Ahmad Rizvi

तुर्की

 अभी हाल ही में यह सुनने में आया है कि एक नाटो टाइप का संगठन मुस्लिम देशों में बना है जिसमें तुर्की सऊदी अरब और पाकिस्तान शामिल हो चुके हैं आने वाले समय में आने वाले समय में बांग्लादेश भी इसमें शामिल हो रहा है तुर्की भारत के खिलाफ किस तरीके का एकदाम कर रहा है इसको समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना चाहिए जब भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल के साथ मिलकर मिलकर साइप्रस को समर्थन देना शुरू किया और ग्रीस को समर्थन देना शुरू किया और आर्मेनिया को हथियारों की सप्लाई करना शुरू किया यह कैसा गठबंधन इसराइल के साथ मिलकर भारत ने बनाया है जिसमें तुर्की की कमर तोड़ने का प्लान अब तुर्की ने भी काफी समय बिताने के बाद भारत के खिलाफ भी पाकिस्तान के साथ मिलकर संकट जो बनाया यह कितना कामयाब होगा या कितना नाकामयाब होगा यह आने वाला समय बताएगा लेकिन हर एक चल के बाद दूसरी चाल चली जा रही है हमारे विश्व गुरु का सारा खेल जो है उसमें अहम रोल यह होता है कि मुसलमान को किस तरह बर्बाद और तबाह किया जाए इसके लिए वह बहुत दूर तक जा सकते  है उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाए जिसमें गुजरात में मुस्लिम नरसंहार के बारे मे...

ट्रंप का ज़ेहनी तवाज़ुन क्यों खराब हो गया?


 सन 1979 के इस्लामिक क्रान्ति के आने के बाद से अब तक अमेरिका ब्रिटेन और अन्य देश ईरान से दुश्मनी करते चले आ रहे हैं |

अमेरिका इस दुश्मनी मे सरे फ़ेहरिश्त आगे आगे रहा है इराक़ के ज़रिये ईरान पर हमला करा दिया नतीजा अमेरिका के पक्ष मे नही आया 

सन 1979 से लगातार अमेरिका और उसके हवारी ईरान पर सैन्क्सन (प्रतिबंध) लगाकर ईरान को आर्थिक रूप से कमज़ोर करने के साथ ईरान मे इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फ़ेकने का ख्वाब सजोये हुवे थे जो अब तक तामीले तकमील तक कभी पहुंच नही सका |

28 फ़रवरी 2026 पर साम्राज्यवादी और दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने वाला अमेरिका और उसका पिटटू इस्राइल ने मिलकर इस्लामी जम्हूरिया ईरान पर हमला कर दिया इस हमले मे ईरान को जो नुकसान हुवा उससे अमेरिका और इस्राइल खुश है|

ईरान ने होर्मुज़ पर जहाज़ो से जो टैक्स लेना शुरू कर दिया है उससे ईरान की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर होती जा रही है और अमेरिका और इस्राइल अपनी ज़ेहनी तवाज़ुन को खो दिया 

अमेरिका और उसके हवारी देशो के 1979 से जो प्रतिबंध लगाये थे और ईरान को जो नुकसान पहुंचा था वो अब खत्म हो गया है 

डोनाल्ड ट्रंप इस कारण ज़ेहनी तवाज़ुन खो चुके हैं और दुनिया को खतरे मे डाल दिया |


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