद भारत के खिलाफ भी पाकिस्तान के साथ मिलकर संकट जो बनाया यह कितना कामयाब होगा या कितना नाकामयाब होगा यह आने वाला समय बताएगा लेकिन हर एक चल के बाद दूसरी चाल चली जा रही है हमारे विश्व गुरु का सारा खेल जो है उसमें अहम रोल यह होता है कि मुसलमान को किस तरह बर्बाद और तबाह किया जाए इसके लिए वह बहुत दूर तक जा सकते  है उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाए जिसमें गुजरात में मुस्लिम नरसंहार के बारे मे...

बुरी ताकत !


अरमेगदान वार और हज़रत ईसा के दोबारा आने के बारे मे पादरी और डोनाल्ड ट्रम्प बात कर रहे है बिल्कुल सही बात कर रहे हज़रत ईसा के दोबारा आने का इंतिज़ार ईसाई ही नहीं मुसलमान भी कर रहे है और ईरानी भी कर रहे है रही बात अरमेगदान जंग की जिसमे शैतानी ताकतों और नेक लोगों के बीच जंग होगी ट्रम्प शैतानी ताकतों का प्रतिनिधि कर रहे है और उनका नाम एपेसटीन फ़ाइल मे होना और गुनाहगारी मे शामिल होने वाला शैतानी ताकतों का लीडर हो सकता है ईरान के सुप्रीम लीडर जो निहायत नेक है वो नेक लोगों का प्रतिनिधि कर रहे थे केवल हज़रत ईसा की दोबारा आने की जानकारी का होना नेक होने की दलील नहीं है हज़रत ईसा का दोबारा आने की निशानी यह भी है कि इस्राइल का तबाह होना है इससे पता चलता है कि इस्राइल को अच्छी ताकत नहीं है बुरी ताकत है और बुरी ताकत का अरमेगदान मे हार होनी है इसी तरह अमेरिका जैसे सुपर पावर का अपने से बहुत छोटी ताकत ईरान से शिकष्त खाना भी यह बता रहा है कि बुरी ताकत कितनी भी ताकतवर क्यों न हो वो फिरौन की तरह हार होना निश्चित है ।


 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

इंजील मे इमाम हुसैन का ज़िक्र

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है