Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

ट्रंप का ज़ेहनी तवाज़ुन क्यों खराब हो गया?


 सन 1979 के इस्लामिक क्रान्ति के आने के बाद से अब तक अमेरिका ब्रिटेन और अन्य देश ईरान से दुश्मनी करते चले आ रहे हैं |

अमेरिका इस दुश्मनी मे सरे फ़ेहरिश्त आगे आगे रहा है इराक़ के ज़रिये ईरान पर हमला करा दिया नतीजा अमेरिका के पक्ष मे नही आया 

सन 1979 से लगातार अमेरिका और उसके हवारी ईरान पर सैन्क्सन (प्रतिबंध) लगाकर ईरान को आर्थिक रूप से कमज़ोर करने के साथ ईरान मे इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फ़ेकने का ख्वाब सजोये हुवे थे जो अब तक तामीले तकमील तक कभी पहुंच नही सका |

28 फ़रवरी 2026 पर साम्राज्यवादी और दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने वाला अमेरिका और उसका पिटटू इस्राइल ने मिलकर इस्लामी जम्हूरिया ईरान पर हमला कर दिया इस हमले मे ईरान को जो नुकसान हुवा उससे अमेरिका और इस्राइल खुश है|

ईरान ने होर्मुज़ पर जहाज़ो से जो टैक्स लेना शुरू कर दिया है उससे ईरान की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर होती जा रही है और अमेरिका और इस्राइल अपनी ज़ेहनी तवाज़ुन को खो दिया 

अमेरिका और उसके हवारी देशो के 1979 से जो प्रतिबंध लगाये थे और ईरान को जो नुकसान पहुंचा था वो अब खत्म हो गया है 

डोनाल्ड ट्रंप इस कारण ज़ेहनी तवाज़ुन खो चुके हैं और दुनिया को खतरे मे डाल दिया |


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