Ahmad Rizvi

यज़ीदी मुसलमान नहीं है

इस्लाम में कट्टरपंथ नहीं है वो अमन व अमान का मज़हब है यज़ीदियत इस्लाम नहीं है और यज़ीदी मुसलमान नहीं है इसलिए इस्लाम से नफ़रत करने वाले लोगों इस्लाम को निशाना बनाना छोड़ो तुम आतंकवाद और यज़ीदियों की हरकत को इस्लाम की हरक़त न बनाये सन 680 में ही यज़ीदियत ने इस्लाम को मिटाने की कोशिश की थी उस से पहले और उसके बाद एक नहीं हज़ारों बार यज़ीदियत को इस्लाम से अलग किया गया है हर अपराध में जिसको इस्लाम से जोड़ा जाता है उसमें हर बार कोई एक यज़ीदी शामिल होता है और यह यजीदी इस्लाम का दुश्मन है रसूल ए खुदा का दुश्मन है इस्लाम की दी गई तालीम का दुश्मन है

बुरी ताकत !


अरमेगदान वार और हज़रत ईसा के दोबारा आने के बारे मे पादरी और डोनाल्ड ट्रम्प बात कर रहे है बिल्कुल सही बात कर रहे हज़रत ईसा के दोबारा आने का इंतिज़ार ईसाई ही नहीं मुसलमान भी कर रहे है और ईरानी भी कर रहे है रही बात अरमेगदान जंग की जिसमे शैतानी ताकतों और नेक लोगों के बीच जंग होगी ट्रम्प शैतानी ताकतों का प्रतिनिधि कर रहे है और उनका नाम एपेसटीन फ़ाइल मे होना और गुनाहगारी मे शामिल होने वाला शैतानी ताकतों का लीडर हो सकता है ईरान के सुप्रीम लीडर जो निहायत नेक है वो नेक लोगों का प्रतिनिधि कर रहे थे केवल हज़रत ईसा की दोबारा आने की जानकारी का होना नेक होने की दलील नहीं है हज़रत ईसा का दोबारा आने की निशानी यह भी है कि इस्राइल का तबाह होना है इससे पता चलता है कि इस्राइल को अच्छी ताकत नहीं है बुरी ताकत है और बुरी ताकत का अरमेगदान मे हार होनी है इसी तरह अमेरिका जैसे सुपर पावर का अपने से बहुत छोटी ताकत ईरान से शिकष्त खाना भी यह बता रहा है कि बुरी ताकत कितनी भी ताकतवर क्यों न हो वो फिरौन की तरह हार होना निश्चित है ।


 

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